ETV Bharat / state

भिवानी के बवानीखेड़ा माइनर में दीवार को लेकर बवाल, कई गांव के किसान एक दूसरे के आमने-सामने

तीन गांवों के किसान बवानीखेड़ा माइनर में दीवार का विरोध करने के लिए सिंचाई विभाग के कार्यालय पहुंचे.

Opposition to the wall at Bhiwani's Bawani Khera Minor
भिवानी में तीन गांवों के किसान पहुंचे सिंचाई विभाग (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Haryana Team

Published : July 1, 2026 at 3:25 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

भिवानी: जिले के बवानीखेड़ा माइनर में बनाई गई एक दीवार को लेकर किसानों और सिंचाई विभाग के बीच विवाद गहरा गया है. तीन गांवों के किसानों ने आरोप लगाया है कि दीवार बनने से माइनर के अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच रहा, जिससे खरीफ की फसलें सूखने लगी हैं. किसानों ने सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता से मिलकर दीवार हटाने की मांग की है.

किसानों ने कार्यकारी अभियंता को सौंपा ज्ञापनः भिवानी के बवानीखेड़ा माइनर में 8 हजार मोगा संख्या के पास बनाई गई दीवार का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है. जाटू लोहारी, सुमड़ा खेड़ा और बलियाली गांव के किसान सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता कार्यालय पहुंचे और दीवार हटाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा. किसानों का कहना है कि "इस दीवार के कारण माइनर के टेल सहित करीब दस मोरियां प्रभावित हो गई हैं. सुंदर नहर में पर्याप्त पानी होने के बावजूद माइनर के अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है. इससे खरीफ की फसलें सूखने लगी हैं और गांवों के जोहड़ व तालाब भी पानी के अभाव में खाली हो रहे हैं.

तीन गांवों के किसान पहुंचे सिंचाई विभाग (ETV Bharat)

मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनीः किसानों ने आरोप लगाया है कि इस पूरे मामले में एक बड़े राजनेता के पीए का हस्तक्षेप रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि "यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो आने वाले चुनाव में तीनों गांव इसका जवाब देंगे."

माइनर की दीवार किसान गुटों में बंटेंः इसी बीच गांव पुर के किसान भी कार्यकारी अभियंता कार्यालय पहुंचे. उनका कहना था कि माइनर में बनाई गई दीवार यथावत रखी जाए. दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर समझौते का प्रयास किया गया. करीब आधे घंटे की बातचीत के दौरान जाटू लोहारी, बलियाली और सुमड़ा खेड़ा के किसान छह-छह इंच के दो पाले रखने पर सहमत भी हो गए. लेकिन पुर गांव की ओर से नौ इंच की दीवार रखने की मांग पर अड़ जाने के कारण बातचीत फिर विफल हो गई. इसके बाद तीनों गांवों के किसानों ने माइनर में बनाई गई पूरी दीवार हटाने की मांग को लेकर कार्यकारी अभियंता को लिखित मांगपत्र सौंप दिया.

क्या बोले कार्यकारी अभियंता: सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता राहुल ने बताया कि "दोनों पक्षों की बात सुनी गई और आपसी सहमति बनाने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका." उन्होंने कहा कि "किसानों की ओर से प्राप्त मांगपत्र के आधार पर अब विभागीय नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी."

ये भी पढ़ें-कभी होती थी फिल्मों की शूटिंग, आज जलकुंभी, गंदगी और सरकारी सुस्ती बनी पहचान, क्यों लेट हो रहा बड़खल झील का नवीनीकरण?