युवा कांग्रेस के बाद अब NSUI में बवाल, बिना इजाजत नियुक्ति पर जाखड़ को कारण बताओ नोटिस
एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव और राजस्थान के प्रभारी अखिलेश यादव ने बिना परमिशन नियुक्ति देने पर विनोद जाखड़ को दिया कारण बताओ नोटिस.

Published : January 23, 2026 at 10:47 AM IST
|Updated : January 23, 2026 at 11:00 AM IST
जयपुर : कांग्रेस की हरावल ब्रिगेड के रूप में मशहूर अग्रिम संगठन युवा कांग्रेस और एनएसयूआई में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है, दोनों ही अग्रिम संगठन इन दोनों जबरदस्त गुटबाजी और धड़ेबंदी से जूझ रहे हैं. हाल ही में जहां गुटबाजी के चलते युवा कांग्रेस में तमाम प्रदेश कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया है तो वहीं अब छात्र संगठन एनएसयूआई में भी बिना परमिशन नियुक्ति देने पर प्रदेशाध्यक्ष विनोद जाखड़ को कारण बताओ नोटिस देकर 2 दिन में जवाब देने को कहा गया है. एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव और राजस्थान प्रभारी अखिलेश यादव ने विनोद जाखड़ को कारण बताओ नोटिस दिया है. जाखड़ को नोटिस दिए जाने की चर्चा सियासी गलियारों में भी खूब है.
नोटिस की भाषा पर हैरानी : सबसे दिलचस्प तो यह है कि एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष को दिए गए कारण बताओं नोटिस की भाषा पर कांग्रेस गलियारों में ही हैरानी जताई जा रही है. दरअसल अखिलेश यादव ने कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए लिखा है कि संगठन की ओर से पहले ही स्पष्ट रूप से कहा गया था कि जो भी नियुक्ति पत्र मेरी जानकारी और हस्ताक्षर के बिना है वो वैध नहीं होंगे. इसके बावजूद विनोद जाखड़ ने 22 जनवरी को नियुक्ति पत्र जारी किए जो संगठन के निर्देशों और नियमों के खिलाफ है. अतः विनोद जाखड़ को दो दिन के भीतर लिखित रूप से स्पष्ट कारण बताना होगा कि उन्होंने यह नियुक्ति पत्र क्यों जारी किया और यदि समयावधि में नोटिस का जवाब प्राप्त नहीं होता तो विनोद जाखड़ को पद से हटाने का अधिकार संगठन के पास सुरक्षित रहेगा. संगठन के प्रति जिम्मेदारी और कर्तव्य का पालन करना अनिवार्य है.

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कन्हैया कुमार और सचिन पायलट के करीबी : राजस्थान एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष विनोद जाखड़ एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रभारी कन्हैया कुमार और राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के करीबी माने जाते हैं. पार्टी नेताओं का कहना है कि एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी और कन्हैया कुमार के बीच लंबी अदावत है, यही एक कारण है कि वरुण चौधरी और विनोद जाखड़ के भी आपस में संबंध मधुर नहीं है. ऐसे में कारण बताओ नोटिस के पीछे एक यह वजह भी मानी जा रही है.
केंद्रीय नेतृत्व के आदेश पर की थी नियुक्ति : वहीं इस मामले में एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष विनोद जाखड़ का कहना है कि मैंने तो पहले एक नियुक्ति केंद्रीय नेतृत्व के आदेश पर की थी. हम राजस्थान में विपक्ष में हैं और धरने प्रदर्शन करने पड़ते हैं, जब केंद्रीय नेतृत्व के आदेश पर मैंने नियुक्ति की तब उस पर कई अन्य कार्यकर्ताओं ने भी नाराजगी दर्ज कराई की हमें भी नियुक्ति दीजिए. तब मैंने कुछ लोगों को नियुक्ति पत्र दे दिए थे जिस पर प्रदेश प्रभारी ने नोटिस जारी किया है. लेकिन जिस तरह की भाषा कारण बताओ नोटिस में दी गई है वो ठीक नहीं है.

