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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर बरसे ओपी राजभर, बोले-सपा का प्रचार करने निकले हैं

कन्नौज में आतंकवाद, राजभर समुदाय के लोगों की हत्या और हनुमान जी की जाति पर भी दिया बयान

कन्नौज में ओपी राजभर.
कन्नौज में ओपी राजभर. (Photo Credit; ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : June 7, 2026 at 4:53 PM IST

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कन्नौज: प्रदेश के पंचायती राज विभाग के कैबिनेट मंत्री एवं सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर रविवार को कन्नौज पहुंचे. यहां केके कॉलेज ग्राउंड में आयोजित जनसभा में शामिल होने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की. इस दौरान राजभर ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, समाजवादी पार्टी और विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी.
अविमुक्तेश्वरानंद पर निशाना साधते हुए राजभर ने कहा कि वे समाजवादी पार्टी का प्रचार करने निकले हैं. उन्होंने कहा कि कोई संत यदि बयान देता है तो वह अपनी धार्मिक या सामाजिक मुहिम को लेकर देता है, न कि किसी प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री के विरोध में राजनीतिक टिप्पणी करता है.

कन्नौज में ओपी राजभर. (Video Credit; ETV Bharat)

समाजवादी पार्टी पर आतंकियों को संरक्षण देने संबंधी अपने पुराने बयान को दोहराते हुए राजभर ने कहा कि आजमगढ़ समाजवादी पार्टी का गढ़ माना जाता है और जब भी कोई आतंकी घटना सामने आती है, जांच एजेंसियां सबसे पहले आजमगढ़ का रुख करती हैं. कहा कि यह संयोग नहीं बल्कि एक गंभीर विषय है, जिस पर समाजवादी पार्टी को जवाब देना चाहिए.

राजभर समाज के 23 लोगों की हत्या को लेकर समाजवादी पार्टी द्वारा लगाए गए पोस्टरों पर भी उन्होंने पलटवार किया. कहा कि पोस्टर लगाने वालों ने यह नहीं बताया कि इन हत्याओं के पीछे कौन लोग थे. दावा किया कि राजभर समाज के लोगों की अधिकांश हत्याएं समाजवादी पार्टी से जुड़े लोगों द्वारा कराई गईं.

हनुमान जी को राजभर समाज से जोड़ने वाले अपने पुराने बयान पर उठे विवाद के संबंध में राजभर ने पौराणिक प्रसंगों का हवाला दिया. कहा कि अहिल्या और तारा सगी बहनें थीं. एक का विवाह गौतम ऋषि से और दूसरी का विवाह बाली से हुआ था. तर्क दिया कि कोई पिता अपनी पुत्री का विवाह वानर से नहीं करेगा, इसलिए बाली वानर नहीं बल्कि मानव थे.

जनसभा के दौरान ओम प्रकाश राजभर ने केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं का भी उल्लेख किया तथा कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया. उनके बयानों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है.

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