नर्सिंग छात्रा ने हॉस्टल में की आत्महत्या, सुसाइड नोट न मिलने से गुत्थी उलझी
मृतका आराध्या मूल रूप से घाटमपुर थाना क्षेत्र के बरौली गांव की रहने वाली थी, उसके पिता जगजीवन लाल पेशे से किसान हैं.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : February 28, 2026 at 10:29 AM IST
कानपुर: कल्याणपुर थाना क्षेत्र में एक नर्सिंग छात्रा ने अपने हॉस्टल के कमरे में आत्महत्या कर ली. हालांकि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है. सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज मामले की जांच में जुट गई है.
जानकारी के अनुसार, आराध्या मूल रूप से घाटमपुर थाना क्षेत्र के बरौली गांव की रहने वाली थी. उसके पिता जगजीवन लाल पेशे से किसान हैं. परिवार में आराध्या के अलावा दो भाई, प्रांजुल और प्रबल हैं.
मृतका की पहचान आराध्या गौतम (23) के रूप में हुई है. घटना का खुलासा तब हुआ, जब आराध्या के भाई प्रबल ने उसे बार-बार फोन किया, लेकिन दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला. अनहोनी की आशंका होने पर प्रबल ने आराध्या की सहेली और बगल के कमरे में रहने वाली काजल को फोन किया और उसे कमरे में जाकर देखने को कहा.
जब काजल आराध्या के कमरे पर पहुंची, तो दरवाजा अंदर से बंद था. काफी देर तक दरवाजा खटखटाने और आवाज देने के बाद भी जब अंदर से कोई हलचल नहीं हुई, तो भाई प्रबल खुद हॉस्टल पहुंचा. इसके बाद हॉस्टल के गार्ड और अन्य लोगों की मदद से कमरे का दरवाजा तोड़ा गया. अंदर जाते ही सबके होश उड़ गए. आराध्या का शव फंदे से लटक रहा था.
भाई प्रबल ने बताया कि वह खुद भी कल्याणपुर पनकी रोड पर किराए का कमरा लेकर रहता है और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ-साथ नौकरी भी करता है. आराध्या गुरुवार को अपने घर गई थी और शुक्रवार दोपहर को ही वापस हॉस्टल लौटी थी. वापस आने के कुछ ही घंटों के भीतर उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया.
घटना की सूचना मिलते ही गार्ड ने 112 नंबर पर पुलिस को सूचित किया. मौके पर कल्याणपुर थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह अपनी टीम और फॉरेंसिक टीम के साथ पहुंचे. पुलिस ने घटनास्थल से निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.
थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह के अनुसार, छात्रा शुक्रवार दोपहर को ही घर से आई थी और उसके तुरंत बाद उसने फांसी लगा ली. कमरे की तलाशी के दौरान कोई सुसाइड नोट या ऐसी जानकारी नहीं मिली है, जिससे आत्महत्या के कारणों का पता चल सके.

