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खत्म हुआ लंबा इंतजार! गोठड़ा कलां का निर्माण इसी माह होगा शुरू, प्रदेश के सबसे लंबे ब्रिज में होगा शुमार

ब्रिज निर्माण के लिए 2 साल का समय रखा हुआ है. ऐसे में साल 2028 की शुरुआत में ब्रिज निर्माण पूरा हो जाएगा.

गोठड़ा कलां ब्रिज का निर्माण
गैंता माखीदा ब्रिज. (ETV Bharat Kota)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : January 6, 2026 at 5:52 PM IST

8 Min Read
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कोटा : चंबल नदी पर कोटा जिले के गोठड़ा कलां और बूंदी जिले के चांदणा खुर्द के बीच नया ब्रिज बनने का काम कागजों में चल रहा है. यह काम अगले एक माह में शुरू हो जाएगा. वहीं, 2 साल में इसे बनाने का लक्ष्य सार्वजनिक निर्माण विभाग ने रखा है. सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता जगदीश प्रसाद गुप्ता का कहना है कि गोठड़ा कलां और बूंदी के चांदणा खुर्द के बीच बनने वाले नए ब्रिज के लिए फॉरेस्ट और वाइल्डलाइफ क्लीयरेंस हो गई थी. इनका पूरा पैसा जमा करवाया जा चुका है. साथ ही 256 करोड़ रुपए से ब्रिज के निर्माण की स्वीकृति मिली थी, जिनमें से 189 करोड़ रुपए का वर्क आर्डर कंपनी को जारी किया जा चुका है.

तीन लेन का ब्रिज : गुप्ता का कहना है कि काम मैसर्स आरके जैन एंड ज्योति बिल्डर्स को मिला है. दोनों कंपनियां ज्वाइंट वेंचर के रूप में इसका निर्माण करेंगी. कंपनी कागजी कार्रवाई में जुटी हुई है. इस ब्रिज का निर्माण जनवरी अंतिम सप्ताह या फरवरी शुरुआत में जमीन पर शुरू हो जाएगा. ब्रिज निर्माण के लिए 2 साल का समय रखा हुआ है. ऐसे में साल 2028 की शुरुआत में ब्रिज निर्माण पूरा हो जाएगा. इस ब्रिज के निर्माण से बूंदी, कोटा, बारां जिले के लाखों की आबादी को फायदा होगा. यहां तक कि मध्य प्रदेश से जयपुर की तरफ जाने वाले वाहन चालकों को भी सीधा नया रास्ता मिल जाएगा. चंबल नदी पर 1800 मीटर लंबे ब्रिज के निर्माण होगा. कोटा-बूंदी की तरफ अप्रोच मिलकर इस ब्रिज में 4.8 किलोमीटर का काम होगा, जिसमें ब्रिज की लंबाई 1.8 किलोमीटर है, जबकि 3 किलोमीटर लंबी अप्रोच दोनो तरफ है. यह ब्रिज भी तीन लेन का है.

गोठड़ा कलां का निर्माण इसी माह होगा शुरू (ETV Bharat Kota)

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65 किलोमीटर दूरी पर तीन ब्रिज : चंबल नदी में साल भर पानी रहता है, यह सदा निरा के रूप में जानी जाती है. गैंता माखीदा ब्रिज से एरियल दूरी की बात की जाए तो करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर गोठड़ा कलां चांदणा खुर्द ब्रिज बनाया जाना है, लेकिन सड़क मार्ग से दूरी 25 किलोमीटर के आसपास से है. इसी ब्रिज से करीब 40 किलोमीटर सड़क मार्ग की दूरी पर झरेल के बालाजी में चंबल नदी पर ब्रिज बन रहा है. इसकी एरियल दूरी करीब 20 किलोमीटर के आसपास है, लेकिन सड़क मार्ग से ज्यादा लंबी दूरी होती है. दोनों ब्रिज के बन जाने के बाद संयुक्त रूप से यह प्रदेश का सबसे बड़ा ब्रिज बनने वाला है. वर्तमान में सबसे लंबा ब्रिज गैंता माखीदा तीसरे नंबर पर चला जाएगा. सड़क मार्ग से तीनों ब्रिज की दूरी 65 किलोमीटर के आसपास होगी.

कैसा होगा ब्रिज? जानिए
कैसा होगा ब्रिज? जानिए (ETV Bharat GFX)

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एमपी व बारां से जयपुर जाने के लिए सीधा रास्ता : मध्य प्रदेश और बारां जिले से जयपुर जाने के लिए सीधा रास्ता नया ब्रिज बन जाने के बाद लोगों को मिल जाएगा. वर्तमान में यह लोग इटावा के बाद गैंता माखीदा से लबान जाते हैं. इसके बाद लाखेरी, इंद्रगढ़ होते हुए उनियारा से जयपुर जाते हैं. इस पर रोडवेज बसों का संचालन भी हो रहा है. निजी स्लीपर कोच बस व स्थानीय लोग भी यहां से होकर गुजरते हैं. वर्तमान में लोगों को करीब 25 किलोमीटर उल्टा चलकर जाना पड़ रहा है. नए ब्रिज गोठड़ा कलां से दूरी कम होगी. सीधे वाहन इंद्रगढ़ पहुंच जाएंगे. ऐसे में एमपी व बारां की दूरी 25 किमी कम होगी.

