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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमले के मामले में नहीं दर्ज हुए किसी गवाह के बयान

आज अभियोजन पक्ष की ओर से तीन गवाह रघुनंदन सिंह , नरेश जैन और एएसआई सुरिंदर कुमार उपस्थित थे.

तीस हजारी कोर्ट
तीस हजारी कोर्ट (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Delhi Team

Published : February 28, 2026 at 8:34 PM IST

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नई दिल्ली: दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में आज दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमला करने के मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ किसी भी गवाह के बयान दर्ज नहीं हो सके. आज आरोपियों के वकील के परिवार में किसी की मौत की वजह से किसी भी गवाह के बयान दर्ज नहीं हो सके. एडिशनल सेशंस जज निशांत गर्ज ने मामले की अगली सुनवाई 25 अप्रैल को करने का आदेश दिया.

आज अभियोजन पक्ष की ओर से तीन गवाह रघुनंदन सिंह , नरेश जैन और एएसआई सुरिंदर कुमार उपस्थित थे. आरोपियों की ओर से पेश सिद्धार्थ मलिक ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेश होकर कहा कि उनके परिवार में किसी की मौत हो गई है इसलिए वे आज कोर्ट में पेश नहीं हो पाएंगे। उसके बाद कोर्ट ने तीनों गवाहों के बयान दर्ज करने के लिए 25 अप्रैल को अगली तिथि नियत करने का आदेश दिया.


कोर्ट ने 26 दिसंबर 2025 को आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था. कोर्ट ने आरोपी तहसीन सैयद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 221, 132, 109(1) और आरोपी राजेश खिमजी के खिलाफ 109(1), 115(2), 221 और 132 के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था. सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कहा था कि इस मामले में शिकातयतकर्ता दिल्ली की मुख्यमंत्री और महिला हैं. उनका बयान दो बजे दर्ज करने के लिए बुलाया जाए और कोर्ट में ज्यादा भीड़भाड़ नहीं हो इसलिए इन कैमरा कार्यवाही हो. आरोपियों की ओर से पेश वकील ने भी दिल्ली पुलिस की इन-कैमरा कार्यवाही की मांग का विरोध नहीं किया. उसके बाद कोर्ट ने कहा कि शिकायतकर्ता और मुख्यमंत्री को आगे जब भी साक्ष्य देने के लिए बुलाया जाए तो इन-कैमरा कार्यवाही हो.


बता दें कि दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में कहा गया है कि रेखा गुप्ता पर हमला करने वाले आरोपी राजेश खिमजी ने एक सपने के बाद ऐसा किया था. चार्जशीट में कहा गया है कि राजेश खिमजी ने सपने में देखा कि एक शिवलिंग के बगल में बैठे कुत्ते ने उससे कहा कि दिल्ली में कुत्ते कष्ट में हैं. चार्जशीट में कहा गया है कि राजेश खिमजी ने फेसबुक पर वीडियो देखे जिसमें कुत्तों की समस्याओं के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को जिम्मेदार ठहराते हुए लोग प्रदर्शन कर रहे थे. चार्जशीट में इस बात का खुलासा हुआ है कि राजेश खिमजी ने मई में अयोध्या में बंदरों के सवाल पर भूख हड़ताल किया था.


इस मामले में दिल्ली पुलिस ने 18 अक्टूबर को चार सौ पेजों का चार्जशीट दाखिल किया था. दिल्ली पुलिस ने आरोपियों राजेश खिमजी और तहसीन सैयद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत हत्या की कोशिश, लोकसेवक के काम में बाधा डालने और आपराधिक साजिश रचने का आरोप लगाया गया है.


दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक राजेश खिमजी आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के रुख से नाराज था. सुप्रीम कोर्ट ने 11 अगस्त 2025 को अपने फैसले में कहा था कि आवारा कुत्तों को शेल्टर होम में शिफ्ट किया जाए। इस फैसले का रेखा गुप्ता ने पुरजोर समर्थन किया था.। दिल्ली पुलिस के मुताबिक इससे नाराज राजेश खिमजी ने रेखा गुप्ता पर 20 अगस्त 2025 को उस समय हमला किया जब वो जन सुनवाई कर रही थी.