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CBSE स्कूलों के अफिलिएशन के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू, सरस 7.0 पोर्टल से होंगे सभी आवेदन

सीबीएसई ने स्कूलों के अफिलिएशन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. आगे पढ़ें इसके लिए क्या करना पड़ेगा.

CBSE
सीबीएसई (File photo-IANS)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : February 27, 2026 at 1:36 PM IST

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पटना : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई ने शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए स्कूलों की संबद्धता (अफिलिएशन) से जुड़ी ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. बोर्ड की ओर से जारी सूचना के अनुसार विभिन्न श्रेणियों में स्कूल अब सरस 7.0 पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल रखी गई है ताकि स्कूलों को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से मान्यता प्रदान की जा सके. आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है, जबकि कुछ विशेष श्रेणियों में पोर्टल पूरे वर्ष खुला रहेगा.

दिशा निर्देश ध्यान से पढ़े : सीबीएसई के मुताबिक नई संबद्धता, माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक स्तर तक उन्नयन, दूसरे बोर्ड से स्विच ओवर कर सीबीएसई से जुड़ने, सेकेंडरी से सीनियर सेकेंडरी में अपग्रेडेशन, शाखा स्कूल खोलने की अनुमति, दो पालियों यानी टू शिफ्ट में संचालन, अतिरिक्त विषय विशेषकर विज्ञान विषय शुरू करने, स्कूल का नाम या प्रबंधन बदलने, भूमि क्षेत्र में परिवर्तन तथा स्कूल बंद करने या ट्रांसफर से जुड़े मामलों के लिए आवेदन इसी पोर्टल पर किए जाएंगे. बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सभी श्रेणियों के लिए अलग-अलग दिशा निर्देश जारी किए गए हैं जिन्हें ध्यान से पढ़ना अनिवार्य होगा.

पोर्टल पर सभी जानकारी अपडेट रखें : बोर्ड ने स्कूलों को यह भी निर्देश दिया है कि वे अपनी प्रोफाइल और ओएसआईएस पोर्टल से संबंधित सभी जानकारियां अपडेट रखें. शिक्षकों की योग्यता, बुनियादी ढांचा, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय और अन्य आवश्यक दस्तावेज स्कूल की वेबसाइट पर अपलोड करना अनिवार्य होगा. जिन स्कूलों की संबद्धता 31 मार्च 2027 तक वैध है, उन्हें विस्तार के लिए समय रहते आवेदन करना होगा. वहीं मिडिल क्लास सिलेबस से जुड़े स्कूलों को पांच वर्ष के भीतर सेकेंडरी या सीनियर सेकेंडरी स्तर पर अपग्रेडेशन के लिए आवेदन करना होगा.

निरीक्षण प्रक्रिया को लेकर भी है निर्देश : निरीक्षण प्रक्रिया को लेकर भी बोर्ड ने दिशा निर्देश जारी किए हैं. नई संबद्धता, अपग्रेडेशन, शाखा स्कूल, साइट शिफ्टिंग और टू शिफ्ट संचालन के मामलों में अधिकांश प्रकरणों में फिजिकल निरीक्षण किया जाएगा. कुछ मामलों में वर्चुअल निरीक्षण या ऑटोमेटेड मोड से भी प्रक्रिया पूरी की जा सकती है. हालांकि संबद्धता विस्तार से जुड़े अधिकतर मामलों में ऑटोमेटेड मोड को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि समय की बचत हो और प्रक्रिया सरल बन सके.

सभी नियमों को अच्छे से समझे : सीबीएसई ने स्कूल प्रबंधन को सलाह दी है कि आवेदन से पहले सभी सर्कुलर और नियमों को अच्छी तरह समझ लें. आवेदन में किसी प्रकार की त्रुटि पाए जाने पर प्रक्रिया में देरी हो सकती है या आवेदन निरस्त भी किया जा सकता है. बोर्ड का कहना है कि यह नई व्यवस्था स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार लाने और शिक्षा व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

ऑनलाइन प्रणाली से पारदर्शित बढ़ेगी : प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष शमायल अहमद ने कहा कि ऑनलाइन प्रणाली से स्कूलों को आवेदन करने में आसानी होगी और पारदर्शिता भी बढ़ेगी. इससे स्कूलों की मान्यता से जुड़ी प्रक्रिया तेज होगी और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा. सीबीएसई की यह पहल आने वाले वर्षों में स्कूल शिक्षा प्रणाली को अधिक आधुनिक और जवाबदेह बनाने में सहायक साबित होगी.

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