रायपुर में चल रहा था ऑनलाइन गैंबलिंग का काला कारोबार, एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट ने दी दबिश
मुखबिर की सूचना पर टीम ने कबीर नगर थाना इलाके में दबिश दी. मौके से 4 आरोपी 17 लाख के साथ गिरफ्तार.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : February 13, 2026 at 8:11 AM IST
रायपुर: शहर के पॉश कबीर नगर थाना इलाके में, एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और कबीर नगर थाने की पुलिस टीम ने छापेमार कार्रवाई की. ज्वाइंट ऑपरेशन में ऑनलाइन सट्टा संचालित करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. पकड़े गए आरोपी के कब्जे से पुलिस ने 17 लाख नगद बरामद किया.
ऑनलाइन गैंबलिंग का काला कारोबार
दरअसल, मुखबिर से पुलिस टीम को ये खबर मिली थी कि इलाके में गैंबलिंग का काला कारोबार किया जा रहा है. सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने इलाके में दबिश की तैयारी की. टीम ने रणनीति बनाकर इलाके की पहले घेराबंदी की, फिर जहां गैंबलिंग चल रही थी वहां पर दबिश दी. दबिश के दौरान मौके से चार लोग गिरफ्तार किए गए. पकड़े गए आरोपी ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइट में सट्टा खेलने के लिए आईडी उपलब्ध कराते थे. कबीर नगर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जुआ प्रतिषेध अधिनियम और बीएनएस के तहत सभी पर कार्रवाई की है.
एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट ने दी दबिश
क्राइम एवं साइबर डीसीपी स्मृतिक राजनाला ने बताया कि "मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और कबीर नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने रेड की कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन सट्टा संचालित करने वाले 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए आरोपियों में ओम खेमानी और दीपक सचदेवा पूर्व में खमारडीह थाना क्षेत्र में सट्टा के मामले में जेल जा चुके हैं. आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 17 लाख रुपए नगद बरामद करने के साथ ही मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, चेक बुक और कई बैंक के एटीएम कार्ड, डेबिट कार्ड भी बरामद हुए हैं. पुलिस उनके पास से मिले बैंक खातों की जांच कर रही है. ये बता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन बैंक खातों में कहां से पैसा आया और कहां ट्रांसफर किया गया.
तिरंगा चौक इलाके में पुलिस ने की घेराबंदी
छापे की पूरी कार्रवाई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर की गई. इस कार्रवाई में एंटी क्राइम और कबीर नगर पुलिस के जवान शामिल रहे. पकड़े गए आरोपियों ने अपना नाम दीपक सचदेवा, गौरव सचदेवा, ऋषभ रंगलानी और ओम खेमानी होना बताया है. आरोपियों के पास से बरामद हुए डिजिटल डिवाइस की भी जांच की जा रही है. संभव है आरोपियों से पूछताछ के बाद कई और लोगों को भी गिरफ्तार किया जाए, जो इस काले कारोबार से जुड़े रहे हैं.

