हिमाचल में ई-टैक्सियों में बदलेंगी एक हजार डीजल गाड़ियां, सरकार देगी इतने फीसदी सब्सिडी
हिमाचल में हरित परिवहन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने ये फैसला लिया है. जिसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : December 30, 2025 at 11:14 AM IST
|Updated : December 30, 2025 at 11:41 AM IST
शिमला: हिमाचल सरकार ने राज्य में स्वच्छ और हरित परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने पेट्रोल और डीजल टैक्सियों को ई-टैक्सी में बदलने का फैसला लिया है, जिसके तहत एक हजार डीजल वाहनों को इलेक्ट्रिक टैक्सियों में बदला जाएगा. इस योजना में वाहन मालिकों को 40 फीसदी तक स ब्सिडी दी जाएगी. योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी परिवहन विभाग को सौंपी गई है और इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी गई है. इसमें सरकार ने फीडबैक के आधार पर ई-टैक्सी स्कीम में कुछ बदलाव किया है.
युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर
श्रम विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना-2023 के तहत राज्य सरकार 1 हजार टैक्सी इलेक्ट्रिक में चलने का लक्ष्य पूरा करेगी. अब इस योजना में लाभार्थियों के चयन के लिए ट्रांसपोर्ट विभाग को जिम्मा दिया गया है. इस संबंध में श्रम, रोजगार एवं विदेशी नियोजन विभाग की ओर से अधिसूचना जारी की गई है. इस योजना से स्वच्छ और हरित परिवहन को बढ़ावा मिलने के साथ युवाओं को भी रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे. जिससे युवाओं की आर्थिक सेहत सुधरेगी.

परिवहन विभाग को दी ये जिम्मेदारी
इस योजना की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की जिम्मेदारी परिवहन विभाग को सौंपी गई है. जिसमें परिवहन विभाग राज्य में क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरणों की भूमिका और जिम्मेदारियों को अधिसूचित करेगा. वहीं, डीजल/पेट्रोल वाहन पर चलने वाली मौजूदा टैक्सी को ई-वाहनों (ई-टैक्सी) में बदलने के लिए नियम और शर्तों को भी परिवहन विभाग ही अधिसूचित करेगा. इसके अलावा ऐसी टैक्सियों को ई-टैक्सी में बदलने के लिए दी जाने वाली सब्सिडी के मानदंडों को अधिसूचित करना, उसके बाद (डीजल/पेट्रोल) आवेदनों को आमंत्रित करना, सब्सिडी के वितरण के लिए श्रम, रोजगार और विदेश प्लेसमेंट विभाग को आवेदनों/अनुरोधों को मंजूरी देना और उनकी सिफारिश करने की जिम्मेदारी भी परिवहन विभाग की ही होगी.

