छोटी काशी भिवानी में महाशिवरात्रि पर शिव मंदिरों में लगा भक्तों का तांता, सुबह से जोगी वाला मंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी कतार
छोटी काशी भिवानी में महाशिवरात्रि पर जोगी वाला मंदिर में भक्तों का तांता सुबह 4 बजे से लगा हुआ है.

Published : February 15, 2026 at 9:00 AM IST
|Updated : February 15, 2026 at 9:28 AM IST
भिवानीः आज पूरे देश में महाशिवरात्रि का त्योहार पूरे धूमधाम से मनाया जा रहा है. छोटी काशी के नाम से प्रसिद्ध भिवानी में भिवानी सिद्ध स्थल जोगीवाला शिव मंदिर सहित अन्य मंदिरों को शिवरात्रि के लिए आकर्षक रूप से सजाया-संवारा गया है. मंदिरों का विशेष रंग-रोगन के साथ-साथ लाइटिंग व पुष्प सज्जा किया गया है. सुबह से मंदिरों में शिवलिंग का अभिषेक के साथ पूजा-अर्चना के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई है.
महाशिवरात्रि पर रुद्राभिषेक का है खास महत्वः इस अवसर कई जगहों पर जागरण, भजन-कीर्तन आदि का आयोजन किया जाएगा. भिवानी सिद्धस्थल जोगीवाला शिव मंदिर के महंत वेदनाथ महाराज ने बताया कि फाल्गुन मास की शिवरात्रि को महाशिवरात्रि पर्व के रूप में मनाया जाता है. महाशिवरात्रि में भगवान शिव के रुद्राभिषेक का खास महत्व है. इसलिए इस पावन दिन रुद्राभिषेक करने से भोलेनाथ होते हैं. मान्यता है कि भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने से मन की इच्छाएं पूरी होती हैं. साथ ही ग्रह संबंधित सभी दोष दूर होते हैं. उन्होंने बताया कि 17 फरवरी को भौमवती अमावस्या रहेगी. मंगलवार को आने वाली अमावस्या देव पितृ कार्यों के लिए शुभ है.
भगवान शिव अति शीघ्र होते हैं प्रसन्नः भिवानी के जोगीवाला शिव मंदिर के महंत वेदनाथ महाराज ने बताया कि "महाशिवरात्रि को सुबह स्नान करने के उपरांत भगवान शिव को पंचामृत से स्नान करवाएं. उसके उपरांत भगवान शिव को श्वेत चंदन का तिलक लगाकर अक्षत, बेलपत्र, धतूरा, जायफल, अर्कपुष्प, दूर्वा, फल, मिष्ठान आदि अर्पित करें व केसर युक्त खीर का भोग लगाएं. इसके अलावा पंचाक्षर नमः शिवाय के मंत्र का जाप करते हुए भगवान शिव को यथासंभव गंगाजल अर्पित करें. सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा करने से भगवान शिव अति शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं."
चतुर्ग्रही योग में पूजा-अर्चना कल्याणकारी होता हैः भिवानी के हनुमान जोहड़ी धाम के महंत चरणदास महाराज ने कहा कि "महाशिवरात्रि का विशेष महत्व होता है. भक्त भी महाशिवरात्रि पर मंदिरों में पहुंचकर पूजा अर्चना करते हैं. इस बार महाशिवरात्रि पर्व पर चतुर्ग्रही योग विद्यमान रहेगा, यह एक विशेष योग है, जो हर वर्ष नहीं बनता और इस योग में पूजा-अर्चना कल्याणकारी है. यह योग कुंभ राशि में बनेगा अर्थात कुंभ राशि में राहु, बुध, सूर्य और शुक्र ग्रह मौजूद रहेंगे. इसके अलावा महाशिवरात्रि के दिन धनिष्ठा नक्षत्र तथा परिध योग भी रहेगा."

