उत्तराखंड में यहां अंगीठी जलाकर सो गए दो लोग, दम घुटने से एक की मौत, दूसरे की हालत गंभीर
उत्तरकाशी में ठंड से बचने के लिए कोयले की अंगीठी जलाकर सो गए दो लोग, एक व्यक्ति की गई जान, दूसरा आईसीयू में भर्ती

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : January 9, 2026 at 5:19 PM IST
उत्तरकाशी: पहाड़ों में इन दिनों हाड़ कंपा देने वाली ठंड पड़ रही है. जिसके चलते लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं. इसके अलावा कई लोग रात को सोते वक्त गर्माहट पाने के लिए अंगीठी जलाकर सो रहे हैं, जो उनके लिए जानलेवा साबित हो रहा है. ऐसी गलती दो लोगों ने कर दी. जिसके चलते एक व्यक्ति की मौत हो गई तो दूसरे का उपचार चल रहा है.
दरअसल, उत्तरकाशी के चामकोट में बंद कमरे में अंगीठी की गैस के कारण दम घुटने से डुंडा निवासी एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई. दूसरे व्यक्ति को पुलिस और स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस की मदद से उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया. जिसका अभी आईसीयू में उपचार चल रहा है. बताया जा रहा है कि ये दोनों लोग चामकोट गांव में लंबे समय से एक निर्माणाधीन भवन पर मिस्त्री का काम कर रहे थे.
उत्तरकाशी नगर कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक दिल मोहन बिष्ट ने बताया कि चामकोट गांव में एक भवन में मिस्त्री का कार्य कर रहे दो लोगों ने बीती गुरुवार रात सोते समय कमरे में अंगीठी जला दी थी. सुबह जब उनके कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो ग्रामीण मौके पर पहुंचे. ग्रामीणों ने काफी देर तक उन्हें आवाज देकर जगाने की कोशिश की, लेकिन अंदर से कोई हरकत नहीं हुई. जिस पर ग्रामीणों को अनहोनी आशंका हुई और आनन-फानन में इसकी सूचना पुलिस को दी.
वहीं, सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से दरवाजा खोला तो कमरे के अंदर प्रमोद जोशी पुत्र नत्थी जोशी (उम्र 37 वर्ष) निवासी वीरपुर डुंडा मृत अवस्था में मिला. दूसरी ओर उसका साथी सुरेश चंद पुत्र बिंदी लाल (उम्र 38 वर्ष) निवासी डुंडा बेहोशी की हालत में मिला. पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से बेहोश सुरेश को एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल पहुंचाया.
जहां पर उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे आईसीयू में भर्ती करवाया गया है. उसकी स्थिति भी गंभीर बनी हुई है. पुलिस ने शव का पंचनामा भर आगे की कार्रवाई में जुट गई है. पुलिस की मानें तो ये दोनों लोग लंबे समय से चामकोट में एक निर्माणाधीन भवन में मिस्त्री का काम कर रहे थे. वहीं पर कमरा लेकर रह रहे थे. जो अंगीठी जलाकर सो गए, लेकिन उनमें एक उठ ही नहीं पाया.
कोयले की अंगीठी जलाने वाले बरतें ये सावधानी: उत्तरकाशी के आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुंसाई ने ग्रामीणों से अपील की है कि सोने से पहले कोयले की अंंगीठी बुझाकर सोएं. जिस कमरे में अंगीठी जलाई है, उस कमरे की खिड़की खोलकर सोएं. या फिर अंगीठी हवादार जगह पर जलाएं. ताकि, कोई दुर्घटना न हो. क्योंकि, अंगीठी से जहरीली गैस निकलती है, जो जानलेवा साबित हो सकती है. साथ ही आग को भी बुझाकर सोएं. जिससे अग्निकांड की घटना न हो.
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