बस्तर में नक्सलवाद खात्मे के बाद नशे के खिलाफ ऑपरेशन उजियारा, कांकेर में गांजे की खेती का खुलासा, 8 महीनों में करोड़ों का गांजा जब्त
उत्तर बस्तर कांकेर में गांजे की खेती और गांजा तस्करी पर पुलिस का प्रहार जारी है. सुशील सलाम की रिपोर्ट

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : September 2, 2026 at 11:08 PM IST
कांकेर: बस्तर से नक्सलवाद का खात्मा होने के बाद गांजे की खेती पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है. उत्तर बस्तर कांकेर जिले में पुलिस ने गांजे की खेती का खुलासा किया है. खेतों और बाड़ियों में सब्जी और अन्य फसलों के बीच गांजे के पौधे उगाकर मुनाफा कमाने का खेल सामने आया है. जनवरी से अब तक पुलिस ने जिले में गांजे की खेती से जुड़े चार मामलों में कार्रवाई करते हुए 1200 से ज्यादा पौधे जब्त किए हैं. ऑपरेशन उजियारा के तहत पुलिस लगातार खेतों में दबिश देकर गांजे के पौधे जब्त कर रही है.
नशे के खिलाफ कांकेर पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन
कांकेर पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक बीते आठ महीनों में नशीले पदार्थों के खिलाफ 30 से ज्यादा कार्रवाई की गई है. इनमें गांजा तस्करी के 24 प्रकरण, गांजे की खेती के 4 प्रकरण और नशीली दवाओं से जुड़े 3 मामले शामिल हैं. इन मामलों में बड़ी संख्या में आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है. पुलिस के अनुसार इस दौरान 200 किलो से अधिक गांजा, जिसकी अनुमानित कीमत एक करोड़ रुपये से ज्यादा है, जब्त किया गया है.
नक्सलवाद खात्मे के बाद नशे के कारोबार पर कार्रवाई-एसपी निखिल राखेचा
कांकेर एसपी निखिल राखेचा ने कहा कि जिले में नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के बाद अब नशे के कारोबार को रोकना प्राथमिकता में शामिल है. उजियारा अभियान के तहत पुलिस सप्लाई के साथ डिमांड को भी नियंत्रित करने पर काम कर रही है. पुलिस का मुख्य फोकस बाहर से होने वाली तस्करी के साथ स्थानीय स्तर पर नशे के कारोबार और उसकी जड़ तक पहुंचना है. नशे के खिलाफ तस्करी में कांकेर पुलिस ने एक्शन लिया है. पिछले आठ महीनों में 30 से अधिक कार्रवाई की गई है और 50 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है.


इस दौरान 200 किलो से अधिक गांजा, जिसकी कीमत एक करोड़ रुपये से ज्यादा है, जब्त किया गया है. इसके अलावा गांजे की खेती के चार मामलों में 1200 से अधिक पौधे बरामद किए गए हैं. पुलिस का लक्ष्य केवल गांजे के ट्रांजिट को रोकना नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर इसकी खेती, बिक्री और सप्लाई चेन को खत्म करना है- निखिल राखेचा, एसपी, कांकेर

नशे से स्थानीय निवासी भी परेशान
स्थानीय युवा राजा साहू ने कहा कि नशे के अवैध कारोबार का सबसे ज्यादा असर युवा पीढ़ी पर पड़ रहा है. उन्होंने पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए नशे के कारोबार से जुड़े तस्करों, दलालों और मुख्य सरगनाओं के खिलाफ और सख्त कार्रवाई की मांग की है.

कांकेर पुलिस ने नशे से जुड़ी सूचना देने के लिए हेल्पलाइन नंबर 94791955125 भी जारी किया है. इस नंबर पर फोन कर लोगों नशे से जुड़े मामलों की शिकायत कर सकते हैं. पुलिस यहां मिलने वाली सूचना पर तुरंत एक्शन लेती है. इसके अलावा नशे की गिरफ्त में शामिल लोगों को नशामुक्ति केंद्र में भर्ती करवाकर इलाज कराने का काम भी कांकेर पुलिस कर रही है.


