झारखंड में अब सिर्फ 56 इनामी नक्सली, टारगेट किया गया तय
झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई के कारण राज्य में इनामी नक्सलियों की संख्या कम हो गई है.

Published : January 8, 2026 at 5:11 PM IST
रांची: झारखंड में इनामी नक्सलियों की सूची में भारी गिरावट आई है. साल 2026 के लिए इनामी नक्सलियों का टारगेट अब पुलिस के लिए मात्र 56 ही रह गया है. गृह विभाग आईजी और एसपी के द्वारा की गई अनुशंसा के आधार पर अब मात्र 56 इनामी नक्सली ही झारखंड में सक्रिय हैं, जिनमें एक करोड़ से लेकर 1 लाख तक के इनामी शामिल हैं.
लगातार घटती गई इनामी नक्सलियों की संख्या
एक दौर था जब झारखंड में 200 से ज्यादा इनामी नक्सली झारखंड में विचरण किया करते थे. लेकिन अब हालत यह है कि झारखंड में मात्र 56 इनामी नक्सली बच गए हैं. साल 2025 में इनकी संख्या लगभग 74 थी. झारखंड पुलिस के द्वारा जारी की गई इनामी नक्सलियों की आधिकारिक लिस्ट में एक करोड़ से लेकर एक लाख तक के 56 नक्सली शामिल हैं.
झारखंड पुलिस की आधिकारिक लिस्ट के अनुसार, सबसे ज्यादा गृह विभाग के द्वारा की गई अनुशंसा पर नक्सलियों के ऊपर इनाम घोषित किया गया है. 56 में से 39 नक्सलियों पर गृह विभाग के द्वारा इनाम की राशि की घोषणा की गई है. वहीं बाकी अन्य नक्सलियों के ऊपर आईजी और डीआईजी के द्वारा पुरस्कार राशि की घोषणा की गई है.

एक करोड़ के इनामी
तीन नक्सलियों पर सबसे अधिक, एक-एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया गया है.
- मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर जी – गिरिडीह के पीरटांड़ निवासी, सीपीआई (माओवादी) का वरिष्ठ नेता.
- असीम मंडल उर्फ आकाश – पश्चिम बंगाल के मिदनापुर का निवासी
- अनल दा उर्फ तूफान – गिरिडीह के पीरटांड़ का रहने वाला, संगठन के रणनीतिक मोर्चे का जिम्मेदार.

25 लाख के इनामी
झारखंड में 25 लाख के इनामी नक्सली भी अब मात्र तीन बच गए हैं.
बृजेश गंजू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता
- बृजेश गंझू नक्सली संगठन टीसी का सुप्रीमो है.
- ब्रजेश चतरा का रहने वाला है.
अजय महतो उर्फ टाइगर
- अजय भाकपा माओवादियों का दुर्दात सैक मेंबर है.
- अजय गिरिडीह का रहने वाला है.
लालचंद हेम्ब्रम उर्फ अनमोल दा
- लालचंद भी भाकपा माओवादियों का सैक मेंबर है.
- लालचंद भी झारखंड के गिरिडीह का रहने वाला है.

15 लाख के इनामी
मोछू उर्फ मेहनत (धनबाद), मदन महतो (मिदनापुर), संजय महतो (पीरटांड़), रामप्रसाद मार्डी (जमशेदपुर), नितेश यादव (गया), रविन्द्र गंझू (लातेहार), अमित मुंडा (रांची), बेला सरकार (मुर्शिदाबाद) और सहदेव महतो (हजारीबाग)
10 लाख के इनामी
- आरिफ उर्फ शशिकांत, आरिफ झारखंड के पलामू का रहने वाला है.
- मृत्युंजय जी उर्फ फरेश भुइयां, मृत्युंजय झारखंड के लातेहार जिले का रहने वाला है.
- मनोहर गंझू उर्फ सोहन, मनोहर झारखंड के लातेहार जिले का रहने वाला है.
- गोदराय यादव उर्फ संजय, गोदराय झारखंड के पलामू का रहने वाला है.
- अमृत होरो उर्फ मेचों, अमृत झारखंड की राजधानी रांची के लापुंग का रहने वाला है.
- रंजीत गंझू, रंजीत झारखंड के चतरा का रहने वाला है.
- चंदन लोहरा, चंदन झारखंड के खूंटी जिले का रहने वाला है.
- पुष्पा महतो उर्फ शकुंतला, पुष्पा पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम की रहने वाली है.
- सलूका कायम उर्फ डांगिल, सलूका चाईबासा के सोनवा का रहने वाला है.

