'बुर्का, नकाब, हेलमेट… पहनकर No Entry' बिहार में दुकानों पर लगे पोस्टर, कारोबारी बोले- पहचान दिखाएं.. तभी अंदर जाएं
चेहरा दिखाने को लेकर एक दिन पहले घोषणा हुई और दूसरे दिन से लागू भी हो गया. आगे पढ़े पूरी खबर

Published : January 7, 2026 at 7:31 PM IST
मुजफ्फरपुर : आल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (AIJGF) ने बिहार को लेकर जो फैसला लिया है. उसका असर पहले दिन से ही दिखाई पड़ने लगा है. सोना-चांदी की दुकानों में प्रवेश से पहले लोगों को अपना चेहरा दिखाना पड़ रहा है, तभी उनकी एंट्री हो रही है.
नियम का दिखने लगा असर : बिहार की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले मुजफ्फरपुर जिले की सबसे पुरानी सराफा मंडी यह नियम आज से पूरी तरह लागू कर दिया गया है. खास बात यह है कि दुकानदारों और ग्राहकों के आपसी सहयोग से इस नियम का शांतिपूर्वक पालन किया जा रहा है.
'सुरक्षा के लिहाज से यह नियम' : स्वर्ण कारोबारी शेखर कुमार ने बताया कि सोना-चांदी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. ऐसे में नकाब, हिजाब, घुंघट, गमछा, हेलमेट की आड़ में आने वाले कुछ असामाजिक तत्व इसका गलत फायदा उठा सकते हैं. सुरक्षा के लिहाज से यह नियम ग्राहक और दुकानदार दोनों के लिए जरूरी है.

''यह व्यवस्था पहले से कई अन्य जिलों की सराफा मंडियों में लागू है और अब पूरी बाजार रोड में भी इसे अपनाया गया है. अब कोई भी व्यक्ति यदि दुकान में प्रवेश करना चाहता है, तो उसे हिजाब, नकाब या हेलमेट हटाकर ही अंदर आना होगा.''- शेखर कुमार, स्वर्ण कारोबारी
स्टाफ द्वारा पूरे नियम की दी जा रही जानकारी : स्वर्ण दुकानदारों का कहना है कि इस नियम से किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में पहचान और जांच में प्रशासन को भी काफी सहूलियत होगी. दुकान में आने वाले ग्राहकों को प्रवेश से पहले स्टाफ द्वारा पूरे नियम की जानकारी दी जा रही है, ताकि किसी को असुविधा न हो. ग्राहकों की ओर से भी इस फैसले को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है.

'चेहरा नहीं दिखाए तो व्यापार नहीं' : आल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (AIJGF) बिहार इकाई के अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि यह फैसला पूरी तरह सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. उन्होंने कहा कि बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया. इसमें स्पष्ट किया गया कि यदि कोई ग्राहक चेहरा ढककर दुकान में प्रवेश करता है तो उससे विनम्रतापूर्वक चेहरा दिखाने का अनुरोध किया जाएगा. चेहरा न दिखाने की स्थिति में संबंधित ग्राहक से व्यापार नहीं किया जाएगा.
''ज्वेलरी दुकानें अपराधियों के लिए हमेशा सॉफ्ट टारगेट रही हैं. बीते वर्षों में लूट, चोरी और ठगी की कई घटनाएं सामने आई हैं. जिनमें अधिकांश मामलों में अपराधियों ने मास्क या हेलमेट का सहारा लेकर अपनी पहचान छिपाई. ऐसे में व्यापारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी हो गया है. इसी उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है.''- अशोक कुमार वर्मा, AIJGF अध्यक्ष, बिहार
'दूसरे राज्यों में ऐसा हो चुका' : अशोक कुमार वर्मा ने आगे कहा, जो हेलमेट पहनकर, हिजाब पहनकर आते हैं यह नियम उनके लिए हैं. हम अपने हाथ से उनका कोई भी हिजाब नहीं उतारेंगे, बल्कि उनसे अनुरोध करेंगे कि हमारी इस व्यवस्था में सहयोग करें. चेहरे से नकाब हटाकर दुकान के अंदर आएं. जब आप गले में हार या नथिया पहनकर चेक करेंगी तो हिजाब उतारना ही पड़ेगा, इसलिए हम तो सुरक्षा की दृष्टि से ऐसा करने के लिए कह रहे है. बिहार में ऐसा पहली बार हो रहा है, इससे पहले यूपी के झांसी और राजस्थान में ऐसा हो चुका है.

''10 ग्राम सोने की कीमत आज ₹1,40,000 है, एक किलो चांदी की कीमत ₹2,50,000 है. सोना-चांदी का काफी वैल्यू हो गया है. अब लोग अपना पहचान छिपाकर दुकानों में ग्राहक बनकर खरीदारी करने आते हैं. कोई हेलमेट पहनकर आता है तो कोई मुरेठा बांधकर आता है. दुकान में दाखिल होने के साथ वे जेवर और गहना दिखाने के लिए कहते हैं. वे लोग 3-4 की संख्या में आते हैं और डकैती डालते लेते हैं. ऐसे में दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी उनका चेहरा नहीं आता है. जिससे प्रशासन को भी शिनाख्त करने में परेशानी होती है.''- अशोक कुमार वर्मा, AIJGF अध्यक्ष, बिहार
मामले पर राजनीति हुई शुरू : इधर, आल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन द्वारा लिए गए फैसले पर बिहार में राजनीति भी शुरू हो गई है. जहां एक ओर सत्ताधारी पार्टियों ने निर्णय को सही ठहराया है, वहीं विपक्ष ने इसपर जोरदार हमला बोला है.
''ज्वेलरी दुकानदारों के द्वारा हिजाब और नकाब प्रतिबंधित किया जाना भारत के संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ है. भारत के संविधान में सभी धर्म के लोगों को धार्मिक आजादी मिली हुई है कि वो अपने धार्मिक परंपरा के अनुसार वेशभूषा और पोशाक पहन सकते हैं. सुरक्षा के नाम पर जो प्रतिबंधित किया गया है यह उचित नहीं है.''- एजाज अहमद, प्रवक्ता, आरजेडी
''आरजेडी को संविधान की दुहाई देने से पहले बताना चाहिए कि संविधान समानता की बात करता है कि तुष्टिकरण की. यहां हिजाब या नकाब मुद्दा नहीं है. बल्कि सार्वजनिक जगहों पर नियम-कानून और समान व्यवस्था का पालन होना चाहिए.''- प्रभाकर मिश्रा, प्रवक्ता, बीजेपी
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