एनएसयूआई ने किया 52 किमी पैदल मार्च, आरक्षक भर्ती में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की मांग
मार्च में सैकड़ों युवा भी शामिल हुए, जिन्होंने भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर स्थानीय युवाओं को मौका देने की बात कही.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : December 16, 2025 at 4:26 PM IST
कोंडागांव: आरक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. एनएसयूआई ने सरकार द्वारा जारी आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में स्थानीय युवाओं की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया. भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने नारायणपुर से कोंडागांव तक करीब 52 किलोमीटर लंबा पैदल मार्च निकालकर अपना विरोध जताया. मार्च में सैकड़ों युवा भी शामिल हुए, जिन्होंने भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर स्थानीय युवाओं को मौका दिए जाने की बात कही.
एनएसयूआई का 52 किमी लंबा पैदल मार्च
एनएसयूआई के नेतृत्व में निकाली गई पदयात्रा नारायणपुर के क्रीड़ा परिसर से शुरू होकर कोंडागांव तक पहुंची. मार्च में शामिल लोगों ने पहले नारायणपुर पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर अपनी मांगें उनके सामने रखी. छात्रों का आरोप है कि वहां से उनको संतोषजनक जवाब नहीं मिला. जिसके बाद वो पैदल मार्च करते हुए कोंडागांव पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी बात पुलिस अधीकारी के सामने रखी.
स्थानीय लोगों को मौका दिए जाने की मांग
एनएसयूआई नारायणपुर जिलाध्यक्ष विजय सलाम ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने नारायणपुर जिले में आरक्षक के 470 पदों पर भर्ती के लिए वैकेंसी निकाली. लेकिन इस भर्ती में जिले के युवाओं को दहाई के आंकड़े तक भी स्थान नहीं दिया. सलाम ने कहा कि केवल 7 स्थानीय युवाओं का चयन किया जाना यह बताता है कि सरकार स्थानीय और आदिवासी युवाओं को रोजगार से वंचित कर रही है.
भाजपा सरकार हमेशा आउटसोर्सिंग के माध्यम से अन्य राज्यों के युवाओं को नौकरी देने का काम करती रही है, जबकि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में “बस्तर फाइटर” योजना के माध्यम से सैकड़ों स्थानीय युवाओं को रोजगार मिला था. भाजपा सरकार अपने घोषणा पत्र में स्थानीय युवाओं को नौकरी देने का वादा करती रही है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर स्थिति इसके विपरीत है: विजय सलाम, NSUI अध्यक्ष, नारायणपुर
एनएसयूआई छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक आरक्षक भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर जिले में पुनः स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देते हुए नई प्रक्रिया शुरू नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. छात्र नेताओं ने कहा कि जिले के युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
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