हिमाचल की ‘छोटी संसद’ में महासंग्राम, विधानसभा अध्यक्ष के गृह जिले में एक पद पर सबसे ज्यादा दावेदार
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों के लिए कुल 31,182 पदों पर 79,676 उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी ठोकी है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : May 12, 2026 at 11:31 AM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों ने इस बार लोकतंत्र की जड़ों तक ऐसी हलचल पैदा कर दी है कि गांव-गांव की चौपालों से लेकर पहाड़ी कस्बों की गलियों तक सियासत का तापमान अचानक चढ़ गया है. नामांकन पत्र दाखिल करने के अंतिम दिन उम्मीदवारों की उमड़ी भीड़ ने साफ कर दिया है कि इस बार “छोटी संसद” के लिए महासंग्राम होने वाला है.
आखिरी दिन सबसे ज्यादा नामांकन दर्ज
हिमाचल प्रदेश में 7 मई को नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के पहले ही दिन जहां 16,891 उम्मीदवारों ने चुनावी रण में उतरने का ऐलान किया था. वहीं, दूसरे दिन 8 मई को यह आंकड़ा बढ़कर 25,671 तक पहुंच गया. इसके बाद 11 मई को आखिरी दिन रिकॉर्ड 37,114 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल कर पंचायत चुनावों को बेहद दिलचस्प और कांटे का मुकाबला बना दिया. वहीं, विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया के गृह जिला चंबा में एक पद के लिए सबसे ज्यादा औसतन 3.10 उम्मीदवार चुनावी रण में आमने सामने होंगे.
इस दिन होगी नामांकन पत्र वापसी प्रक्रिया
इतनी बड़ी संख्या में दावेदारों के मैदान में उतरने से अब पंचायत स्तर पर राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलने लगे हैं और उम्मीदवारों की धड़कनें भी बढ़ गई हैं. त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की सरगर्मियां अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई हैं, लेकिन असली तस्वीर अभी धुंधली बनी हुई है. किस सीट पर मुकाबला सीधा होगा और कहां बहुकोणीय टक्कर देखने को मिलेगी, इसको लेकर उम्मीदवारों की अंतिम संख्या और चुनावी रण का पूरा समीकरण 15 मई को नामांकन पत्र वापसी की प्रक्रिया खत्म होने के बाद ही साफ हो पाएगा.
कांगड़ा में 14,590 ने जताई दावेदारी
हिमाचल सबसे अधिक राजनीतिक सक्रियता प्रदेश के सबसे बड़े और सबसे ज्यादा विधायक देने वाले जिला कांगड़ा में देखने को मिली है. यहां तीन स्तरीय पंचायत चुनाव में 6977 पदों के लिए सबसे ज्यादा 14,590 प्रत्याशियों ने अपनी दावेदारी पेश कर चुनावी मुकाबले में ताल ठोकी है. ऐसे में जिला कांगड़ा में एक पद के लिए औसतन 2.09 उम्मीदवारों ने दावेदारी जताई है.
सीएम के गृह जिले में एक पद को सबसे ज्यादा दावेदार
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के गृह जिला हमीरपुर में इस बार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव सिर्फ लोकतंत्र का उत्सव नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिष्ठा और स्थानीय जनाधार की बड़ी परीक्षा बनकर उभर रहे हैं. जिले में एक-एक पद के लिए कई-कई चेहरे मैदान में उतर आए हैं, जिससे मुकाबला दिलचस्प होने के साथ-साथ बेहद कांटे का भी माना जा रहा है. हमीरपुर में पंचायत सदस्य से लेकर जिला परिषद तक कुल 1998 पदों के लिए 5333 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए हैं, यानी एक पद के लिए औसतन 2.66 उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी पेश की है.
पूर्व सीएम के जिले में भी एक पद पर 3.06 उम्मीदवार
पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह जिले मंडी में इस बार पंचायत राजनीतिक प्रतिष्ठा की परीक्षा बनते जा रहे हैं कि प्रदेश की राजनीति में लंबे समय तक प्रभाव रखने वाले पूर्व मुख्यमंत्री के अपने जिले में ही चुनावी माहौल सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है. मंडी जिले में पंचायत सदस्य से लेकर जिला परिषद तक कुल 4762 पदों के लिए 14517 उम्मीदवार चुनावी रणभूमि में आमने-सामने हैं. मंडी जिले में औसतन एक पद के लिए 3.05 उम्मीदवारों ने दावेदारी जताई है. बड़ी संख्या में मैदान में उतरे प्रत्याशियों ने मुकाबले को बेहद रोचक बना दिया है. राजनीतिक जानकारों की मानें तो इस बार पंचायत चुनावों के नतीजे केवल स्थानीय सत्ता का चेहरा तय नहीं करेंगे, बल्कि यह भी संकेत देंगे कि मंडी जिले में किस राजनीतिक धड़े की पकड़ कितनी मजबूत है. यही वजह है कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के लिए भी ये चुनाव प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गए हैं.
लाहौल-स्पीति में सबसे कम दावेदार
बर्फीली चोटियों और विरल आबादी वाले लाहौल-स्पीति में इस बार पंचायत चुनावों की तस्वीर बाकी जिलों से अलग नजर आ रही है. यहां चुनावी मैदान में शोर कम और मुकाबला भी बेहद सीमित दिख रहा है. पंचायत सदस्य से लेकर जिला परिषद तक के 378 पदों के लिए सिर्फ 493 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया है. आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले में औसतन एक पद के लिए मात्र 1.30 उम्मीदवार मैदान में हैं, जो प्रदेश में सबसे कम प्रतिस्पर्धा मानी जा रही है.
| जिलावार नामांकन ब्यौरा | |
| जिला | नामांकन |
| कांगड़ा | 14,590 |
| मंडी | 14,517 |
| चंबा | 8,002 |
| शिमला | 7,614 |
| हमीरपुर | 5,333 |
| सिरमौर | 5,970 |
| ऊना | 5,823 |
| कुल्लू | 5,817 |
| सोलन | 5,605 |
| बिलासपुर | 4,484 |
| किन्नौर | 1,428 |
| लाहौल-स्पीति | 493 |
| कुल | 79,676 |
प्रदेश में 1 पद के लिए औसतन 2.55 उम्मीदवार
देवभूमि की पहाड़ियों में इस बार लोकतंत्र का सबसे बड़ा लोकपर्व कुछ अलग ही रंग में नजर आने वाला है. प्रदेश में पंचायत चुनावों के लिए कुल 31,182 पदों पर 79,676 उम्मीदवारों ने दावेदारी ठोकी है. आंकड़ों पर नजर डालें तो हर एक पद के लिए औसतन 2.55 उम्मीदवार चुनावी मैदान में आमने-सामने होंगे. इससे साफ है कि इस बार मुकाबला पहले के मुकाबले ज्यादा दिलचस्प और प्रतिस्पर्धी होने जा रहा है. कई पंचायतों में मुकाबला त्रिकोणीय और बहुकोणीय बनने की संभावना है, जिससे चुनावी रण और भी रोमांचक हो गया है. गांवों की सरकार तय करने वाले इन चुनावों में अब प्रचार का शोर तेज होगा. प्रत्याशी घर-घर जाकर समर्थन जुटाएंगे, पुराने काम गिनाए जाएंगे और नए वादों की फेहरिस्त भी सामने आएगी. ऐसे में आने वाले दिनों में हिमाचल की पंचायतों में लोकतंत्र का यह महापर्व पूरी गर्मजोशी और राजनीतिक रंगत के साथ देखने को मिलेगा.

