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मुंह के कैंसर पर लगेगा ब्रेक, जींद में मेगा कैंप लगाकर स्वास्थ्यकर्मियों को दी जाएगी विशेष ट्रेनिंग

जींद में ओरल कैंसर रोकथाम के लिए मेगा कैंप लगाकर स्वास्थ्यकर्मियों को ट्रेनिंग दी जाएगी.

Oral Cancer to Be Curbed Mega Camps in Jind
मुंह के कैंसर पर लगेगा ब्रेक (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : January 7, 2026 at 10:36 AM IST

4 Min Read
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जींद: जिले में ओरल कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने इसे रोकने के लिए कमर कस ली है. मुंह के कैंसर को गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या मानते हुए विभाग ने जिलेभर में बड़े स्तर पर स्क्रीनिंग, जागरूकता और उपचार की योजना तैयार की है. अधिकारियों का मानना है कि समय पर जांच और सही जानकारी से इस जानलेवा बीमारी को शुरुआती चरण में ही रोका जा सकता है.

स्वास्थ्यकर्मियों को दी जाएगी विशेष ट्रेनिंग: स्वास्थ्य विभाग की योजना के तहत जिले के सभी स्वास्थ्यकर्मियों को ओरल कैंसर की पहचान, रोकथाम और प्राथमिक उपचार को लेकर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा. इस ट्रेनिंग में मुंह के कैंसर के शुरुआती लक्षण, जांच की प्रक्रिया और संदिग्ध मरीजों को समय पर रेफर करने की जानकारी दी जाएगी. इससे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पताल तक स्क्रीनिंग व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा.

मेगा कैंपों में जांच के साथ उपचार भी: ओरल कैंसर की रोकथाम के लिए जिले में जल्द ही मेगा स्क्रीनिंग कैंप लगाए जाएंगे. इन कैंपों में लोगों की मुंह की जांच की जाएगी और संदिग्ध मामलों में तुरंत उपचार शुरू किया जाएगा. जरूरत पड़ने पर मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर भी किया जाएगा. विभाग का लक्ष्य है कि बीमारी को शुरुआती स्टेज में पकड़कर इलाज को आसान और प्रभावी बनाया जाए.

जींद में मेगा कैंप लगाकर स्वास्थ्यकर्मियों को दी जाएगी विशेष ट्रेनिंग (ETV Bharat)

फ्लोराइड समस्या पर भी विभाग की नजर: ओरल हेल्थ के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग फ्लोराइड की समस्या पर भी विशेष ध्यान दे रहा है. इसके लिए डेंटल सर्जन एमपीएचएस (मल्टी पर्पज हेल्थ सुपरवाइजर) कर्मियों के साथ मिलकर पानी के सैंपल फ्लोराइड लैब भेजेंगे. इन सैंपलों की जांच से यह पता लगाया जाएगा कि कहीं फ्लोराइड की अधिकता से लोगों को फ्लोरोसिस जैसी बीमारियों का खतरा तो नहीं है.

स्कूलों से लिए जाएंगे पानी और बच्चों के यूरिन सैंपल: फ्लोराइड की वास्तविक स्थिति जानने के लिए स्कूलों से पीने के पानी और बच्चों के यूरिन के सैंपल भी लिए जाएंगे. इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चों के स्वास्थ्य पर फ्लोराइड का कितना असर पड़ रहा है. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी ताकि भविष्य में बच्चों को दांतों और हड्डियों से जुड़ी बीमारियों से बचाया जा सके.

डेंटल सर्जनों की जिला स्तरीय बैठक आयोजित: नागरिक अस्पताल के ट्रेनिंग सेंटर में जिलेभर के डेंटल सर्जनों की मासिक बैठक आयोजित की गई. बैठक वरिष्ठ दंत चिकित्सक डॉ. रमेश पांचाल और डॉ. दिनेश की अध्यक्षता में हुई. यह बैठक सीएमओ के दिशा-निर्देशों पर आयोजित की गई, जिसमें पूरे माह में किए गए कार्यों की समीक्षा की गई और आगामी योजनाओं पर चर्चा हुई.

ओरल हेल्थ और तंबाकू नियंत्रण पर जोर: बैठक में डेंटल सर्जन डॉ. कपिल शर्मा ने बताया कि, "जिले में ओरल हेल्थ और तंबाकू कंट्रोल कार्यक्रम के तहत लगातार काम किया जा रहा है. लोगों को तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा रहा है. ओरल कैंसर जागरूकता को लेकर जो भी दिशा-निर्देश दिए गए हैं, उन्हें पूरी गंभीरता से लागू किया जाएगा."

70 प्रतिशत कैंसर मरीज मुंह के कैंसर के: नागरिक अस्पताल के डिप्टी सीएमओ डॉ. रमेश पांचाल ने चौंकाने वाला आंकड़ा साझा करते हुए बताया कि, "कैंसर जांच के लिए आने वाले मरीजों में करीब 70 प्रतिशत मामले मुंह के कैंसर के सामने आ रहे हैं. इसका सबसे बड़ा कारण तंबाकू सेवन है, जिसमें बीड़ी, सिगरेट, पान, सुपारी, गुटखा, खैनी और जर्दा शामिल हैं."

नियमित जांच और जागरूकता ही बचाव: स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे तंबाकू उत्पादों से दूरी बनाएं और साल में कम से कम दो बार अपने मुंह की जांच जरूर करवाएं. डेंटल सर्जनों की इस बैठक और आगामी मेगा कैंपों का मुख्य उद्देश्य जिले में ओरल कैंसर के खिलाफ व्यापक अभियान चलाना है. विभाग ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही कैंपों की तिथियां और स्थान घोषित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें.

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