झारखंड में SIR: संदेह के घेरे में आए 63 लाख से अधिक वोटरों को भेजा गया नोटिस, 24 अगस्त से होगी सुनवाई
झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण में 63 लाख से अधिक मतदाताओं को नोटिस भेजा गया है. भुवन किशोर झा की रिपोर्ट.


Published : August 21, 2026 at 5:23 PM IST
रांची: झारखंड में मतदाताओं के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान राज्य भर में 63,24,116 मतदाताओं को नोटिस भेजा जा रहा है. इन मतदाताओं को भारत का नागरिक होने के साथ-साथ वोटर लिस्ट में पाई गई विसंगतियों का जवाब देना होगा. 24 अगस्त से ऐसे मतदाताओं की होने वाली सुनवाई को लेकर शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की बैठक हुई, जिसमें उनसे दावा एवं आपत्ति के दौरान सहयोग मांगा गया.
जिलावार सबसे ज्यादा नोटिस रांची में
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा नोटिस रांची जिले में मतदाताओं को भेजा जा रहा है, जिनकी संख्या 6,89,283 है. इसके बाद दूसरे नंबर पर गिरिडीह जिला है, जहां 5,33,553 मतदाताओं को नोटिस भेजा जा रहा है. तीसरे नंबर पर धनबाद जिला है, जहां 4,73,891 और चौथे नंबर पर राज्य का पूर्वी सिंहभूम जिला है, जहां 4,59,314 मतदाताओं को नोटिस का जवाब देना होगा. पांचवें नंबर पर हजारीबाग जिला है, जहां 4,16,052 मतदाताओं को नोटिस का जवाब देना होगा. ये वैसे मतदाता हैं जो या तो नो मैपिंग श्रेणी में हैं या जिनका डेमोग्राफिकल सिमिलर एंट्री है.
तार्किक विसंगति श्रेणी में सबसे अधिक मतदाता
सबसे ज्यादा तार्किक विसंगति श्रेणी के वोटर हैं, जिनकी संख्या 45,55,227 है. संदेह के घेरे में आए इन मतदाताओं में वैसे वोटर हैं जिनका नाम पिछले एसआईआर से यदि मैच करता है मगर नाम या माता-पिता के नाम में अशुद्धि या जन्म तिथि या एक से अधिक जगहों पर वोटर लिस्ट में नाम है तो उन्हें नोटिस का सामना करना पड़ रहा है.
आंकड़ों का सारांश:
- वर्तमान मतदाता सूची के ड्राफ्ट पब्लिकेशन में मतदाताओं की कुल संख्या–2,21,01,249
- विभिन्न कैटेगरी के मतदाता जिन्हें निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी स्तर से नोटिस भेजे जाएंगे–63,24,116
- नो मैपिंग वाले वोटर के सत्यापन के लिए–14,03,205
- डेमोग्राफिकल सिमिलर एंट्री (डीएसई) के आधार पर सत्यापन हेतु मतदाताओं की कुल संख्या–3,65,684
- तार्किक विसंगति के आधार पर सत्यापन के लिए मतदाताओं की संख्या–45,55,227
22 और 23 अगस्त को विशेष कैंप, फिर सुनवाई
सुनवाई शुरू होने से पहले 22 एवं 23 अगस्त को विशेष कैंप लगाए जाएंगे. मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने आगामी शनिवार एवं रविवार, 22 एवं 23 अगस्त 2026 को राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर आयोजित होने वाले दूसरे एवं अंतिम विशेष शिविर को सफल बनाने में सहयोग करने का आग्रह किया. उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे अपने बूथ लेवल एजेंटों एवं कार्यकर्ताओं के माध्यम से यह सुनिश्चित करने में सहयोग करें कि राज्य का कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे.
उन्होंने कहा कि करीब 24 अगस्त से जिन्हें नोटिस भेजा गया है उनकी सुनवाई शुरू होगी. इस दौरान वे अपनी दावेदारी कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे सभी पात्र भारतीय नागरिक, जिनकी आयु 1 अक्टूबर 2026 को अथवा उससे पहले 18 वर्ष पूर्ण हो चुकी है अथवा हो जाएगी और जिनका नाम एसआईआर के अंतर्गत प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं है, वे फॉर्म-6 एवं निर्धारित घोषणापत्र भरकर अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन अवश्य जमा करें. उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी ऐसे पात्र नागरिकों को चिन्हित कर आवेदन जमा कराने में सहयोग करने की अपील की.
एक परिवार–एक मतदान केंद्र व्यवस्था पर जोर
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि एसआईआर के दौरान ‘एक परिवार–एक मतदान केंद्र’ की व्यवस्था को भी प्रभावी रूप से सुनिश्चित किया जाना है. यदि किसी परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग मतदान केंद्रों पर दर्ज हैं अथवा उनका वर्तमान मतदान केंद्र उनके निवास स्थान से दूर है, तो परिवार के सदस्यों को उनके निवास के निकट एक ही मतदान केंद्र पर सूचीबद्ध कराने के लिए फॉर्म-8 के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है.
शुद्ध मतदाता सूची का लक्ष्य, विदेशी नागरिकों पर सख्ती
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य शुद्ध एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करना है. इसमें राजनीतिक दलों, बीएलए-2, बीएलओ, बीएलओ सुपरवाइजर तथा नागरिकों की सक्रिय सहभागिता महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि एक भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से न छूटे और किसी भी विदेशी नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो, इस हेतु सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों का सहयोग अपेक्षित है. कोई विदेशी नागरिक अगर मतदाता सूची में शामिल होने के लिए गलत घोषणापत्र भरकर गलत तरीके से शामिल होने की कोशिश कर रहे हैं तो उनका फॉर्म-7 भरकर अपील करें. ईआरओ स्तर पर इनकी सुनवाई करते हुए आवश्यक आदेश जारी किए जाएंगे.
दलों ने सहयोग का आश्वासन दिया
चुनाव आयोग को भारतीय जनता पार्टी की ओर से राकेश प्रसाद, कांग्रेस की ओर से सूर्यकांत शुक्ला और आप पार्टी की ओर से सूबेदार एस एन सिंह ने सुझाव दिए और सहयोग करने का आश्वासन दिया.
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