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नर्सिंग भर्ती मामला विवाद, फ्रंटफुट पर आया बेरोजगार संघ, बड़े आंदोलन की चेतावनी

नर्सिंग भर्ती मामले को लेकर बेरोजगार संघ ने 3 दिन में जांच की मांग की है. साथ ही बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है.

NURSING RECRUITMENT CONTROVERSY
नर्सिंग भर्ती मामला विवाद (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : August 20, 2026 at 3:45 PM IST

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देहरादून: हाल ही में 25 जून, 25 जुलाई और 26 जुलाई को आयोजित हुई नर्सिंग भर्ती परीक्षा को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. नर्सिंग एकता मंच और बेरोजगार संघ ने संयुक्त रूप से नर्सिंग भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पैसों के लेन-देन के गंभीर आरोप लगाए हैं. नर्सिंग एकता मंच के अध्यक्ष नवल पुंडीर का कहना है कि वो वर्षवार भर्ती के जाने की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं, लेकिन उनकी मांगों का समाधान नहीं हो पा रहा है.

वही राम कंडवाल और नवल पुंडीर ने संयुक्त रूप से दावा किया कि उन्हें कुछ ऐसे लेन-देन से जुड़े साक्ष्य मिले हैं, जिनमें एक अभ्यर्थी से नौकरी दिलाने के नाम पर कथित तौर पर लाखों रुपये की मांग और भुगतान किए जाने की बात सामने आई है.

नर्सिंग भर्ती मामला विवाद (ETV Bharat)

राम कंडवाल के अनुसार, चारू चंद्र जोशी नाम के व्यक्ति पर एक महिला अभ्यर्थी से करीब 32 लाख रुपये की मांग करने का आरोप है. अभ्यर्थियों का दावा है कि यह रकम अलग-अलग खातों के माध्यम से भेजी गई. कुल लेन-देन करीब 35 लाख रुपये तक बताया जा रहा है. आंदोलनकारियों का यह भी आरोप है कि संबंधित महिला अभ्यर्थी ने कथित भुगतान की व्यवस्था करने के लिए सोना और अन्य सामान तक गिरवी रखा. इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है. पूरे मामले की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.

नर्सिंग एकता मंच ने सवाल उठाया कि यदि एक अभ्यर्थी से इतनी बड़ी रकम की मांग की गई, तो क्या इसमें अकेला व्यक्ति शामिल है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है? आंदोलनकारियों ने भर्ती प्रक्रिया में कथित अंदरूनी मिलीभगत की भी जांच होनी चाहिए. उन्होंने भर्ती प्रक्रिया को लेकर पहले भी सरकार और संबंधित अधिकारियों को अपनी आशंकाओं से अवगत कराया था. उनका आरोप है कि लिखित आश्वासन मिलने के बावजूद उनकी शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं की गई. परीक्षा जल्द आयोजित कर दी गई. अभ्यर्थियों ने यह भी कहा कि करीब दो हजार अभ्यर्थियों द्वारा आवेदन नहीं किए जाने के मुद्दे पर भी पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया.

नर्सिंग एकता मंच ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि भर्ती प्रक्रिया की तत्काल जांच के लिए एसटीएफ या एसआईटी का गठन किया जाए. जांच पूरी होने तक भर्ती परीक्षा को निरस्त करने पर विचार किया जाए. आंदोलनकारियों ने कहा सरकार को जांच के निष्कर्ष सार्वजनिक करने चाहिए, ताकि अभ्यर्थियों और प्रदेश की जनता के सामने पूरी सच्चाई आ सके.

नर्सिंग एकता मंच और बेरोजगार संघ ने सरकार को तीन दिन का समय देते हुए चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि में जांच को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो नर्सिंग अभ्यर्थी, वरिष्ठ अभ्यर्थी और समर्थन कर रहे अन्य संगठन बड़े आंदोलन के लिए सड़कों पर उतरेंगे.

आंदोलनकारियों ने स्वास्थ्य मंत्री से भी पूरे मामले में अलग जांच टीम गठित कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में कथित रूप से सक्रिय बिचौलियों और माफिया तत्वों पर नजर रखना सरकार की जिम्मेदारी है. हालांकि, लगाए गए सभी आरोप फिलहाल अभ्यर्थियों के दावों पर आधारित हैं. मामले में कथित लेन-देन, संबंधित व्यक्ति की भूमिका और भर्ती प्रक्रिया में किसी अधिकारी या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता की पुष्टि आधिकारिक जांच के बाद ही हो सकेगी.

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