दिल्ली पुलिस ने पकड़े दो बांग्लादेशी, 15 दिन की थी अनुमति; उससे ज्यादा भारत में रुके
दिल्ली पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम विदेशी नागरिकों के वीजा स्टेटस की जांच के लिए ‘ऑपरेशन विस्टा 1.0 चला रही है.

Published : September 1, 2026 at 1:40 PM IST
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के सेंट्रल जिले की स्पेशल स्टाफ टीम ने ऑपरेशन विस्टा 1.0 के तहत वीजा नियमों का उल्लंघन कर भारत में निर्धारित अवधि से अधिक समय तक रहने वाले दो बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा है. दोनों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया है. दोनों के खिलाफ निर्वासन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है.
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए विदेशी नागरिकों की पहचान 25 वर्षीय जोमिर हुसैन और 39 वर्षीय एक महिला के रूप में हुई है. दोनों बांग्लादेश के रहने वाले हैं. पुलिस ने सेंट्रल जिले के होटलों और गेस्ट हाउस में विशेष सत्यापन अभियान चलाया था. इस दौरान विदेशी नागरिकों के पासपोर्ट, वीजा और अन्य यात्रा दस्तावेजों की जांच की गई.
दिल्ली में वीजा नियमों का उल्लंघन
जांच में सामने आया कि दोनों भारत में डबल-एंट्री वीजा पर आए थे. उनके वीजा की शर्तों के मुताबिक प्रत्येक यात्रा के दौरान अधिकतम 15 दिन तक भारत में रहने की अनुमति थी. जोमिर हुसैन 9 जुलाई को भारत आया था और उसे अराकाशन रोड, नबी करीम स्थित एक होटल से पकड़ा गया. वहीं, 39 वर्षीय महिला 27 जुलाई को भारत आई थी और उसे चांदी वाला मेन बाजार, पहाड़गंज स्थित एक होटल से पकड़ा गया.
दो बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार
डीसीपी सेंट्रल जिला रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि ऑपरेशन विस्टा 1.0 के तहत विदेशी नागरिकों के वीजा और दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य वीजा नियमों का उल्लंघन करने वाले विदेशी नागरिकों की पहचान करना और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करना है.
अभियान का नेतृत्व स्पेशल स्टाफ के इंस्पेक्टर संदीप यादव ने किया, जबकि निगरानी ACP ऑपरेशंस पदम सिंह राणा की रही. टीम ने दोनों विदेशी नागरिकों के दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें विदेशी पंजीकरण कार्यालय (FRRO) के समक्ष पेश किया. विदेशी पंजीकरण कार्यालय ने दोनों के खिलाफ प्रतिबंध आदेश जारी करते हुए उन्हें सेवा धाम डिटेंशन सेंटर, शाहजादा बाग, सराय रोहिल्ला में रखने के निर्देश दिए. दोनों को निर्वासन की आगामी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक डिटेंशन सेंटर में रखा जायगा.
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