हादसे के बाद जागा पानीपत नगर निगम, निगम कमिश्नर-मेयर की चेतावनी-'तीन दिन में काम पूरा करें वर्ना भारी जुर्माना-ब्लैकलिस्टिंग'
हादसे के बाद ठेकेदार को पानीपत नगर निगम की चेतावनी, तीन दिन में काम पूरा नहीं हुआ तो भारी जुर्माना और ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई की जाएगी.

Published : August 23, 2026 at 4:56 PM IST
पानीपतः वार्ड-3 में खुले और गहरे नाले में महिला के गिरने की घटना के बाद नगर निगम प्रशासन हरकत में आ गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम कमिश्नर डॉ. पंकज यादव शनिवार को निगम अधिकारियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे. मेयर कोमल सैनी भी मौके पर पहुंचीं और क्षेत्र की स्थिति का जायजा लिया.

'तीन दिन के भीतर खुले नालों और कट को बंद करें': कमिश्नर ने मौके पर ही अधिकारियों और ठेकेदारों को कड़े निर्देश जारी करते हुए तीन दिन के भीतर खुले नालों और खतरनाक कट को बंद करने का अल्टीमेटम दिया. आदेशों की अवहेलना होने पर संबंधित कंपनी पर भारी जुर्माना लगाने के साथ उसे ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी गई.
'बैरिकेडिंग करे, ताकि दोबारा कोई हादसा न हो': कमिश्नर ने मौके पर जेसीबी बुलाकर नालों की सफाई का काम भी शुरू कराया. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां भी खुले कट, गहरे गड्ढे और नाले हैं, उन्हें तत्काल बंद कराया जाए. जरूरत के अनुसार प्री-कास्ट स्लैब या अन्य मजबूत व्यवस्था कराकर सभी स्थानों पर बैरिकेडिंग की जाए, ताकि दोबारा कोई हादसा न हो.

कमिश्नर ने माना 'लंबे समय से नाले की नहीं हुई है सफाई': डॉ. पंकज यादव ने कहा कि "यह इलाका बेहद घनी आबादी वाला है और यहां करीब दस-दस फीट गहरे नाले हैं, जिनकी लंबे समय से सफाई नहीं हुई थी. लोगों की परेशानी दूर करने के लिए काम शुरू किया गया है, लेकिन निर्माण कार्य के दौरान कुछ असुविधा होना स्वाभाविक है. उन्होंने बताया कि काम के दौरान लोगों की आवाजाही लगातार बनी रहने के कारण भी दिक्कतें आ रही हैं."
ठेकेदारों को भारी जुर्माना और ब्लैकलिस्टिंग की चेतावनीः कमिश्नर ने कहा कि "अवैध डेयरियों द्वारा सीवर कनेक्शन दोबारा जोड़ना भी बड़ी समस्या है. निगम पहले भी सीलिंग अभियान चला चुका है और अब दोबारा अवैध डेयरियों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी." उन्होंने मौके पर तीनों ठेकेदारों को बुलाकर स्पष्ट निर्देश दिए कि बचा हुआ करीब 100 मीटर का काम निर्धारित समय में पूरा किया जाए." उन्होंने चेतावनी दी कि तीन दिन में काम पूरा नहीं हुआ तो भारी जुर्माना और ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई की जाएगी.

मेयर बोलीं, 'लोगों के विश्वास पर खरा उतरने का प्रयास': मेयर कोमल सैनी ने कहा कि "लोगों ने जिस विश्वास के साथ उन्हें चुना है, उस विश्वास पर खरा उतरने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं." उन्होंने माना कि क्षेत्र के लोगों को काम के चलते काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और यह समस्या वास्तविक है. उन्होंने कहा कि "यहां सीवर लाइन डालने के साथ नालों की सफाई का काम चल रहा है. नाले लंबे समय से ब्लॉक थे. इसके साथ ही सड़क निर्माण का टेंडर भी हो चुका है. सीवर और नालों का काम पूरा होते ही सीसी रोड बनाने का काम शुरू किया जाएगा."

नाले में गिरने की घटना को दुखद बतायाः महिला के नाले में गिरने की घटना को मेयर ने बेहद दुखद बताया. उन्होंने कहा कि हादसा दुर्भाग्यपूर्ण है और निगम का प्रयास है कि काम जल्द से जल्द पूरा कर लोगों को राहत दी जाए. उन्होंने बताया कि कमिश्नर और निगम अधिकारी ठेकेदार से लगातार काम की रिपोर्ट ले रहे हैं और हर तीसरे दिन स्थिति की समीक्षा की जा रही है.

हादसे के बाद सवाल भी, कार्रवाई भीः वार्ड-3 में महिला के गहरे नाले में गिरने की घटना ने निगम की कार्यप्रणाली और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब निगम प्रशासन ने खुले नालों और खतरनाक स्थानों को बंद करने के आदेश तो दे दिए हैं, लेकिन क्षेत्रवासियों को स्थायी राहत कब मिलेगी, इसकी स्पष्ट समयसीमा अभी सामने नहीं आई है. लोगों की नजर अब इस बात पर है कि तीन दिन के अल्टीमेटम के बाद निगम वास्तव में कितनी तेजी से कार्रवाई करता है.

असली परीक्षा, आदेशों को जमीन पर लागू करने की हैः वार्ड-3 में महिला के खुले नाले में गिरने की घटना ने नगर निगम के अधूरे विकास कार्यों और सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है. हादसे के बाद निगम ने तीन दिन में खुले नालों और खतरनाक गड्ढों को बंद करने का अल्टीमेटम देकर कार्रवाई शुरू कर दी है, लेकिन असली परीक्षा अब इन आदेशों को जमीन पर लागू करने की है. क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि निगम सिर्फ हादसे के बाद कार्रवाई तक सीमित न रहकर सीवर, नालों और सड़क का काम जल्द पूरा कर स्थायी राहत देगा.


