रायपुर में नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन का प्रदर्शन, 11 सूत्रीय मांगों को पूरा किए जाने की मांग
एसोसिएशन ने कहा कि मांग नहीं मानी जाती है तो वो 29 दिसंबर से 3 दिन तक धरना प्रदर्शन करेंगे.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : December 16, 2025 at 7:29 PM IST
रायपुर: नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ अपनी 11 सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर आंदोलन पर है. इसी कड़ी में आज डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर के परिसर में नर्सिंग स्टाफ के द्वारा काली पट्टी लगाकर विरोध प्रदर्शन किया गया. यह प्रदर्शन नर्सिंग स्टाफ के द्वारा केवल रायपुर ही नहीं बल्कि प्रदेश के 10 मेडिकल कॉलेज के लगभग 1300 नर्स इस प्रदर्शन में शामिल हुए.
रायपुर में नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन का प्रदर्शन
नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन ग्रेड पे सहित 11 सूत्रीय मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. काली पट्टी लगाकर सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक नर्सिंग कर्मियों ने काली पट्टी बांधकर नारेबाजी की. अपनी मांगों के समर्थन में शासन का ध्यान अपनी और आकर्षित किया. छत्तीसगढ़ नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन की मांग पूरी नहीं होती है तो 29 दिसंबर से 31 दिसंबर तीन दिनों तक धरना प्रदर्शन करेंगे.
शासन को चेतावनी
छत्तीसगढ़ नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष रीना राजपूत ने बताया कि "पूरे प्रदेश के 10 मेडिकल कॉलेज के 1300 नर्स इस प्रदर्शन में शामिल हैं. मई 2018 में नर्सिंग संवर्ग द्वारा किए गए प्रदेश स्तरीय आंदोलन के दौरान कई कर्मचारियों को दो दिनों तक जेल में रखा गया था. उस समय शासन द्वारा गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर मांगें पूर्ण करने का आश्वासन देकर आंदोलन समाप्त कराया गया. समिति ने तीन माह में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी थी. लेकिन 30 जून 2021 को बिना किसी कारण बताए उक्त रिपोर्ट को अमान्य कर दिया गया."
उग्र आंदोलन की कही बात
नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन कहा, 4 जुलाई 2024 को स्वास्थ्य मंत्री द्वारा यह आश्वासन दिया गया था कि 2 माह के भीतर होने वाली कैबिनेट बैठक में इस संबंध में फाइल प्रस्तुत की जाएगी. बावजूद इसके लगभग डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी समिति की अनुशंसाओं को लागू नहीं किया गया. ऐसे में संघ ने चेतावनी दी है कि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो उग्र आंदोलन किया जाएगा. प्रदर्शन के अंतिम चरण में 29, 30 और 31 दिसंबर यानि 3 दिनों तक धरना प्रदर्शन किया जाएगा जिसकी पूरी जवाबदारी शासन प्रशासन पर होगी.
क्या है 11 सूत्रीय मांगें
- वर्ष 2018 में शासन द्वारा गठित समिति की अनुशंसाओं को तत्काल लागू किया जाए.
- राज्य के सबसे बड़े लगभग 1310 बेड वाले डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय में वर्ष 2016 के बाद से स्टाफ नर्स की नियमित भर्ती नहीं हुई है. 526 स्वीकृत पदों में से लगभग 400 पद रिक्त हैं. 1350 बेड के अनुसार पद स्वीकृत करते हुए स्टाफ नर्सों की शीघ्र नियमित भर्ती की जाए.
- चिकित्सालय में कार्यरत समस्त संविदा एवं डेली वेजेस कर्मचारियों को उसी चिकित्सालय में नियमित किया जाए. डेली वेजेस पर स्टाफ रखना बंद किया जाए. संविदा एवं डेली वेजेस स्टाफ नर्सों को समान काम के लिए समान वेतन प्रदान किया जाए.
- स्टाफ नर्स का पदनाम नर्सिंग ऑफिसर एवम् नर्सिंग सिस्टर का पदनाम सीनियर नर्सिंग ऑफिसर किया जाए.
- केन्द्र सरकार के अनुरूप समस्त नर्सिंग संवर्ग को नर्सिंग अलाउंस 7200 और वाशिंग अलाउंस 1800 प्रदान किया जाए.
- रायपुर, अंबिकापुर एवं बिलासपुर चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध चिकित्सालयों में कार्यरत नर्सिंग संवर्ग को सत्र 2025-26 के अध्ययन अवकाश हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र प्रदान किया जाए. अध्ययन अवकाश की अवधि में नियमित वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए.
- ड्यूटी के दौरान नर्सिंग संवर्ग के बच्चों की देखभाल के लिए सभी चिकित्सालयों में झूला घर की व्यवस्था की जाए.
- समयमान वेतनमान की राशि जो कि सेवा अवधि के 10, 20 और 30 साल पूर्ण करने पर दिए जाने का शासकीय आदेश है. उसे 6 से 7 सालों से नहीं दिया गया है. उसे ब्याज राशि के साथ दिए जाने का आदेश प्रदान किया जाए.
- नर्सिंग संवर्ग एवं उनके परिवार को बीमार पड़ने पर उपचार हेतु कैशलेश सुविधा शासन द्वारा दी जाए.
- सहायक नर्सिंग अधीक्षक, नर्सिंग प्रदर्शक और नर्सिंग सिस्टर के पदों में पदोन्नति दी जाए.
- गंभीर मरीज के साथ आए परिजनों के रुकने और खाने-पीने की व्यवस्था हेतु भवन निर्माण किया जाए. आपातकालीन स्थिति में आने वाले मरीज के परिजनों के लिए सुलभ शौचालय का निर्माण किया जाए.
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