नूंह दुष्कर्म पीड़िता खुदकुशी मामला: सर्व समाज का अल्टीमेटम, बोले-"तीन दिन में गिरफ्तारी नहीं हुई तो करेंगे बड़ा आंदोलन"
नूंह में दुष्कर्म पीड़िता आत्महत्या मामले में सर्व समाज ने आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर सरकार को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है.

Published : June 3, 2026 at 5:15 PM IST
नूंह: जिले के थाना बिछोर क्षेत्र में कथित सामूहिक दुष्कर्म के बाद युवती के खुदकुशी मामले में न्याय की मांग लगातार तेज होती जा रही है. सर्व समाज के बैनर तले बुधवार को बड़ी संख्या में लोग नूंह अनाज मंडी में जमा हुए और मामले में अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर नाराजगी जताई. बैठक के बाद लोगों ने पैदल मार्च निकालते हुए जिला मुख्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा.
15 दिन बाद भी गिरफ्तारी न होने पर बढ़ा आक्रोश: प्रदर्शनकारियों का कहना है कि घटना को करीब 15 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अभी तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है. इसको लेकर क्षेत्र में लगातार असंतोष बढ़ रहा है. लोगों ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए समाज के सभी वर्ग एकजुट होकर आवाज उठा रहे हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.

तीन दिन का अल्टीमेटम: ज्ञापन सौंपने वालों में शामिल एडवोकेट गुलाम नबी आजाद ने कहा कि, "हम लगातार पुलिस अधिकारियों और प्रशासन से मिलकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है. इसलिए सर्व समाज की ओर से सरकार को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया गया है. यदि निर्धारित समय के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा. जरूरत पड़ने पर चंडीगढ़ जाकर वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की जाएगी तथा जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन किया जा सकता है."
मेवात की संवेदनाओं से जुड़ा है मामला: वहीं, प्रदर्शन में शामिल मास्टर रफीक ने कहा कि, "यह केवल एक परिवार का मामला नहीं है, बल्कि पूरे मेवात क्षेत्र की संवेदनाओं से जुड़ा हुआ विषय है. समाज के सभी वर्ग पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं और दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं. न्याय मिलने तक यह आवाज लगातार बुलंद होती रहेगी."
दोषियों को मिले कठोर सजा : इसके अलावा भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष गोल्डी शर्मा ने कहा कि, "ऐसी घटनाएं समाज को झकझोर देती हैं. दोषियों को कानून के अनुसार कठोर से कठोर सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई इस प्रकार का अपराध करने की हिम्मत न कर सके. हमारी मांग है कि पुलिस से जल्द कार्रवाई कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाए."
ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर आत्महत्या का आरोप: प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि 18 मई को युवती के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म किया गया था. साथ ही उसकी अश्लील वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया गया. उनका कहना है कि इसी मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर युवती ने आत्महत्या कर ली. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है.
विपक्ष भी सरकार पर हमलावर: इस मामले को लेकर कांग्रेस समेत विपक्षी दल भी सरकार पर सवाल उठा रहे हैं. वहीं, सर्व समाज के विभिन्न संगठनों ने स्पष्ट किया है कि उनकी प्रमुख मांग निष्पक्ष जांच, आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है. समाज के लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा.
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