नुवा बाट से बस्तर में बदलाव की नई इबारत, सरेंडर नक्सली कर रहे चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात का दौरा
आत्मसमर्पित माओवादियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में प्रशासन लगातार नई पहल कर रहा है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : December 30, 2025 at 6:32 PM IST
जगदलपुर: बीजापुर के 30 पुनर्वासित युवाओं ने बस्तर के दो प्रसिद्ध जलप्रपात चित्रकोट और तीरथगढ़ का भ्रमण किया. कभी जंगलों और चट्टानों की ओट में ये युवा पुलिस और सुरक्षाबलों की दहशत में दुबक कर रातें काटते थे लेकिन नुवा बाट (नई राह) अभियान ने अब उनके जीवन की दिशा ही बदल दी है.
चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात का दौरा
चित्रकोट और तीरथगढ़ भ्रमण के दौरान पुनर्वासित युवा खासे उत्साहित नजर आए. अब उनके चेहरों पर सुरक्षाबलों का खौफ नहीं है.

नुवा बाट कार्यक्रम के तहत पुनर्वास का लाभ
बीजापुर के इन 30 युवाओं सहित कुल 60 पुनर्वासित युवा वर्तमान में नुवा बाट कार्यक्रम के तहत पुनर्वास का लाभ ले रहे हैं. ये सभी अब हथियार छोड़कर अपने हाथों में हुनर थाम रहे हैं ताकि उनका भविष्य उज्ज्वल हो सके.
स्वरोजगार के लिए ट्रेनिंग
30 युवाओं को ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के जरिए राजमिस्त्री के काम की ट्रेनिंग दी जा रही है. 30 युवा लाइवलीहुड कॉलेज में फूड एंड बेवरेज की ट्रेनिंग ले रहे हैं ताकि हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में खुद को स्थापित कर सकें.
बस्तर जिला प्रशासन की पहल
जगदलपुर जिला प्रशासन ने नुवा बाट में प्रशिक्षण ले रहे इन सभी पुनर्वासित युवाओं को एक किट दिया है. यह किट महज एक सहायता नहीं है. बल्कि यह इस बात का प्रतीक है कि समाज ने उन्हें उनके अतीत को भुलाकर खुले दिल से अपना लिया है. कभी बीहड़ों के अंधेरे और दहशत भरे जीवन में रहने वाले ये युवा आज खुले आसमान के नीचे तीरथगढ़ जलप्रपात के सौंदर्य का आनंद ले रहे हैं. यह सफर बताता है कि बस्तर में शांति, विश्वास और विकास की जड़ें अब गहरी होती जा रही हैं.

