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गिरल माइंस मजदूर आंदोलन ने पकड़ा तूल, विधायक भाटी के कदम से गरमाई सियासत, जानिए किसने क्या कहा...

भाटी के आत्मदाह की कोशिश के बाद गहलोत और जूली समेत विपक्षी नेता भजनलाल सरकार पर हमलावर है.

MLA Bhati sits on a sit-in protest with villagers.
ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठे विधायक भाटी (ETV Bharat Barmer (File Photo))
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : May 20, 2026 at 8:41 AM IST

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Updated : May 20, 2026 at 9:03 AM IST

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बाड़मेर: गिरल गांव में लिग्नाइट माइंस के मजदूरों के समर्थन में मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट में शिव से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी की आत्मदाह की कोशिश से राज्य की सियासत गरमा गई. भाटी के कदम के बाद विपक्ष ने भाजपा सरकार को घेरना शुरू किया. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाया एवं इसे प्रशासनिक संवेदनहीनता का नतीजा बताया.

विधायक की ही सुनवाई नहीं: शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी के कदम के बाद पूर्व सीएम गहलोत बोले, गिरल माइंस के मजदूर लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने अब तक उनसे बात करना जरूरी नहीं समझा. यही वजह है विधायक रविंद्र सिंह भाटी को इतना बड़ा कदम उठाने को मजबूर होना पड़ा. भाजपा शासन में अगर एक विधायक की आवाज को भी अनदेखा किया जा रहा है तो आमजन की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है. उन्होंने राज्य सरकार से मजदूरों की मांगों पर तुरंत सकारात्मक निर्णय लेने और समाधान निकालने की मांग की.

पढ़ें:Video: रविंद्र सिंह भाटी ने ज्वलनशील पदार्थ छिड़क की खुद को आग के हवाले करने की कोशिश

सरकार की घोर लापरवाही: नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे विधायक रविंद्र सिंह भाटी को भाजपा सरकार की घर लापरवाही और संवेदनहीनता के कारण कलेक्ट्रेट कूच करना पड़ा और वहां अपने पर पेट्रोल उड़ेलने जैसे कठोर कदम के लिए मजबूर होना पड़ा, यह लोकतंत्र के लिए बेहद (कलंक) दुर्भाग्यपूर्ण है. भाजपा शासन में जब एक विधायक की ही यह दुर्दशा है तो आमजनता की स्थिति कितनी दयनीय होगी, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है. जूली ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से तत्काल हस्तक्षेप और विधायक भाटी एवं मजदूरों के साथ बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान निकालने की मांग की.

थार के धोरों में...: इधर बायतु विधायक हरीश चौधरी की सोशल मीडिया पोस्ट भी चर्चाओं में है. भाटी के इस कदम के बाद चौधरी ने मंगलवार शाम ढलते सूरज की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, थार के धोरों में तपते हुए सूरज की ढलती शाम. हालांकि उन्होंने अपनी पोस्ट में कहीं भी रविंद्र सिंह भाटी का नाम नहीं लिया है लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे भाटी और गिरल आंदोलन से जोड़कर देखा जा रहा है. बहरहाल अब गिरल माइंस आंदोलन केवल मजदूरों की मांगों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह राजनीतिक मुद्दा बन गया है. एक ओर विपक्ष जहां सरकार को घेरने में जुटा है तो मजदूरों में भी सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ रही है.

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Last Updated : May 20, 2026 at 9:03 AM IST