ETV Bharat / state

राजस्थान विश्वविद्यालय में NSUI का हंगामा: छात्रसंघ चुनाव और भर्ती घोटाले को लेकर किया अर्धनग्न प्रदर्शन

अपनी 11 सूची मांगों को लेकर एनएसयूआई ने राजस्थान विश्वविद्यालय के सामने प्रदर्शन किया.

NSUI protest at Raj University
विश्वविद्यालय के सामने प्रदर्शन करते एनएसयूआई कार्यकर्ता (ETV Bharat Jaipur)
author img

By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : February 24, 2026 at 4:53 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

जयपुर: छात्रसंघ चुनाव बहाली, भर्ती घोटालों की जांच और लंबित छात्रवृत्तियां जारी करने जैसी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर मंगलवार को नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने राजस्थान विश्वविद्यालय में प्रदर्शन किया. संगठन का दावा था कि ये मांगें केवल विश्वविद्यालय ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के युवाओं और छात्रों के हितों से जुड़ी हैं, जिन्हें लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से आंदोलन किया गया.

एनएसयूआई राजस्थान ने एक बार फिर राजस्थान विश्वविद्यालय से छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग उठाई है. छात्रों ने राजस्थान विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन करते हुए छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित कराने के लिए शर्ट उतारकर अर्धनग्न प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय परिसर के बाहर पुलिस बंदोबस्त भी बढ़ाया गया, जिन्होंने छात्रों को विश्वविद्यालय कैंपस से बाहर नहीं आने दिया.

विश्वविद्यालय में प्रदर्शन करते एनएसयूआई कार्यकर्ता (ETV Bharat Jaipur)

पढ़ें: ट्रेड डील और कथित Epstein Files के मुद्दे पर एनएसयूआई का केंद्र सरकार पर हमला

विश्वविद्यालय के पूर्व शोध छात्रसंघ प्रतिनिधि डॉ. राम सिंह सामोता ने बताया कि विश्वविद्यालय में सालों से 'विमर्श शुल्क' वसूला जा रहा है, जिसका छात्रों को आज तक लाभ नहीं मिल पाया. ऐसे में यह वसूली बंद कर छात्रों से वसूले गए 223 करोड़ रुपए लौटाने, लंबित भर्तियां, छात्रसंघ चुनावों पर लगी रोक हटाने और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए यह प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह आंदोलन केवल विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि युवा और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर यहां छात्र संगठित हुए हैं. राजस्थान विश्वविद्यालय प्रदेश की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था है और वर्तमान में विधानसभा सत्र भी चल रहा है. ऐसे में यहां से उठी आवाज पूरे राजस्थान तक प्रभाव डालती है. इसी कारण राज्य स्तरीय मांगों जैसे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, छात्रवृत्ति जारी करना, कोचिंग कानून लागू करना और आयोगों के पुनर्गठन जैसे मुद्दों को विश्वविद्यालय परिसर से उठाया गया है, ताकि सरकार तक युवाओं की सामूहिक आवाज पहुंच सके. एनएसयूआई ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा.

यह रहीं प्रमुख मांगें:

  • छात्रों से 'विमर्श शुल्क' के नाम पर की जा रही वसूली तत्काल बंद कर पिछले वर्षों में वसूले गए 223 करोड़ रुपए छात्रों को वापस किए जाएं.
  • राजस्थान विश्वविद्यालय में डॉ. भीमराव अम्बेडकर पीठ को दोबारा शुरू किया जाए.
  • सितंबर 2025 से पारित कोचिंग बिल को प्रभावी रूप से लागू किया जाए.
  • छात्रसंघ चुनाव बहाल किए जाएं.
  • राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के ओएमआर शीट घोटाले की सीबीआई जांच कराई जाए.
  • राजस्थान विश्वविद्यालय सहित अन्य विश्वविद्यालयों में नियमानुसार रोस्टर रजिस्टर बनाकर नियमित शिक्षक भर्ती की जाए.
  • उच्च शिक्षा में एससी, एसटी, एमबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग की बालिकाओं को स्कूटी वितरण की तर्ज पर ओबीसी वर्ग की बालिकाओं को भी स्कूटी वितरण किया जाए.
  • कॉलेज शिक्षा में अस्थायी शिक्षक भर्ती (शिक्षा वीर) बंद की जाए.
  • राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) को भंग कर पुनर्गठन किया जाए या पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए.
  • प्रदेश के युवाओं की लंबित छात्रवृत्तियां शीघ्र जारी की जाएं.