नूंह शोएब मौत मामला: ग्रामीणों ने किया पैदल मार्च, थाने के सामने सड़क जाम कर किया जमकर प्रदर्शन
नूंह में शोएब की संदिग्ध मौत पर ग्रामीणों ने थाने तक पैदल मार्च कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की.

Published : February 7, 2026 at 12:32 PM IST
नूंह: नूंह जिले के पापड़ा और रहपुआ गांव के ग्रामीणों ने 19 वर्षीय शोएब की संदिग्ध मौत के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पिनगवां थाने तक करीब 4 किलोमीटर पैदल मार्च किया. इस मार्च का नेतृत्व कांग्रेस की महिला जिला अध्यक्ष रज़िया बानो ने किया.सैकड़ों महिलाएं, युवा और बुजुर्ग सुबह से ही थाने की ओर बढ़े और कई घंटे तक थाने परिसर में विरोध-प्रदर्शन किया.
आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग:इस दौरान कांग्रेस की महिला जिला अध्यक्ष रज़िया बानो ने कहा, “हम तब तक शांत नहीं होंगे जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता. यह न्याय की लड़ाई है और हम अपने शोएब के लिए आवाज उठाएंगे. हम पुलिस की जांच पर विश्वास रखते हैं, लेकिन हमारी नजरें आरोपियों की गिरफ्तारी पर बनी रहेंगी.”
शव दफनाने से किया इंकार: प्रदर्शनकारियों ने थाने के सामने कुछ समय के लिए सड़क भी जाम कर दी. हालांकि राहगीरों की परेशानी को देखते हुए प्रदर्शनकारी बाद में थाना परिसर के अंदर धरने पर बैठ गए. महिला और बुजुर्गों की बड़ी संख्या इस धरने में शामिल रही. इस दौरान ग्रामीणों ने साफ शब्दों में कहा कि, "जब तक हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, वे न तो शव लेंगे और न ही दफनाएंगे. हमारी मांग बिल्कुल साफ है, हत्या के आरोपियों को तुरंत पकड़ो. नहीं तो शव घर में ही रहेगा."
पुलिस ने माहौल को शांत करने का किया प्रयास: इधर, धरने की सूचना मिलते ही पुनहाना डीएसपी जितेंद्र कुमार राणा मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बात कर शांति बनाए रखने का प्रयास किया. थाने के प्रभारी निखिल कुमार ने भी ग्रामीणों को समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन लोग अपनी मांगों पर अड़े रहे. इस बारे में डीएसपी जितेंद्र राणा ने कहा, “जांच चल रही है. हम निष्पक्ष और जल्द कार्रवाई करेंगे.जल्द ही आरोपी पकड़े जाएंगे."
ग्रामीणों और पुलिस के बीच बनी सहमति: कई घंटे चले धरना-प्रदर्शन के बाद पुलिस और ग्रामीणों के बीच सहमति बनी. पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार दिन का समय मांगा और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया. इस आश्वासन के बाद ग्रामीण अपने घर लौट गए और शव लेने पर सहमति जताई. ग्रामीणों ने शव को शनिवार को दफनाने की बात कही है.
पुलिस जांच में जुटी: मौके पर पहुंचे डीएसपी जितेंद्र कुमार राणा ने कहा, “जांच पूरी गंभीरता से चल रही है. जल्द ही उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. फिलहाल पुलिस आरोपी पकड़ने और घटनाक्रम का स्पष्ट पता लगाने में लगी हुई है."
शोएब की संदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत: 5 फरवरी की सुबह नूंह जिले के मामलिका और पापड़ा गांव के बीच जंगल में 19 वर्षीय युवक शोएब का शव पेड़ से लटका मिला. परिजनों का आरोप है कि इसे हत्या का रूप दिया गया, लेकिन पुलिस ने इसे आत्महत्या भी बताने की कोशिश करने का मामला दर्ज किया. शोएब के पिता की शिकायत पर पुलिस ने चार नामजद आरोपियों सहित अन्य के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हत्या में मदद करने का मामला जिला परिषद चैयरमेन एवं भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष जान मोहमद से जुड़ा है.
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