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हाईकोर्ट का आदेश, नवरात्रि-ईद पर पशु वध के तीन आरोपियों की NSA के तहत हिरासत बरकरार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवैध रूप से मवेशियों का वध करने के तीन आरोपियों की एनएसए के तहत हिरासत को बरकरार रखा है.

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इलाहाबाद हाईकोर्ट का आदेश. (Photo Credit: ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : February 26, 2026 at 10:18 PM IST

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प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले साल चैत्र नवरात्रि के पहले दिन व ईद के अवसर पर जालौन के कालपी कस्बे में अवैध रूप से मवेशियों का वध करने के तीन आरोपियों की एनएसए के तहत हिरासत को बरकरार रखा है. न्यायमूर्ति चंद्र धारी सिंह एवं न्यायमूर्ति देवेंद्र सिंह प्रथम की खंडपीठ ने कहा कि यह कृत्य, हमारे प्राचीन और विविधतापूर्ण राष्ट्र में प्रमुख धार्मिक त्योहारों के संगम के ठीक समय पर किया गया था, वह केवल कानून और व्यवस्था की समस्या नहीं थी.

यह स्पष्ट रूप से सार्वजनिक व्यवस्था के दायरे में आता है. कोर्ट ने कहा कि जब कोई कृत्य जानबूझकर, सटीक समय पर किया जाता है और किसी समुदाय के सबसे पवित्र क्षण में उसकी गहरी धार्मिक भावनाओं पर प्रहार करता है, तो उसमें उन बंधनों को तेजी से और विनाशकारी प्रभाव के साथ तोड़ने की क्षमता होती है. इसी के साथ कोर्ट ने सिकंदर, सैय्याज अली और हसनैन की एक साल की हिरासत को चुनौती देने वाली तीनों बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाओं को खारिज कर दिया.

कोर्ट ने जालौन के डीएम जालौन की ओर से जारी हिरासत आदेशों को बरकरार रखा क्योंकि अधिकारियों ने एनएसए के तहत प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपायों और अनुच्छेद 22 (5) के संवैधानिक जनादेश का विधिवत अनुपालन किया था. मामले के तथ्यों के अनुसार 31 मार्च 2025 को उप्र गोहत्या निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत, तीनों याचियों सहित आठ आरोपियों के खिलाफ, मवेशियों के अवैध वध के संबंध में एफआईआर दर्ज की गई थी.

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