CBI जांच में अनसूटेबल पाए गए नर्सिंग कॉलेज के छात्रों का तत्काल करें ट्रांसफर, पेश करें हलफनामा : हाईकोर्ट
सीबीआई की मांग पर होना था छात्रों का ट्रांसफर, हाईकोर्ट ने पूछा आदेश के बाद भी क्यों नहीं हुआ छात्रों का ट्रांसफर?

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 8, 2026 at 2:17 PM IST
|Updated : January 8, 2026 at 2:39 PM IST
जबलपुर : नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़ा मामले में सीबीआई जांच के बाद कोर्ट ने फिर अहम आदेश दिया है. कोर्ट ने संबंधित याचिकाओं की सुनवाई करते हुए अनसूटेबल पाए गए नर्सिंग कॉलेज के छात्रों का स्थानांतरण सूटेबल कॉलेजों में किए जाने के संबंध में हलफनामा पेश करने के निर्देश जारी किए हैं. नर्सिंग छात्रों के लिए हाईकोर्ट का ये आदेश राहतकारी बताया जा रहा है.
सीबीआई की मांग पर होना था छात्रों का ट्रांसफर
प्रदेश में फर्जी तरह से संचालित नर्सिंग कॉलेजों के खिलाफ लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल बघेल की ओर से जनहित याचिका दायर की गई थी. याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने सीबीआई को प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों की जांच के निर्देश दिए थे. CBI ने जांच में कई नर्सिंग कॉलेजों को अनसूटेबल पाया था. इसके बाद सीबीआई ने ही अनसूटेबल पाए गए कॉलेजों के छात्रों का स्थानांतरण सूटेबल कॉलेज में किए जाने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में आवेदन दायर किया गया था.

आदेश के बाद भी क्यों नहीं हुआ छात्रों का ट्रांसफर?
सीबीआई की मांग पर सुनवाई करते हुए अनसूटेबल कॉलेज के छात्रों का स्थानांतरण सूटेबल कॉलेज में किए जाने के आदेश जारी किए गए थे. हालांकि, आदेश के बावजूद भी छात्रों को ट्रांसफर सूटेबल कॉलेजों में नहीं किया गया. इसके बाद याचिकाकर्ता की ओर से अवमानना आवेदन दायर किया गया. अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान नर्सिंग काउंसिल की ओर से कोर्ट को एक समस्या बताई गई. कोर्ट को बताया गया कि नर्सिंग शिक्षण संस्था मान्यता नियमों में किसी जिले के छात्रों को उसी जिले में स्थानांतरित करने संबंधी प्रावधान के कारण हजारों छात्रों को ट्रांसफर करने में सीटों की समस्या आ रही है.
कोर्ट ने नियम को किया शिथिल, कहा-तत्काल करें ट्रांसफर
युगलपीठ ने छात्र हित को ध्यान में रखते हुए मान्यता नियम के उस प्रावधान को इस प्रयोजन के लिए शिथिल कर दिया. कोर्ट ने नियम को शिथिल करते हुए नर्सिंग काउंसिल को आदेश दिए कि तत्काल स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत छात्रों को सूटेबल कॉलेज में शिफ्ट किया जाए. याचिका पर बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से बताया गया कि छात्रों के ट्रांसफर की प्रक्रिया जारी है. युगलपीठ ने सुनवाई के बाद अगली तारीख 12 फरवरी निर्धारित की है. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आलोक बागरेचा ने पैरवी की.
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इस मामले में सीबीआई की प्रारंभिक जांच में 169 कॉलेज सूटेबल, 65 कॉलेज अनसूटेबल व 74 कॉलेज में कमियां पाई गई थीं. सीबीआई की दूसरी जांच में 129 कॉलेज में कमियां पाई गई थीं. इसमें कई पैरामेडिकल कॉलेजों के भी नाम सामने आए थे.

