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नेतरहाट में आदिवासियों की जमीन पर होटल और रिसॉर्ट बनाने वालों पर चला प्रशासन का चाबुक, 100 लोगों को दिया नोटिस

लातेहार के नेतरहाट में आदिवासियों की जमीन में धड़ल्ले से होटल और रिसॉर्ट बनाने वाले लोगों को एसडीएम ने नोटिस दिया है.

ILLEGAL CONSTRUCTION IN NETARHAT
नेतरहाट एसडीएम (ईटीवी भारत)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : January 11, 2026 at 7:07 PM IST

4 Min Read
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लातेहार: नेतरहाट में आदिवासियों की जमीन पर होटल और रिसॉर्ट बनाने वाले लोगों पर प्रशासन का चाबुक चला है. ईटीवी भारत में खबर प्रकाशित होने के बाद एसडीएम विपिन दुबे ने कड़ा रुख अपनाया है. एसडीएम ने लगभग 100 ऐसे लोगों को नोटिस जारी किया है, जिन्होंने नेतरहाट में होटल, रिसार्ट बना रहे हैं. एसडीएम ने कागज की जांच पूरी होने तक सभी प्रकार के निर्माण कार्य पर भी रोक लगा दी है. एसडीएम की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है.

दरअसल नेतरहाट झारखंड का सबसे बेहतरीन पर्यटन स्थलों में से एक है. यहां प्रत्येक वर्ष पर्यटकों की भारी भीड़ लगती है. नेतरहाट में अधिकांश भूमि आदिवासियों की है. पिछले 10 से 15 वर्षों के अंतराल में नेतरहाट में बड़े पैमाने पर होटल और रिसार्ट का निर्माण किया जा रहा है. आरोप है कि आदिवासियों की जमीन को गलत तरीके से एग्रीमेंट कराकर बाहर के पूंजीपति लोग नेतरहाट में होटल का निर्माण कर रहे हैं. इसके बदले आदिवासी समुदाय के लोगों को मात्र कुछ पैसे ही दिए जा रहे हैं और उनके जमीन को अपने नाम कर लिया जा रहा है.

मामले को लेकर जानकारी देते एसडीएम (ईटीवी भारत)

एसडीएम ने 100 लोगों को भेजा नोटिस

पूरे मामले में सीएनटी एक्ट का खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन किया जा रहा है. इसके अलावा नेतरहाट का एक बड़ा एरिया पलामू टाइगर रिजर्व के अंतर्गत आता है. यह पूरी तरह इको सेंसेटिव जोन की श्रेणी में रखा गया है. इसके बावजूद यहां इको सेंसेटिव जोन के नियमों का उल्लंघन करते हुए धड़ल्ले से जमीन की खरीद बिक्री और निर्माण कार्य आरंभ कर दिया गया है. इस पूरी खबर को ईटीवी भारत ने प्रमुखता से प्रकाशित किया. इसके बाद एसडीएम विपिन दुबे ने मामले में संज्ञान लेते हुए लगभग 100 लोगों को नोटिस जारी किया.

Illegal Construction in netarhat
नेतरहाट इलाके में अवैध निर्माण (ईटीवी भारत)

आदिवासियों की 1 इंच जमीन किसी को लूटने नहीं देंगे: एसडीएम

एसडीएम विपिन दुबे ने बताया कि नेतरहाट में आदिवासियों की जमीन को गलत तरीके से एग्रीमेंट किया जा रहा है. जिसके बाद उसपर अवैध रूप से कब्जा जमाने के आरोप का मामला उनके संज्ञान में आया है. इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए नेतरहाट में जो भी होटल या रिसॉर्ट निर्माण किया जा रहा है या किया गया है, उन सभी को नोटिस भेज कर जवाब मांगा गया है. सभी से जमीन की कागजात की भी मांग की गई है. इसके अलावा जिन लोगों ने एग्रीमेंट के आधार पर जमीन लेकर होटल का निर्माण किया है, उनके एग्रीमेंट की कॉपी की भी मांग की गई है.

एसडीएम ने कहा कि यदि आदिवासियों की जमीन पर कोई होटल बन रहा है तो उसमें संबंधित आदिवासी व्यक्ति का ही मालिकाना हक रहेगा. यदि इसमें गड़बड़ी पाई गई तो निश्चित तौर पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बताया कि आदिवासियों की 1 इंच जमीन भी किसी को गलत तरीके से लेने नहीं दिया जाएगा. इसके अलावा जो भी निर्माण कार्य चल रहे हैं, उन सभी को इको सेंसेटिव जोन का क्लीयरेंस सर्टिफिकेट भी लाना होगा. जब तक इको सेंसेटिव क्लीयरेंस नहीं रहेगा, तब तक निर्माण कार्य को अवैध माना जाएगा.

नेतरहाट की खूबसूरती पर भी लगा ग्रहण

बता दें कि नेतरहाट की खूबसूरती इसकी प्राकृतिक वादियां ही है. लेकिन पिछले कुछ वर्षों के अंतराल में जिस प्रकार नेतरहाट में कोयल व्यू प्वाइंट, सनसेट पॉइंट और अन्य महत्वपूर्ण स्थान पर व्यावसायिक दृष्टिकोण से होटल और रिसोर्ट का निर्माण किया जा रहा है. इससे इसकी खूबसूरती पर भी ग्रहण लग गया है. इसके अलावा आदिवासियों की जमीन भूमि दलालों के माध्यम से एक तरह से लूटा जा रहा है. ऐसे में अधिकारियों को मामले का संज्ञान लेते हुए आदिवासियों की जमीन और उनके अधिकार को संरक्षण करने की जरूरत है.

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