एक फार्मासिस्ट के सहारे CHC, एक डॉक्टर वो भी छुट्टी पर कैसे होगा इलाज?
पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह क्षेत्र में फार्मासिस्ट के सहारे सिविल अस्पताल. दर-दर भटकने को मजबूर मरीज.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : August 28, 2026 at 11:58 AM IST
सराज: हिमाचल प्रदेश में अस्पतालों की जमीनी हकीकत सरकार के दावों की पोल खोल रही है. सिविल अस्पताल थुनाग में एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं. यहां डॉक्टर के न होने से मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. हालात यह है कि डॉक्टर नहीं होने से मरीजों को उपचार के लिए मंडी, शिमला और चंडीगढ़ जाना पड़ रहा है.
फार्मासिस्ट के सहारे सीएचसी थुनाग
थुनाग जो समूचे सराज विधानसभा क्षेत्र का केंद्र बिंदु है. करीब 20 पंचायतों जिसमें, थुनाग, थाच बहल, झूंडी, पखरैर, लम्बाथाच, केऊली, शिल्हीबागी, लेहथाच , शिकावरी, चिऊणी, चेत, जरोल, थाना शिवा, बागाचुनौगी, जैंशला, भाटकीधार, कल्हणी जैसी पंचायतों का का मुख्य केंद्र एवं मंडल कार्यालय होने के कारण रोजाना हजारों लोगों का आना जाना रहता है. पिछले कुछ दिनों से सैकड़ों लोग अपने उपचार करने अस्पताल पहुंच रहे हैं, लेकिन डॉक्टर की कुर्सी खाली देख वापस चले जाते हैं. विभिन्न पंचायतों के मरीज अपना चेकअप कराने अस्पताल पहुंचते हैं लेकिन, वहां डॉक्टर की कुर्सी खाली देख वापस चले जाते हैं.

25 दिनों की छुट्टी पर डॉक्टर
अस्पताल में बैठे फार्मासिस्ट से इस बारे में पूछा गया तो कहा कि, डॉक्टर कब आएंगे उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. डॉक्टर छुट्टी गए हैं फार्मासिस्ट को इस बाबात कोई जानकारी नहीं है. वहीं, चिउणी से अपना इलाज कराने आए चूड़ामणि ठाकुर ने बताया कि, "मैं अपना इलाज कराने डॉक्टर के पास गया था, लेकिन थुनाग में डॉक्टर की कुर्सी खाली देखकर कई लोग हक्के-बक्के रह गए. मेरे अलावा भी कई लोग इलाज कराने आए थे , सभी गेट से ही वापस चले गए.'

सरकार बदलते ही घटाया था अस्पताल का दर्जा
स्थानीय लोगों का कहना है कि, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थुनाग सालों से सफेद हांथी बना हुआ है. पिछली जयराम सरकार ने इस अस्पताल का दर्जा तो बढ़ा दिया था, लेकिन पोस्ट को बढ़ाना भूल गई थी और पांच साल में भी इनडोर सेवा बहाल नहीं हो पाई. वहीं, कांग्रेस सरकार बनते ही इस 50 बेड वाले अस्पताल को नाम का सीएचसी बना दिया. यहां पर तैनात डॉक्टरों का तबादला कर दिया गया. वर्तमान समय में एक ही डॉक्टर यहां तैनात हैं, लेकिन कभी छुट्टी तो कभी ट्रेनिंग पर जाने पर अस्पताल में दवाई तक नहीं मिलती.

भगवान भरोसे छोड़ा है सराज- जयराम ठाकुर
हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री ऐवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि, "पहले अस्पताल को डिनोटिफाइड कर यहां के डॉक्टर का तबादला करना और अस्पताल में एक भी डॉक्टर का न होना गलत है. वर्तमान सरकार ने सराज के लोगों को मरने के लिए छोड़ रखा है."
वहीं, कार्यकारी बीएमओ जंजैहली डॉ. किरन ने बताया कि बीएमओ जंजैहली की पदोन्नति हो गई है जो 13 अगस्त को रिलीव हो गए हैं. थुनाग के डॉक्टर 10 अगस्त से 3 सितंबर तक छुट्टी पर हैं.
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