ETV Bharat / state

झारखंड बजट सत्र में विपक्ष की चुप्पी पर सियासी गलियारों में तरह-तरह की चर्चा, भाजपा विधायक ने बताई ये वजह

झारखंड बजट सत्र में विपक्ष की उदासीनता पर सत्ता पक्ष के नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है.

Jharkhand budget session
भाजपा विधायक सीपी सिंह, कांग्रेस विधायक श्वेता सिंह, झामुमो विधायक दशरथ गगराई और मंत्री हफीजुल हसन. (कोलाज इमेज-ईटीवी भारत)
author img

By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : February 26, 2026 at 2:05 PM IST

|

Updated : February 26, 2026 at 2:30 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

भुवन किशोर झा

रांची: बजट सत्र के दौरान सदन के अंदर और बाहर विपक्ष की उदासीनता इन दिनों सियासी गलियारे में चर्चा का विषय बना हुआ है. राज्यपाल के अभिभाषण से 18 फरवरी से शुरू हुई सदन की कार्यवाही में इस बार विपक्ष के द्वारा अभिभाषण के चर्चा पर कोई संशोधन नहीं लाया जाना भी सवालों में है. एनडीए की बैठक की बात तो दूर यह पहला मौका है जब विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी विधायक दल की बैठक भी बजट सत्र को लेकर नहीं बुलाई गई.

सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के चेंबर में विधायक दल की बैठक कर औपचारिकता निभाई गई. 17 दिनों के इस बजट सत्र में सात दिनों का कार्य दिवस पूर्ण हो चुका है. ऐसे में शेष बचे कार्य दिवस में उम्मीद की जा रही है कि विपक्ष के रुख में होली के बाद कोई बदलाव होता दिखेगा.

झामुमो विधायक दशरथ गगराई, कांग्रेस विधायक श्वेता सिंह, भाजपा विधायक सीपी सिंह और मंत्री हफीजुल हसन का बयान. (वीडियो-ईटीवी भारत)

विपक्ष की सुस्ती सवालों के घेरे में

सदन में विपक्षी विधायकों के रुख पर सत्तापक्ष भी हतप्रभ है. जेएमएम विधायक दशरथ गगराई कहते हैं कि यह पहला मौका है जब विपक्ष इतना सुस्त है. उन्होंने कहा कि 2014 से सदन की कार्यवाही को देख रहे हैं, लेकिन पहली बार यह देखा जा रहा है कि विपक्ष की भूमिका जो होनी चाहिए जिससे सदन की गरिमा और बढ़े वैसा नहीं है. उन्होंने कहा कि एक कारण नगर निकाय चुनाव भी है. उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव में कई माननीय सदस्यों के परिवार के लोग भी खड़े हैं. कल चुनाव परिणाम आ जाएगा तो उसके बाद सब कुछ सामान्य हो सकता है.

वहीं कांग्रेस विधायक श्वेता सिंह कहती हैं कि सदन में पक्ष और विपक्ष दोनों की अहम भूमिका होती है, लेकिन विपक्ष सुस्त है और सिर्फ बजट पर आलोचना कर इतिश्री करना चाहता है.

यह भी विरोध का एक तरीकाः सीपी सिंह

वहीं इस संबंध में जब भाजपा विधायक सीपी सिंह से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह भी विरोध का एक तरीका है. उन्होंने कहा कि जापान में सरकार से कोई बात मनवानी रहती है तो कारखाने वाले इतना उत्पादन कर देते हैं कि सरकार के लिए मुसीबत खड़ी हो जाती है. वह हड़ताल नहीं करते हैं, बल्कि उत्पादन इतना कर देते हैं कि इससे परेशानी बढ़ जाती है.

विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहींः हफीजुल हसन

वहीं मंत्री हफीजुल हसन कहते हैं कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है. जैसे कि मंईयां सम्मान योजना में जो राशि मिलती है उसपर विपक्ष बोलता था, लेकिन वह अब मुद्दा ही नहीं रहा. इसी तरह से जो भी सवाल विपक्ष के द्वारा उठाए जाते हैं उसका जवाब सत्ता पक्ष के द्वारा पहले से ही तैयार कर रखा जाता है और दिया भी जाता है.

ऐसे में विपक्ष मुद्दा विहीन है और यही बड़ी वजह है कि वह सदन के अंदर और बाहर सुस्त हो गया है. एक सवाल के जवाब में हफीजुल हसन ने कहा कि कोई भी राजनीतिक खिचड़ी विपक्ष के साथ नहीं पक रही है.

ये भी पढ़ें-

खौफ के साये में जी रहे हैं एचईसी से विस्थापित हजारों रैयत, गांव की हो गई है रजिस्ट्री, राजेश कच्छप का ध्यानाकर्षण, सरकार का ये जवाब

सीएम हेमंत सोरेन और ED के मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला, जानें बीजेपी और झामुमो नेताओं ने क्या कहा?

धनबाद में एयरपोर्ट की मांग पर खींचतान, अरुप चटर्जी और मथुरा महतो का ध्यानाकर्षण, सवालों की लंबी फेहरिस्त के बाद मिला ये जवाब

Last Updated : February 26, 2026 at 2:30 PM IST