पीटीआरएसयू में सियासी टकराव, आरएसएस और एबीवीपी के कार्यक्रम में NSUI का हंगामा, गो बैक के लगे नारे
छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठित पंडित रवि शंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में सियासी घमासान चरम पर पहुंच गया है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : April 27, 2026 at 10:45 PM IST
रायपुर: पंडित रवि शंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में शैक्षणिक माहौल को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. आरएसएस और एबीवीपी से जुड़े कार्यक्रम के विरोध में एनएसयूआई ने एक दिवसीय भूख हड़ताल किया. साथ ही उन्होंने रैली निकाल कर अपनी आपत्ति जताई. इतना ही नहीं उन्होंने परिसर में जोरदार प्रदर्शन करते हुए आरएसएस ओर एबीवीपी गो बैक के नारे भी लगाए. इस बीच उनके प्रदर्शन को देखते हुए विश्वविद्यालय परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा.
पंडित रवि शंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में हंगामा
पंडित रविशंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी परिसर में एनएसयूआई ने कैंपस अध्यक्ष पुनेश्वर लहरें के नेतृत्व में एक दिवसीय भूख हड़ताल किया. इस विरोध का मकसद विश्वविद्यालय को किसी एक विचारधारा के प्रभाव से मुक्त रखना और छात्रों के अधिकार की रक्षा करना बताया गया. सत्याग्रह के बाद कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली. जिसमें आरएसएस और एबीवीपी गो बैक के नारे लगाए गए.
कुल सचिव से हुई तीखी नोक झोंक
प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के कुल सचिव से मुलाकात की और इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और नोक झोंक भी देखने को मिली. कार्यकर्ताओं ने प्रशासन पर पक्ष महत्वपूर्ण रवैया अपनाने और परिसर की राजनीतिक गतिविधियों के लिए उपलब्ध कराने का आरोप लगाया.
राजनीति का अड्डा नहीं है विश्वविद्यालय : पुनेश्वर लहरे
एनएसयूआई कैंपस अध्यक्ष पुनेश्वर लहरे ने कहा कि विश्वविद्यालय एक शैक्षणिक संस्थान है. जहां छात्रों के मूलभूत मुद्दों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि एक विशेष विचारधारा को थोपने की कोशिश हो रही है. जो शिक्षा के माहौल को प्रभावित कर रही है .लहरे ने साफ कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा का केंद्र है किसी एक विचार की राजनीति का अड्डा नहीं बनना चाहिए.
यूजीसी नियमों के उल्लंघन का लगाया आरोप
एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि नई शिक्षा नीति और यूजीसी के नियमों का उल्लंघन करते हुए विश्वविद्यालय परिसर का उपयोग राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए किया जा रहा है. कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की कि छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और कैंपस को राजनीतिक प्रभाव से मुक्त रखा जाए
इस सत्याग्रह प्रदर्शन में एनएसयूआई के कई बड़े पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए .प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे, प्रदेश प्रभारी महामंत्री हेमंत पाल, उपाध्यक्ष अमित शर्मा, जिला अध्यक्ष शांतनु झा, समेत कई कार्यकर्ताओं ने आंदोलन को समर्थन दिया और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाई. पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में शुरू हुआ या विवाद अब सिर्फ एक कार्यक्रम के विरोध तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि यह विश्वविद्यालय में विचारधारा बनाम शैक्षणिक स्वतंत्रता की बहस को भी तेज कर रहा है.

