ETV Bharat / state

नूंह जिला परिषद चेयरमैन पर भ्रष्टाचार के आरोप, जान मोहम्मद ने पार्षद आरिफ खान के आरोपों को बताया गलत

नूंह जिला परिषद प्रमुख जान मोहम्मद पर पार्षद आरिफ खान ने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं.

CORRUPTION CHARGES On NUH JP CHAIRMAN
नूंह जिला प्रमुख जान मोहम्मद और पार्षद आरिफ खान आमने-सामने (Etv Bharat)
author img

By ETV Bharat Haryana Team

Published : February 14, 2026 at 8:32 PM IST

4 Min Read
Choose ETV Bharat

नूंहः जिला परिषद के प्रमुख जान मोहम्मद पर भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के गंभीर आरोप लगे हैं. ये आरोप वार्ड नंबर 6 के पार्षद आरिफ खान ने लगाए हैं, जिन्होंने जिला प्रमुख को सीधे तौर पर कमीशनखोर करार दिया है. आरिफ खान ने प्रेस वार्ता में कहा कि जान मोहम्मद द्वेष भावना के आधार पर काम करते हैं, जिससे मेवात क्षेत्र का विकास बाधित हो रहा है.

हाईकोर्ट में जान मोहम्मद के खिलाफ चल रहा है जमीन का मामलाः पार्षद आरिफ खान ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से जिला प्रमुख को हटाने की मांग की है, क्योंकि ये भाजपा की छवि और सरकार का नाम खराब कर रहे हैं. आरिफ ने बताया कि "बीसीए वर्ग से उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़कर वार्ड 6 से चुनाव जीता था और बाद में भाजपा को समर्थन दिया, जिसकी वजह से जान मोहम्मद को जिला प्रमुख की कुर्सी मिली." उन्होंने आरोप लगाया कि "अब जान मोहम्मद के खिलाफ हाईकोर्ट में जमीन कब्जे का मामला चल रहा है."

नूंह जिला प्रमुख जान मोहम्मद पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप (Etv Bharat)

ग्रांट के लिए 25 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोपः आरिफ ने आरोप लगाया कि "वे राजस्व विभाग के साथ जमीन पैमाइश का काम करते हैं, लेकिन जिला प्रमुख ने उन पर गलत पैमाइश और तहसीलदार के साथ रिश्वत लेने का इल्जाम लगाकर रंजिश रख ली. इससे उनकी ग्रांट डेढ़ साल से रोकी गई है, जिससे वार्ड में विकास कार्य ठप्प हो गए हैं. आरिफ ने आरोप लगाया कि जिला प्रमुख कमीशन मांगते हैं, यहां तक कि ग्रांट के लिए 25 प्रतिशत कमीशन की डिमांड की जाती है. उन्होंने आरोप लगाया कि जान मोहम्मद खुद का विकास कर रहे हैं, जबकि मेवात को अन्य जिलों की तुलना में अच्छी ग्रांट मिल रही है, लेकिन इसका फायदा नहीं पहुंच रहा."

मुख्यमंत्री के आगमन से पहले आरोपों से खलबलीः जिला पार्षद आरिफ ने मांग की कि जान मोहम्मद की संपत्ति की जांच हो, क्योंकि जिला प्रमुख बनने से पहले और अब की संपत्ति में बड़ा अंतर है. उन्होंने कहा कि "जिला परिषद में सभी अधिकारी-कर्मचारी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, ठेकेदारों की पेमेंट कमीशन न मिलने से रुकी हुई है. सरकारी स्कीमों जैसे पानी के टैंक, बोरवेल पंचायत की जमीन पर बनने चाहिए, लेकिन ये पैसे लेकर प्राइवेट प्रॉपर्टी पर बनाए जा रहे हैं. अगर सुधार नहीं हुआ तो वे इस्तीफा देने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और जिला प्रशासन की होगी." मुख्यमंत्री के आगमन से पहले इन आरोपों से जिले में खलबली मची हुई है.

जिप प्रमुख ने आरोपों को किया खारिजः जिला प्रमुख जान मोहम्मद ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि "ये आरोप उनकी छवि खराब करने की साजिश हैं. ग्रांट रोकने का आरोप गलत है, क्योंकि ग्रांट सदन की बैठक में बहुमत के आधार पर स्वीकृत की जाती है." उन्होंने बताया कि "मेवात जिला परिषद में पहली बार अच्छे काम हो रहे हैं और सब कुछ पारदर्शी तरीके से चल रहा है. एक कमेटी गठित है, जो कामों की जांच करती है और रिपोर्ट के आधार पर कार्य शुरू होते हैं. नियमों के अनुसार कार्य स्वीकृत होकर भुगतान किया जाता है और कमीशन लेने-खाने के आरोप बेबुनियाद हैं."

तावडू की महारैली में शामिल होंगे सीएमः खास बात यह है कि यह आरोप ऐसे समय में लगाए गए हैं, जब प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तावडू में महारैली को संबोधित करने के लिए आ रहे हैं. इन आरोपों से अब नूँह जिले की राजनीति में गर्माहट देखने को मिल सकती है. यह पहला अवसर है, जब किसी जिला पार्षद ने इतनी खुलकर जिला परिषद अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

ये भी पढ़ें- नूंह जिला परिषद चेयरमैन चुनाव में बीजेपी की जीत, जान मोहमद अकबरपुर को मिली विजय