पांच लाख के इनामी
- शिव सिंह उर्फ शिवनारायण, शिवनारायण झारखंड के लातेहार जिले का रहने वाला है.
- अनिल तुरी, अनिल झारखंड के लोहरदगा का रहने वाला है.
- सुखलाल बिरजिया, सुखलाल झारखंड के लातेहर का रहने वाला है.
- समीर सोरेन, समीर झारखंड के लातेहार का रहने वाला है.
- समीर महतो उर्फ मंगल, समीर पश्चिम बंगाल के लालगढ़ का रहने वाला है.
- सुलेमान हांसदा, सुलेमान झारखंड के चाईबासा जिले का रहने वाला है.
- सचिन बेंग उर्फ यूजीन, सचिन झारखण्ड के गुमला जिले का रहने वाला है.
- गुलशन सिंह मुंडा, गुलशन झारखंड के रांची का रहने वाला है.
- जयंती उर्फ रेखा, जयंती रांची के बुंडू की रहने वाली है.
- प्रभात मुंडा उर्फ मुखिया, प्रभात झारखंड के खूंटी का रहने वाला है.
- पंकज कोरवा, पंकज झारखंड के गढ़वा का रहने वाला है.
- लालू उर्फ लालजीत, लालू झारखंड के चाईबासा का रहने वाला है.
- पिंटू लोहरा, पिंटू राजधानी रांची का रहने वाला है
- रामदेव लोहार उर्फ साधु, रामदेव लातेहार का रहने वाला है.
- राजू भुइयां, राजू झारखंड के गढ़वा जिला का रहने वाला है.
- मीता उर्फ नयनतारा, नयनतारा पश्चिम बंगाल के पुरुलिया की रहने वाली है
- सांगेन अंगरिया, सांगेन चाईबासा का रहने वाला है.
- वीरेन सिंह उर्फ सागर सिंह, वीरेन सरायकेला खरसावां का रहने वाला है.
2 लाख के इनामी नक्सली
- मालती मुर्मू, मालती पश्चिम बंगाल के झारग्राम की रहने वाली है.
- करण उर्फ डांगर, करण चाईबासा का रहने वाला है.
- मिना, मिना पश्चिम बंगाल के पुरुलिया की रहने वाली है.
- सोनाराम उर्फ सुदेश, सोनाराम चाईबासा के छोटानागरा का रहने वाला है.
- बलराम लोहार उर्फ मजनू, बलराम झारखंड के गुमला का रहने वाला है.
- बाबूलाल जी उर्फ बबलू राम, बाबूलाल बिहार का रहने वाला है.
एक लाख के इनामी
- बुधन लोहरा, बुधन झारखंड के चतरा का रहने वाला है.
- इसराइल पूर्ति और अमृत, इसरायल चाईबासा का रहने वाला है.
- बसु पूर्ति उर्फ गुराई, बसु चाईबासा का रहने वाला है.
- बासमती जेराई उर्फ सरस्वती, बासमती झारखंड के चाईबासा की रहने वाली है.
- सामू उर्फ सैमुअल, सामू चाईबासा के बंद गांव का रहने वाला है.
- फूलमणी कोड़ा, फूलमणी चाईबासा की रहने वाली है.
- गुलटा कोड़ा उर्फ बोम्बाई कोड़ा, गुलटा चाईबासा का रहने वाला है.
- चोगो पूर्ति उर्फ गुरु चरण, पूर्ति झारखंड के चाईबासा का रहने वाला है.

