मौत बनकर सड़क पर आया कीचड़ का सैलाब, जान बचाकर भागे लोग, मलबे में कार जमींदोज
कार सवार परिवार को अगर लोग बाहर नहीं निकालते तो आज बड़ा हादसा हो सकता था. राजकुमार शाह की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : August 29, 2026 at 11:00 PM IST
कोरबा: बीते 2 दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से सामान्य जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ. शनिवार सुबह भी झमाझम बारिश के बाद सर्वमंगला मंदिर से कनबेरी, सीपत, बिलासपुर तक जाने वाले मार्ग पर कीचड़ का मलबा अचानक से बहकर पहुंच गया. गनीमत रही की मिट्टी, रेत और पत्थरों का मलबा जब नीचे आया तो उसकी जद में आने से लोग बाल-बाल बच गए. एक कार सवार परिवार ने किसी तरह से भागकर अपनी जान बचाई. पीड़ित परिवार ने बताया कि मलबा उनकी कार के डोर और विंडो तक पहुंच गया था. राहगीरों और स्थानीय लोगों की मदद से वो किसी तरह बाहर निकले और उनकी जान बच पाई.
मौत बनकर सड़क पर आया कीचड़ का सैलाब
मलबे के ढेर में एक बस भी फंस गई, जिसमें 40 से 45 लोग सवार रहे. स्थानीय लोगों ने बताया कि गांव जटराज के पास ये हादसा हुआ. दोपहर 12 बजे के करीब प्रस्तावित बसाहट के पास ओवर बर्डन मलबा अचानक से नीचे आने लगा. लोग जबतक कुछ समझ पाते कई गाड़ियां मबले में दब गईं. बड़ी मुश्किल से बस में फंसे मुसाफिरों को वहां से निकाला गया. सड़क पर कीचड़ का सैलाब आने से काफी देर तक जाम के हालात बने रहे. लोग वहां से निकलने के लिए घंटों मशक्कत करते नजर आए. करीब तीन घंटे तक जाम के हालात बने रहे. सर्वमंगला पुलिस चौकी के जवान जरुर मौके पर पहुंचकर जाम को हटाने के लिए डटे नजर आए.
ओवर बर्डन का मलबा ड़क पर आया
जिस स्थान पर यह हादसा हुआ है, उसी स्थान पर सड़क के ठीक किनारे एसईसीएल से प्रभावित गांव जटराज के लिए पुनर्वास ग्राम के लिए प्रस्तावित स्थल है. इस स्थान पर वर्षों पुराना ओवर बॉर्डर मौजूद है. ओवर बर्डन कोयला उत्खनन के दौरान निकाला गया मलबा होता है, जिसे एक पहाड़ नुमा स्ट्रक्चर बनाकर डंप किया जाता है. एक तरह से यह मानव निर्मित छोटे पहाड़ होते हैं, इसी पहाड़ को काटकर इसके नीचे पुनर्वास ग्राम बनाने की तैयारी है. स्थानीय लोग इसका विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है कि पिछले दो-तीन वर्षों से जब से काम शुरू हुआ है, तब से मलबे के ढहने की परिस्थिति बरसात में निर्मित हो रही है. लेकिन इस वर्ष तो परिस्थितियां सबसे ज्यादा खराब हो गईं हैं.

''एसईसीएल की लापरवाही से निर्मित हुई ऐसी स्थिति''
गांव जटराज के भू विस्थापित अशोक पटेल कहते हैं कि यह पूरी तरह से एसईसीएल की लापरवाही है. जिसके कारण यह परिस्थिती निर्मित हुई है. हम सभी जटराज के भू स्थापित हैं और हमें ओवर बर्डन के नीचे बसाहट दिया जा रहा है, हम इसका शुरू से ही विरोध कर रहे हैं. ये जगह रहने लायक नहीं है, ओवर बर्डन को काटने के कारण लगातार मलबा ढह रहा है. सड़क में जाम लगने जैसी स्थिति लगातार निर्मित हो रही है, लेकिन शनिवार को बेहद अधिक मात्रा में कटाव हुआ और पूरा मालबा सड़क पर आ गया.

कार सवार पांच लोगों का परिवार मलबे के नीचे दब गया था. बड़ी मुश्किल से उन्हें बाहर निकाला गया, एक बस भी फंस गया था जिसे निकालने में हमने मदद की है. एक बड़ा हादसा आज टल गया है, अगर किसी को कुछ हो जाता तो इसकी पूरी जिम्मेदारी एसईसीएल पर होती. हम लगातार इस स्थान पर बसाहट दिए जाने का विरोध कर रहे हैं: अशोक पटेल, भू विस्थापित, गांव जटराज
बाल-बाल बची कार सवारों की जान
हादसे में बाल-बाल बचे कार सवार परिवार ने कहा कि वो बलौदा बाजार से रक्षाबंधन मनाकर कोरबा अपने घर लौट रहे थे. तभी तेज बारिश की वजह से ऊपर से तेज गति से मिट्टी और रेत का मलबा नीचे आया. हम लोग कुछ समझ पाते उससे पहले ही मलबा कार तक पहुंच गया और हम कार में बुरी तरह से फंस गए.

करीब 12 बजे का वक्त रहा होगा, मलबा वहां से नीचे आया और हम कार रोकर बाहर निकल पाते उससे पहले मलबा कार के डोर और विडों तक पहुंच चुका था. बड़ी मुश्किल से लोगों ने हमें बाहर निकाला. ऐसा दोबारा न हो हम यही चाहते हैं. हमें मालूम है कि पहले भी यहां इस तरह से मलबा सड़क पर आ चुका है. हमारी कार अब स्टार्ट नहीं हो रही है, हम इसकी शिकायत करेंगे और हर्जाना भी मांगेंगे. जिसकी लापरवाही से ये हुआ है उसको सजा मिलनी चाहिए: रश्मि, पीड़ित महिला
खाली कराया गया मार्ग
सर्वमंगला चौकी का प्रभारी एएसआई विभव तिवारी ने बताया कि भारी बरसात होने के कारण मलबा भरभराकर सड़क पर आ गया. मलबे की वजह से कुछ देर सड़क जाम रहा, जैसे ही हमें सूचना मिली हम मौके पर पहुंचे और मार्ग को जाम से मुक्त कराया. विभव तिवारी ने बताया कि यह मार्ग कनबेरी और उसके बाद सीपत बिलासपुर तक जाने का मुख्य मार्ग है. इस मार्ग से बड़ी तादाद में लोग आवागमन करते हैं.
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