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प्रयागराज: सीवर के खुले गड्ढे बने आफत, बेजुबान और बच्चे हो रहे शिकार; नगर आयुक्त ने ठेकेदारों को दिया अल्टीमेटम

नगर आयुक्त ने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी

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प्रयागराज: सीवर के खुले गड्ढे बने आफत, बेजुबान और बच्चे हो रहे शिकार; नगर आयुक्त ने ठेकेदारों को दिया अल्टीमेटम (Photo Credit; ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : July 8, 2026 at 6:12 PM IST

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प्रयागराज : मानसून के आगमन के साथ ही प्रयागराज में जलभराव और अधूरे निर्माण कार्यों की वजह से स्थानीय लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं. विशेष रूप से करेली और उसके आसपास के क्षेत्रों में सीवर, ड्रेनेज पाइपलाइन के लिए खोदे गए गड्ढे स्थानीय निवासियों के लिए मुसीबत का सबब बने हुए हैं. जिससे जनता में प्रशासन और ठेकेदारों के प्रति भारी नाराजगी है. वहीं, नगर निगम प्रशासन का दावा है कि बारिश से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं.

प्रयागराज: सीवर के खुले गड्ढे बने आफत, बेजुबान और बच्चे हो रहे शिकार; नगर आयुक्त ने ठेकेदारों को दिया अल्टीमेटम (Video Credit; ETV Bharat)

दरअसल, करेली क्षेत्र में सड़कों पर खुले गड्ढे और अधूरे चैंबर पड़े हैं, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सुस्त रफ्तार से चल रहे कार्यों के कारण बरसात में स्थिति और भी भयावह हो सकती है.

करेली निवासी परवेज उस्मानी ने बताया कि पिछले चार महीनों से सीवर और ड्रेनेज का काम चल रहा है, लेकिन इसकी गति बेहद धीमी है. पिछले तीन महीनों से गड्ढे ऐसे ही खुले पड़े हैं, जिनमें आए दिन बच्चे और मवेशी गिर रहे हैं. बारिश के कारण गड्ढों की मिट्टी सड़कों पर बह रही है, जिससे बाइक सवार भी हादसे का शिकार हो रहे हैं. उन्होंने सरकार से इसे ठीक कराने की मांग की है.

इसी तरह स्थानीय निवासी मोहम्मद जीशान ने कहा कि ठेकेदार हर जगह खुदाई करके छोड़ दे रहे हैं, जिससे बुजुर्गों, बच्चों और एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं के आने-जाने में भारी दिक्कत हो रही है. वहीं, शोभित कुशवाहा ने कहा कि ठेकेदारों द्वारा सही निर्माण सामग्री का उपयोग न किए जाने और लापरवाही के कारण जनता को यह खामियाजा भुगतना पड़ रहा है.

इस मामले में नगर आयुक्त साईं तेजा ने कहा कि प्रयागराज भौगोलिक रूप से गंगा और यमुना नदियों के बीच बसा है, इसलिए प्राकृतिक जल निकासी को सुचारू रखना बेहद जरूरी है. शहर के सभी 125 नालों की साफ-सफाई के लिए पिछले दो महीनों से रोस्टर बनाकर काम किया जा रहा था, जो अब लगभग पूरा हो चुका है. उन्होंने बताया कि भारी बारिश के दौरान जब नदियों का जलस्तर बढ़ने पर फ्लड गेट बंद हो जाते हैं, तो पंपिंग के माध्यम से पानी को बाहर फेंका जाएगा, इसके लिए चोक पॉइंट्स को चिन्हित कर वहां अतिरिक्त मैनपावर और आवश्यक मशीनरी तैनात कर दी गई हैं.

नगर आयुक्त ने यह भी कहा कि कुछ जगहों पर कार्य अभी प्रगति पर है. इसके लिए कांट्रैक्टर को 12 महीने का समय मिला हुआ है. हालांकि, मानसून को देखते हुए सभी अधिकारियों को लिखित निर्देश दिए गए हैं कि जितने भी खुले गड्ढे या निर्माणाधीन चैंबर हैं, उन्हें तुरंत बंद किया जाए. उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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