बेमेतरा के गाड़ाडीह में अमानक धान जब्त, परिवहन में लगाई गई रोक, जिला प्रशासन की कार्रवाई
बेमेतरा के गाड़ाडीह में जिला प्रशासन ने 10 हजार बोरी अमानक धान जब्त किया है.अमानक धान जब्त होने के बाद परिवहन में रोक लगी है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : January 7, 2026 at 1:44 PM IST
बेमेतरा : बेमेतरा जिले के धान उपार्जन केंद्र गाड़ाडीह में खाद्य, राजस्व, मंडी एवं सहकारिता विभाग की संयुक्त टीम औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान हुई जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है. संयुक्त टीम धान उपार्जन केंद्र में रखे गए 05 स्टैक मोटा धान की जांच की गई, जिसमें पुराना धान,अमानक श्रेणी का नया धान मिश्रित रूप में मिला. गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर टीम ने तत्काल प्रभाव से कुल 10 हजार बोरे धान को अस्थायी रूप से जब्त करते हुए उनके परिवहन पर रोक लगा दी.
खरीदी में पारदर्शी लाने किया कार्रवाई
जांच टीम के अधिकारियों ने बताया कि यह कार्यवाही किसानों के हितों की रक्षा, पारदर्शी रूप धान खरीदी की प्रक्रिया सुनिश्चित करने और शासन के निर्धारित गुणवत्ता मानकों के पालन के लिए की गई है. जांच के दौरान प्रथम दृष्टया ये पाया गया कि धान की गुणवत्ता मानक से कम है, जिससे शासन को आर्थिक नुकसान होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. संयुक्त टीम ने मामले की विस्तृत जांच की जा रही है. जांच पूर्ण होने के बाद संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमों के अनुसार कठोर कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी. साथ ही अन्य उपार्जन केंद्रों में भी सतत निरीक्षण एवं निगरानी जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं.
प्रशासन के नियम विरुद्ध हो रही थी धान खरीदी
गाड़ाडीह में जांच के दौरान यह भी सामने आया कि उपार्जन केंद्र गाड़ाडीह में बड़े पैमाने पर पुराना धान खपाने का प्रयास किया गया है. इसके साथ ही नए धान की गुणवत्ता भी खराब पाई गई. बेमेतरा की कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगोई ने बताया कि 2-3 धान खरीदी केंद्रों से अमानक धान खरीदी लेने की शिकायत प्राप्त हुई थी। जिसके बाद खाद नोडल की संयुक्त टीम ने मामले में जांच किया जहां अमानक धान पाया गया है.


केंद्र प्रभारी ने अमानक धान की खरीदी की गई प्रारंभिक रूप से यह पता चला है. केंद्र प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई के लिए हमने प्रोसेस शुरू कर दिया है.फिर विधिवत उसमें हम आगे बढ़ेंगे- प्रतिष्ठा ममगोई, कलेक्टर
आपको बता दें कि जांच टीम के लिए गए नमूनों में अधिक नमी, टूटन, कचड़ा, मिट्टी एवं अन्य अपशिष्ट पदार्थ मिले हैं, जो शासन के निर्धारित गुणवत्ता मानकों का स्पष्ट उल्लंघन है. प्रथम दृष्टया यह गंभीर अनियमितता जानबूझकर की गई लग रही है, जिससे शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने के साथ-साथ किसानों की मेहनत और व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.
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