एक सायरन, एक मिनट व एक मिशन: दिल्ली फायर सर्विस की तत्परता की ये है असली कहानी, देखें LIVE DEMO
दिल्ली फायर सर्विस की मौजूदा क्षमता की बात करें तो राजधानी दिल्ली में कुल 66 फायर स्टेशन हैं, जहां 2484 फायर कर्मी तैनात हैं.

Published : January 11, 2026 at 12:56 PM IST
नई दिल्ली: अक्सर आग की घटना के बाद सवाल उठता है कि दमकल की गाड़ियां देर से पहुंचती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है. दिल्ली फायर सर्विस की कार्यप्रणाली तेज, अनुशासन और निरंतर सतर्कता का उदाहरण है.
राजधानी के फायर स्टेशनों पर तैनात दमकल कर्मी 24 घंटे अलर्ट मोड में रहते हैं. जैसे ही आग की सूचना का सायरन बजता है, महज एक मिनट के भीतर फायर टेंडर (दमकल) स्टेशन से लेकर रवाना हो जाते हैं. ये प्रतिक्रिया सिर्फ विशेष परिस्थिति तक सीमित नहीं, बल्कि तय मानक प्रक्रिया का हिस्सा है.
आधुनिक उपकरणों, प्रशिक्षित मानव संसाधन और स्पष्ट कमांड सिस्टम के साथ दिल्ली फायर सर्विस हर आपात स्थिति के लिए तैयार रहती है. आग की गंभीरता के अनुसार संसाधनों की तैनाती, बहुमंजिला इमारतों के लिए विशेष हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म व शहरभर में रणनीतिक तैनाती, ये दर्शाती है कि दमकल विभाग सिर्फ प्रतिक्रिया नहीं देता है, बल्कि जोखिम प्रबंधन की सोच के साथ काम करता है. ये मुस्तैदी राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था की एक मजबूत कड़ी है.
24 घंटे होती है दमकलकर्मी की
ईटीवी भारत से बातचीत में कनॉट प्लेस फायर स्टेशन के स्टेशन ऑफिसर नितिन ने बताया कि दमकल कर्मियों की ड्यूटी 24 घंटे की होती है. इसके बाद उन्हें एक दिन का ऑफ दिया जाता है. वहीं, अधिकारियों की ड्यूटी 72 घंटे की रहती है. बड़े आयोजनों के दौरान किसी भी तरह की चूक न हो इसके लिए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त फायर टेंडर तैनात कर की जाती हैं.

"दिन के समय सूचना मिलते ही एक मिनट के भीतर दमकल स्टेशन से निकल जाती है, जबकि रात के समय यह समय दो मिनट तक हो सकता है. क्योंकि उस वक्त कर्मी विश्राम कर रहे होते हैं. हालांकि अलार्म बजते ही सभी कर्मी तुरंत अलर्ट हो जाते हैं. ईटीवी भारत के सामने इसका लाइव डेमो भी दिखाया गया, जिसमें अलार्म बजते ही दमकल कर्मी दौड़ते हुए फायर टेंडर तक पहुंचे और 45 सेकंड के भीतर दमकल की गाड़ी रवाना हो गई. "
आग की गंभीरता के अनुसार भेजी जाती हैं दमकल
नितिन ने बताया कि आग की गंभीरता के अनुसार फायर टेंडर भेजी जाती हैं. छोटी आग की घटना में एक गाड़ी, जबकि बड़ी घटनाओं में एक से अधिक फायर टेंडर मौके पर भेजी जाती हैं. एक फायर टेंडर में आमतौर पर 4 से 6 दमकल कर्मी होते हैं. बहुमंजिला इमारतों में आग लगने पर हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म वाली फायर टेंडर भेजी जाती है, जिसमें 2 से 3 प्रशिक्षित कर्मी होते हैं.

दिल्ली में कुल 323 दमकल मौजूद
दिल्ली फायर सर्विस की मौजूदा क्षमता की बात करें तो राजधानी दिल्ली में कुल 66 फायर स्टेशन हैं, जहां 2484 फायर कर्मी तैनात हैं. इसके साथ ही 24 स्थानों पर क्यूआरवी (क्विक रिस्पॉन्स व्हीकल) और कुल 323 फायर टेंडर मौजूद हैं. यह पूरी व्यवस्था दिल्ली जैसे बड़े मेट्रो शहर के लिए बेहद अहम है, खासकर तब जब नए साल पर हजारों लोग क्लब, होटल व रेस्टोरेंट में जश्न मनाने जुटते हैं.

- दिल्ली में 66 फायर स्टेशन हैं, जहां कुल 2484 फायर कर्मी 24×7 तैनात रहते हैं.
- राजधानी में 323 फायर टेंडर हैं, साथ ही 24 स्थानों पर क्यूआरवी तैनात हैं.
- दिन में कॉल आते ही 1 मिनट व रात में 2 मिनट में निकल जाती है दमकल.
- एक फायर टेंडर में आमतौर पर 4–6 और हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म वाली गाड़ी में 2–3 दमकल कर्मी होते हैं.
- फायरकर्मियों की ड्यूटी 24 घंटे की होती है. इसके बाद 1 दिन की छुट्टी मिलती है. अधिकारियों की ड्यूटी 72 घंटे तक रहती है.
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