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लखनऊ में ओलंपियन साक्षी मलिक बोलीं- फेडरेशन को सुधारने की जरूरत, प्रॉपर कोचिंग तक नहीं मिलती

ओलंपियन साक्षी मलिक ने कहा कि फेडरेशन टूर्नामेंट के लिए कोई प्लानिंग नहीं करता. पूरे साल का कोई प्लान नहीं बनाया जाता.

साक्षा मलिक ने एथलेटिका 2025 की मेजबानी की.
साक्षा मलिक ने एथलेटिका 2025 की मेजबानी की. (Photo Credit; School Management)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : November 8, 2025 at 8:28 PM IST

2 Min Read
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लखनऊ : कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह से विवाद के बाद सुर्खियों में आईं ओलंपियन साक्षी मलिक शनिवार को लखनऊ पहुंची. यहां जयपुरिया स्कूल के एनुअल स्पोर्ट्स डे कार्यक्रम में शामिल हुईं. उन्होंने कहा कि फेडरेशन का काम बहुत खराब है और पहलवानों के प्रति उनकी कोई संवेदना नहीं है. प्रतियोगिताओं का आयोजन ठीक से नहीं किया जाता और बहुत कम समय रहते प्रतियोगिताओं की जानकारी पहलवानों को दी जाती है, जिससे तैयारी नहीं हो पाती है.

उन्होंने कहा, मुझे खुशी होती है जब स्कूल खेल को न केवल एक अतिरिक्त शैक्षणिक गतिविधि के रूप में, बल्कि एक जुनून के रूप में बढ़ावा देने की पहल करते हैं. यह बहुत अच्छी बात है, क्योंकि खेल करियर की तैयारी स्कूलों में शुरू होती है. विद्यार्थियों से मैं कहना चाहती हूं कि अगर वे समर्पण के साथ अपने जुनून का पीछा करते हैं, तो वे अपने लक्ष्य हासिल करेंगे.

प्रॉपर कोचिंग का इंतजाम नहीं : साक्षी ने कहा, इंडियन रेसलिंग फेडरेशन को पूरी तरीके से सुधारने की जरूरत है. अभी स्कूल के फंक्शन में हूं तो इस बारे में ज्यादा बात नहीं करूंगी. हालांकि बता दूं कि फेडरेशन टूर्नामेंट के लिए कोई प्लानिंग नहीं करता. पूरे साल का कोई प्लान नहीं बनाया जाता. रेसलर को अचानक टूर्नामेंट के बारे में बताया जाता है, तब वह ट्रेनिंग करता है. पूरी प्रॉपर कोचिंग तक नहीं मिल पाती.

एथलेटिका 2025 की मेजबानी की : सेठ आनंदराम जयपुरिया ग्रुप ऑफ स्कूल्स का वार्षिक अंतर-स्कूल खेल चैंपियनशिप, एथलेटिका 2025 का आयोजन गुरु गोविंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज, लखनऊ में किया गया. ओलंपियन और खेल रत्न से सम्मानित साक्षा मलिक ने एथलेटिका 2025 की मेजबानी की. विशेष अतिथि के रूप में पूर्व ओलंपियन और अर्जुन पुरस्कार विजेता सत्यव्रत कादियान और यश जयपुरिया मौजूद रहे.

यश जयपुरिया ने कहा, पदक जीतना अद्भुत है, लेकिन प्रतिस्पर्धा करने का साहस, प्रशिक्षण के लिए अनुशासन और कभी हार न मानने का जज्बा भी उतना ही सराहनीय है. मेरी नजर में प्रतिभागियों में हर कोई विजेता है.

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