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गूगल सीईओ सुंदर पिचाई के नाम पर निवेश में फंसा, रिटायर्ड टीचर को लगी ₹23 लाख की चपत

साइबर ठगी के दो मामले सामने आए हैं. पहले मामले में करीब 23 लाख रुपए ठगी हुई. दूसरे मामले में करीब 24 लाख की.

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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : February 18, 2026 at 2:11 PM IST

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Updated : February 18, 2026 at 2:21 PM IST

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देहरादून: उत्तराखंड पुलिस के लिए साइबर क्राइम बड़ी चुनौती बनता जा रहा है. प्रदेश में साइबर फ्रॉड के दो मामले सामने आए हैं. पहला मामला चमोली जिले से सामने आया है, जहां रिटायर्ड शिक्षक से निवेश का झांसा देकर लाखों रुपये ही ठग लिए गए. वहीं दूसरा मामला देहरादून से सामने आया है. यहां आनंदम स्वीट्स के मालिक का मोबाइल हैक कर लाखों रुपए की ठगी की गई. साइबर पुलिस ने दोनों मामले में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी.

पहला मामला: चमोली नंदानगर निवासी रिटायर्ड शिक्षक अंगद सिंह नेगी ने साइबर क्राइम पुलिस को शिकायत दी है. उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि सात अगस्त को वह अपने घर पर फेसबुक चला रहे थे. इस दौरान एक विज्ञापन देखा, जिसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई की ओर से 21 हजार रुपए निवेश संबंधी जानकारी दी जा रही थी.

पीड़ित ने विज्ञापन को खोलने पर विज्ञापन के अंत में दी गई जानकारी को भरकर पंजीकरण किया. इसके बाद 16 सितंबर 2025 को संजय नाम के व्यक्ति ने पीड़ित को फोन किया और मुद्रा वन ट्रेड के बारे में बताया. साइबर ठगों ने डिमेट अकाउंट खोलकर निवेश करने के लिए कहा. उन्होंने बताया कि सामान्य बचत और एफडी पर 7 से 8 प्रतिशत वार्षिक की दर से वृद्धि होती है, जबकि ट्रेडिंग के माध्यम से भी एफडी में 8 से 9 प्रतिशत मासिक की दर से वृद्धि कर दी जाती है.

इसके लिए साइबर ठगों ने पीड़ित से 10 लाख रुपए का निवेश कराया. उसके बाद साइबर ठगों ने पीड़ित से 16 सितंबर 2025 से 30 अक्टूबर 2025 तक अलग-अलग बैंक खातों में कुल 23 लाख 71 हजार रुपए जमा करवाए, लेकिन जब पीड़ित ने रकम निकालने का प्रयास किया तो धनराशि नहीं निकली. तब जाकर पीड़ित को एहसास हुआ कि उसके साथ साइबर ठगी हुई है.

दूसरा मामला: देहरादून में आनंद स्वीट्स के मालिक आनंद स्वरूप गुप्ता ने साइबर क्राइम पुलिस को शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने बताया कि उनका खाता एचडीएफसी बैंक में है. 9 फरवरी को अज्ञात व्यक्ति ने उनका मोबाइल हैक कर दिया और खाते से 24 लाख 95 हजार रुपए किसी अन्य खाते में ट्रांसफर कर दिए. साइबर ठगों ने एक दिन में पांच खातों में यह दिन राशि ट्रांसफर की है. 9 फरवरी को बंद हुआ उनका मोबाइल 12 फरवरी को खुला. जब पीड़ित ने बैंक से खाते की जानकारी ली तो पता चला कि उनके खाते से मोटी धनराशि ट्रांसफर की गई है.

साइबर एएसपी कुश मिश्रा ने बताया है कि दोनों पीड़ितों के साथ हुई साइबर ठगी के मामले में साइबर पुलिस स्टेशन में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. साथ ही दोनों पीड़ितों की ओर से जिन खातों में धनराशि ट्रांसफर की गई है, उन खातों की जांच की जा रही है.

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Last Updated : February 18, 2026 at 2:21 PM IST