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श्री मणिमहेश यात्रा के तीसरे चरण के लिए इस दिन तक करा सकते हैं ऑनलाइन पंजीकरण, वैकल्पिक मार्ग भी तैयार

मणिमहेश यात्रा के दौरान भारी बारिश या भूस्खलन की स्थिति में श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग तैयार कर लिया है.

MANIMAHESH YATRA REGISTRATION
मणिमहेश यात्रा पंजीकरण (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : August 17, 2026 at 10:25 AM IST

3 Min Read
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चंबा: श्री मणिमहेश यात्रा–2026 के तृतीय चरण के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया रविवार, 16 अगस्त से शुरू हो गई है. तीसरे चरण के तहत 1 सितंबर से 5 सितंबर 2026 तक यात्रा के लिए श्रद्धालु ऑनलाइन पंजीकरण करवा सकेंगे. भरमौर प्रशासन द्वारा यात्रा के प्रत्येक यात्रा दिवस पर अधिकतम 5,000 श्रद्धालुओं के ऑनलाइन पंजीकरण एवं यात्रा की अनुमति निर्धारित की गई है. पंजीकरण स्लॉट 'First Come, First Served' के आधार पर उपलब्ध होंगे.

ऐसे श्रद्धालुओं को नहीं मिलेगी अनुमति

भरमौर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि, वैध ऑनलाइन पंजीकरण के बिना किसी भी श्रद्धालु को यात्रा मार्ग पर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी. यात्रा के दौरान विभिन्न चेक पोस्ट पर सत्यापन के लिए श्रद्धालुओं को अपने ऑनलाइन पंजीकरण/बुकिंग की प्रिंटेड प्रति साथ रखना अनिवार्य होगा. श्रद्धालु ऑनलाइन पंजीकरण एवं यात्रा से संबंधित आधिकारिक जानकारी www.manimaheshyatra.hp.gov.in पोर्टल पर प्राप्त कर सकते हैं. यात्रा संबंधी सहायता के लिए व्हाट्सऐप नंबर +91 94594 80602 और दूरभाष नंबर 01895-225027 पर संपर्क कर सकते हैं.

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25 अगस्त से श्री मणिमहेश यात्रा (ETV Bharat)

श्रद्धालुओं से अपील

अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (ADM) भरमौर विकास शर्मा ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय पर अपना ऑनलाइन पंजीकरण करवाएं और यात्रा के दौरान भरमौर प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन करें. इसके साथ ही उन्होंने श्रद्धालुओं से केवल आधिकारिक माध्यमों से प्राप्त सूचनाओं पर विश्वास करने और मणिमहेश यात्रा को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित बनाने में भरमौर प्रशासन का सहयोग करने का आग्रह किया है.

आपदा की स्थिति से निपटने को वैकल्पिक मार्ग तैयार

ADM भरमौर विकास शर्मा ने कहा कि, "25 अगस्त से शुरू होने वाली मणिमहेश यात्रा के दौरान यदि पिछले वर्ष जैसी भारी बारिश या भूस्खलन की स्थिति पैदा होती है तो श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग तैयार कर लिया है. यह मार्ग सामान्य रास्ते से करीब एक किलोमीटर लंबा है, लेकिन पूरी तरह सुरक्षित बताया जा रहा है. इसका इस्तेमाल मौसम खराब होने या मुख्य मार्ग बाधित होने की स्थिति में ही किया जाएगा. सामान्य परिस्थितियों में श्रद्धालु पारंपरिक मार्ग से ही मणिमहेश के लिए आवाजाही करेंगे. वैकल्पिक मार्ग वन विभाग के क्षेत्र से होकर गुजरेगा. यह हड़सर-घुई नाला-तोस गोठ-यमकुंड-दुनाली-धन्छौ झरना होते हुए सीधे गौरीकुंड हेलीपैड के पास मुख्य मार्ग से जुड़ेगा."

5,000 श्रद्धालुओं को ही यात्रा की अनुमति

एडीएम विकास शर्मा ने कहा कि, प्रशासन इस बार किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. इस बार मणिमहेश यात्रा के दौरान प्रशासन की व्यवस्थाओं पर पूरी नजर रहेगी. यात्रा के लिए 5,000 श्रद्धालुओं के स्लॉट निर्धारित किए जाएंगे. इसके अलावा ड्रोन के माध्यम से विभिन्न पड़ावों पर श्रद्धालुओं की संख्या और किसी स्थान पर फंसे यात्रियों की स्थिति की निगरानी की जाएगी. पिछले वर्ष आपदा के दौरान दुनाली के पास सामान्य मार्ग को काफी नुकसान पहुंचा था. फिलहाल श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए रास्ता तैयार कर दिया गया है, लेकिन यदि यात्रा के दौरान वहां दोबारा स्थिति खराब होती है तो वैकल्पिक मार्ग को तत्काल चालू किया जाएगा. बिना पंजीकरण किसी भी श्रद्धालु को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी. पंजीकरण की निगरानी के लिए हड़सर में विशेष टीमें तैनात रहेंगी.

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