ब्रिज को लेकर फैक्ट्स
ब्रिज को लेकर फैक्ट्स (ETV Bharat GFX)

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हादसा होने के बाद की गई थी घोषणा : साल 2020 में सितंबर महीने में गोठड़ा कलां में चंबल नदी में नाव पलटने का हादसा हो गया था. इसमें सवार होकर श्रद्धालु इंदरगढ़ के कमलेश्वर महादेव जा रहे थे. इनमें करीब 14 लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद सरकार ने इस जगह पर पुलिया बनाने की घोषणा कर दी थी. यह पुलिया निर्माण के लिए शुरुआत 2021 में बजट में डीपीआर की घोषणा हुई और लाखों रुपए की स्वीकृति जारी की गई थी. यह डीपीआर बनने के बाद साल 2022 के बजट में 256 करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी हो गई थी. इसके बाद साल 2022 से ही 3 साल तक लगातार वाइल्डलाइफ और फॉरेस्ट क्लीयरेंस के साथ-साथ अन्य प्रक्रिया में अटका रहा. बीते साल मई 2025 में वाइल्डलाइफ क्लीयरेंस मिली थी, जिसके बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग ने इसके निर्माण के लिए प्रक्रिया शुरू की. अब लैंड एक्विजिशन का प्रोसेस भी शुरू हो गया है.

तीन लेन का ब्रिज
तीन लेन का ब्रिज (ETV Bharat GFX)

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भूमि अवाप्ति अंतिम चरण में : अधीक्षण अभियंता गुप्ता का कहना है कि फॉरेस्ट डिपार्टमेंट को 1.29 करोड़ और वाइल्डलाइफ को 5.13 करोड़ रुपए जमा करवाए गए हैं. इसमें कुल मिलाकर 6.42 करोड़ रुपए दोनों विभागों को दिए गए हैं. लैंड एक्विजिशन में धारा 19 की कार्रवाई हो चुकी है. अब अवार्ड जारी होना शेष है. इस एरिया में अधिकांश जमीन बिना खेती वाली है. कुछ ही खातेदारों की जमीन आ रही है. वर्तमान में चंबल नदी के दोनों तरफ रास्ता बना हुआ है, लेकिन पुल नहीं होने से लोग नाव के जरिए ही आवागमन करते हैं. अपने वाहनों को भी वे नाव में चढ़ा लेते हैं और एक छोर से दूसरे छोर पर पहुंच जाते हैं. इसके बाद दोबारा सड़क मार्ग का उपयोग करते हैं.

इस एरिया में अधिकांश जमीन बिना खेती वाली
इस एरिया में अधिकांश जमीन बिना खेती वाली (ETV Bharat Kota)

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MP को भी एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी : यह ब्रिज स्टेट हाईवे 120 पर बूंदी जिले के इंदरगढ़ से ललितपुर पीपल्दा (शहनावदा) तक है. इसके बाद रास्ता मध्य प्रदेश की तरफ चला जाता है. यहां पर पार्वती नदी आ जाती है, इसीलिए रास्ता भी बारिश के समय बंद रहता है. पार्वती नदी में मध्य प्रदेश सरकार 64 करोड़ रुपए की लागत से नया ब्रिज बना रही है. इसके बाद यहां से सीधी कनेक्टिविटी मध्य प्रदेश की हो जाएगी. वर्तमान में कोटा से श्योपुर जाने के लिए खातौली या फिर बारां जिले के मांगरोल होकर ही जाने का सीधा रास्ता है. इसके निर्माण से इटावा के लोगों को भी मध्य प्रदेश के श्योपुर जाने के लिए खातौली या फिर बारां की तरफ नहीं जाना पड़ेगा. यह लोग सीधे पार्वती के नए ब्रिज का उपयोग कर जा सकेंगे. वहीं, मध्य प्रदेश से सीधा पार्वती का ब्रिज शहनावदा से गोठड़ा कलां ब्रिज का उपयोग करते हुए इंद्रगढ़ और सीधे एक्सप्रेसवे को भी पकड़ सकेंगे.

फिलहाल नदी पार करके लोग जाते हैं
फिलहाल नदी पार करके लोग जाते हैं (ETV Bharat Kota)

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एक साथ ही रहेंगे प्रदेश के तीन सबसे लंबे ब्रिज :

  1. वर्तमान में कोटा जिले के गैंता व बूंदी जिले के माखीदा के बीच सबसे लंबा ब्रिज 1562 मीटर का है. इसका निर्माण साल 2016 में शुरू हुआ था और 2 साल के निर्माण अवधि में यह 2018 में पूरा भी हो गया था. इस ब्रिज की मांग 30 साल से थी, जिसके बाद यह स्वीकृत हुआ और बना है. वर्तमान में बूंदी जिले के लबान और कोटा जिले के इटावा का सीधा संपर्क इस ब्रिज के जरिए हो गया है. इसके पहले प्रदेश का सबसे लंबा ब्रिज कालीसिंध नदी पर बारां जिले में था.
  2. वर्तमान में झरेल के बालाजी के नजदीक कोटा और सवाई माधोपुर जिले की सीमा पर 1800 मीटर लंबा प्रदेश का सबसे लंबा ब्रिज बन रहा है. निर्माण 70 फीसदी हो गया है. इसका निर्माण जून 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है.
  3. इन दोनों ब्रिजों के बीच में तीसरा सबसे लंबा ब्रिज कोटा जिले के गोठड़ा कलां और बूंदी जिले के चांदणा खुर्द के बीच बनाया जाना है. इसकी चंबल घड़ियाल सेंचुरी होने से वाइल्डलाइफ क्लीयरेंस भी मिल गई. साथ ही टेंडर सहित सभी प्रक्रिया हो गई है.