2025 में एनकाउंटर, गिरफ्तारी और सरेंडर की वजह से घट गई इनामी नक्सलियों की संख्या
इनामी नक्सलियों की संख्या घटने के पीछे प्रमुख वजह झारखंड पुलिस और केंद्रीय बलों का संयुक्त अभियान रहा. साल 2025 में झारखंड पुलिस ने दो एक करोड़ के इनामी नक्सलियों सहित 32 को एनकाउंटर में मार गिराया. 300 के करीब नक्सली गिरफ्तार किए गए. इनमें में भी इनामी शामिल थे जबकि 40 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. आत्मसमर्पण करने वालों में आधा दर्जन के करीब इनामी नक्सली शामिल थे.
गिरफ्तारी वर्ष 2025
माह जनवरी से दिसंबर तक करीब 300 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया, जिसमें मुख्य रूप से रिजनल कमेटी मेंबर-02 जोनल कमांडर-01. सब जोनल कमांडर-02 एवं एरिया कमांडर-09 शामिल हैं. इनमें महत्वपूर्ण रूप से....
- आक्रमण गंझू उर्फ रविन्द्र गंझु RCM (TSPC) 15 लाख इनामी
- रणविजय महतो, 15 लाख इनामी RCM (Mao)
- कुन्दन खेरवार उर्फ सुधीर सिंह, ZCM (Mao) 10 लाख का इनामी
- गौतम यादव, SZC (Mao)
- संदीप उर्फ हिडिमा पडेयम्, SZC (Mao)
- सुनील मुंडा उर्फ भारत जी, AC (TSPC)
- रूपेश कुमार, AC (TSPC)
- संजीत कुमार उर्फ संजीत गिरि उर्फ संजीत दास उर्फ विक्रांत जी, AC (TSPC)
- कृष्णा यादव उर्फ तुफान जी उर्फ सुल्तान जी, AC (PLFI), 02 लाख का इनामी
- दुर्गा सिंह उर्फ पंजरी सिंह, AC (PLFI)
- जितेन्द्र सिंह खेरवार उर्फ जितेन्द्र जी उर्फ बजरंगी, AC (JJMP)
- मुरली भुईया उर्फ छोटू जी उर्फ पप्पु जी, AC (JJMP) (14) प्रचीन एक्का AC (JJMP)
- शिवा बोदरा उर्फ शिबू, AC (Mao)
आत्मसमर्पण
वर्ष 2025 में माह जनवरी से दिसंबर तक करीब 40 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किये हैं, जिसमें मुख्य रूप से...
- रविन्द्र यादव, ZC
- आनन्द सिंह उर्फ कल्तु सिंह उर्फ भगवान, SZC (Mao)
- लवलेश गंझू उर्फ लोकेश गंझू, SZC (JJMP)
- अखिलेश यादव. SZC
- ध्रुव जी उर्फ राजू राम, AC
2025 में जनवरी से दिसंबर तक मुठभेड़ में मारे गए 32 नक्सली, जिसमें मुख्य रूप से...
- विवेक उर्फ प्रयाग मांझी, CCM (Mao)- एक करोड़ इनामी
- अनुज उर्फ सहदेव सोरेन, CCM (Mao)-एक करोड़ इनामी
- अरबिन्द यादव उर्फ अशोक, SAC (Mao)
- बीरसेन मांझी उफ चंचल, SAC (Mao)
- मार्टिन केरकेष्टा, RCM (PLFI)
- साहेब राम मांझी उर्फ राहुल, ZCM (Mao) 10 लाख का इनामी
- विनय गंझु उर्फ संजु गंझू, ZCM (Mao)
- खेलवान गंझू उर्फ रामखेलवान उर्फ छोटा बीरसेन, ZCM (Mao)
- अपतन उर्फ अमित हांसदा, ZCM (Mao)
- पप्पू लोहरा उर्फ सुर्यदेव लोहरा, ZCM (JJMP), 10 लाख का इनामी
- मनीष यादव उर्फ मनीष जी, SZC (Mao), 5 लाख का इनामी
- सुदेश गंझू उर्फ प्रभात जी, SZC (JJMP), 5 लाख का इनामी
- कुंवर मांझी उर्फ शहदेव मांझी उर्फ सडे, SZC CPI (Mao) 05 लाख का इनामी.
- मुखदेव यादव उर्फ तुफान जी, SZC (TSPC) (15) लालू लोहरा, SZC (JJMP)
- छोटू उरांव, SZC (JJMP)
- हेमन्ती मझियान, AC (Mao)
- शांति देवी, AC (Mao)
- अरूण उर्फ वरूण उर्फ निलेश मकदम, AC (Man)
- सुजीत उरांव, AC (JJMP)
- दिलीप लोहरा उर्फ दीपक लोहरा (JJMP)
- समुद्र लोहरा (JJMP)
- सुनिल मुंडा (JJMP)
- राहुल तुरी उर्फ आलोक जी, TSPC के साथ एवं अन्य आठ नक्सली शामिल थे.
जो पता बताएगा उसे मिलेगा इनाम
झारखंड पुलिस ने साल 2025 में नक्सलियों के खिलाफ अभूतपूर्व सफलता हासिल की है. अब उसी सफलता को साल 2026 में भी दोहराने को लेकर पुलिस अपने कदम बढ़ा चुकी है. झारखंड पुलिस नक्सलियों के खिलाफ कई मोर्चे पर लड़ाई लड़ रही है. एक तो जंगलों और बीहड़ों में नक्सलियों के खिलाफ बड़ी लड़ाई लड़ी जा रही है. वहीं दूसरी तरफ नक्सलियों के खिलाफ साई ऑप्स भी चलाया जा रहा है. साई ऑप्स के तहत इनामी नक्सलियों के पोस्टर नक्सल प्रभावित इलाकों में लगाये गए हैं. पोस्टर में नक्सलियों की तस्वीर, उनके ऊपर घोषित इनाम की राशि और पुलिस अफसरों के मोबाइल नंबर इंगित हैं. पोस्टर देख कर पहचान कर नक्सलियों की खबर पुलिस तक पहुंचाने वालों को नक्सलियों के ऊपर घोषित इनाम की राशि दी जाएगी. नक्सलियों का पता बताने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखा जाएगा. इसका जोरदार प्रचार प्रसार भी किया जा रहा है.
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