नूंह बस अड्डे पर महिलाओं के लिए बड़ी सौगात, शुरू हुआ महिला प्रतीक्षालय और फीडिंग रूम
नूंह बस अड्डे पर महिला प्रतीक्षालय और फीडिंग रूम शुरू होने से महिलाओं में खुशी का माहौल है.

Published : February 10, 2026 at 3:51 PM IST
|Updated : February 10, 2026 at 4:19 PM IST
नूंह: हरियाणा राज्य परिवहन का बस अड्डा नूंह लगातार बेहतर सुविधाओं के कारण अच्छे बस अड्डों में अपनी पहचान बना रहा है. अब इस कड़ी में एक और अहम कदम उठाया गया है. निदेशक प्रदीप कुमार ने हाल ही में बस अड्डा परिसर में महिला प्रतीक्षालय एवं फीडिंग रूम का शुभारंभ किया था. इस पहल से नूंह जिले की महिलाओं और बेटियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है.
महिलाओं को मिला सुरक्षित व सम्मानजनक जगह: महिला प्रतीक्षालय के शुरू होने से अब महिलाओं को बस अड्डा परिसर में किसी प्रकार का भय महसूस नहीं होता. पहले से मौजूद पुलिस चौकी और अन्य व्यवस्थाओं के साथ अब महिलाओं के लिए एक अलग, सुरक्षित और आरामदायक स्थान उपलब्ध हो गया है. यहां महिलाएं निश्चिंत होकर बैठ सकती हैं और अपने बच्चों को स्तनपान करा सकती हैं.
सुविधाओं से लैस आधुनिक कक्ष: इस महिला प्रतीक्षालय में अच्छे फर्नीचर की व्यवस्था की गई है. वहीं, गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए महाप्रबंधक कुलदीप जांगड़ा ने इसमें एसी लगाने के भी आदेश जारी कर दिए हैं. इससे महिलाओं को गर्मी में भी आरामदायक माहौल मिल सकेगा और प्रतीक्षा का समय सहजता से बीतेगा.
महिला सुरक्षा प्राथमिकता: इस बारे में नूंह के जीएम कुलदीप जांगड़ा ने कहा कि, “नूंह बस अड्डे पर महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है. महिला प्रतीक्षालय एवं स्तनपान कक्ष शुरू करने का उद्देश्य महिलाओं को सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण देना है. गर्मी के मौसम को देखते हुए इसमें एसी लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि महिलाओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो.”
महिलाओं ने बताया सराहनीय कदम: इस बारे में जिले की एक महिला प्रिंसिपल सुमित्रा ने कहा कि, “बस अड्डा परिसर में महिला प्रतीक्षालय और स्तनपान कक्ष की शुरुआत एक सराहनीय कदम है. इससे महिलाओं और छात्राओं को काफी सुविधा मिलेगी. ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव लाते हैं और महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ सार्वजनिक स्थानों का उपयोग करने का अवसर देते हैं.” वहीं, छात्रा शामरीन ने कहा कि, “पहले बस का इंतजार करना मुश्किल होता था, लेकिन अब महिला प्रतीक्षालय बनने से काफी अच्छा लग रहा है. यहां सुरक्षित महसूस होता है और मांओं को अपने बच्चों को दूध पिलाने के लिए अलग जगह मिल गई है. यह सुविधा महिलाओं के लिए बहुत जरूरी थी.”

