मेरे पापा बड़े अफसर, कैसे काटोगे चालान? 'नो हेलमेट-नो फ्यूल' अभियान में काम नहीं आए बहाने
डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर राधेश्याम ने बताया कि राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत विभिन्न तरह के अभियान चलाए जा रहे हैं.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : January 10, 2026 at 11:47 AM IST
लखनऊ: प्रदेश भर में 'नो हेलमेट-नो फ्यूल' अभियान चलाया जा रहा है. परिवहन विभाग के अधिकारी भी पेट्रोल पंप पर पहुंचकर अभियान चला रहे हैं. इस दौरान बिना हेलमेट वाले वाहन चालकों के अजब-गजब बहाने भी सामने आ रहे हैं. बहाने भी ऐसे-ऐसे कि सुनकर हंसी आ जाए.
लखनऊ में अभियान के दौरान एक बाइक सवार ने कहा कि सर्दी में टोपी तो लगाया है, हेलमेट की क्या जरूरत? ऐसे ही तरह-तरह के बहाने सामने आ रहे हैं. हालांकि, लखनऊ में अधिकारियों ने बिना हेल्मेट और सीट बेल्ट वाले 102 वाहन चालकों का चालान काटा.
हेलमेट न लगाने के अजब-गजब बहाने: लखनऊ डीएम कार्यालय के पास वाले पेट्रोल पंप पर पहुंचे एक युवक ने अधिकारियों पर धौंस जमाने की कोशिश की. उसने कहा कि मेरे पापा बड़े अफसर हैं. मेरा चालान कैसे काटोगे?
वहीं, दूसरे व्यक्ति ने बहाना बनाया कि मेरा घर तो करीब ही था, इसलिए हेलमेट नहीं लगाया. अब ऐसा नहीं होगा. एक युवक ने कहा कि मेरी बहन की गाड़ी है, कई दिनों से खड़ी थी. आज दवा लेने के लिए वही गाड़ी लेकर निकल आया. वहीं, कई लोगों ने कहा कि हेलमेट जरूरी है, हम आगे से इसका ध्यान रखेंगे. लोगों के बहानों पर अधिकारी भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए.
102 वाहन चालकों का चालान: अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान बिना हेलमेट और सीट बेल्ट लगाए पेट्रोल पंप पहुंचे 102 वाहन चालकों का चालान काटा गया. इनको पेट्रोल भी नहीं दिया गया. 1000 रुपए का चालान भी हो गया.
हजरतगंज स्थित एक पेट्रोल पंप पर तो एक व्यक्ति ऐसा स्कूटर लेकर पहुंचा, जिसका नंबर ही नहीं था. उसका चेसिस नंबर ढूंढने में अधिकारियों को पसीने आ गए. यात्री कर अधिकारी अनीता वर्मा ने इस वाहन का 13000 रुपए का चालान काटा. चालक का ड्राइविंग लाइसेंस भी जमा करा लिया.
14 जनवरी तक चलेगा अभियान: डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर राधेश्याम ने बताया कि राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत लखनऊ समेत प्रदेश में एक जनवरी से लेकर 31 जनवरी तक विभिन्न तरह के अभियान चलाए जा रहे हैं. 8 जनवरी से 14 जनवरी तक पेट्रोल पंप पर 'नो हेलमेट नो फ्यूल' अभियान चलाया जा रहा है. परिवहन विभाग के अधिकारियों ने आपूर्ति विभाग के अधिकारियों और पेट्रोल-डीजल डीलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर सहयोग मांगा.
डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर लखनऊ राधेश्याम के नेतृत्व में लखनऊ के आरटीओ संजय तिवारी, आरटीओ (प्रवर्तन) प्रभात पांडेय, एआरटीओ प्रशासन व प्रवर्तन प्रदीप कुमार सिंह, पीटीओ अनीता वर्मा और पीटीओ आभा त्रिपाठी के साथ ही जिला आपूर्ति अधिकारी विजय प्रताप सिंह ने भी अपनी टीम के साथ पेट्रोल पंप पर चेकिंग अभियान चलाया. पहले दिन शाम तक तीन पेट्रोल पंप पर अभियान चलाया गया. 102 वाहन चालकों का चालान काटा गया.

क्या बोले अधिकारी: डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर (लखनऊ जोन) राधेश्याम ने बताया कि राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत विभिन्न तरह के अभियान चलाए जा रहे हैं. 'नो हेलमेट-नो फ्यूल' के अलावा ड्रंक एंड ड्राइविंग, सीट बेल्ट के खिलाफ भी चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है. लोगों को सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया जा रहा है.
क्या कहते हैं आरटीओ: लखनऊ संभाग के आरटीओ संजय तिवारी का कहना है कि सड़क सुरक्षा माह के तहत अभियान चलाकर आज कई वाहन चालकों पर कार्रवाई की गई है. ऐसे वाहन स्वामी जो हेलमेट नहीं लगाए थे और पेट्रोल भरवाने आए थे उन्हें रोका गया. पंफलेट बांटकर जागरूक किया गया. पेट्रोल पंप संचालकों ने उन्हें पेट्रोल नहीं दिया और हमारा सहयोग किया.

क्या कहते हैं आरटीओ प्रवर्तन: आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडेय ने बताया कि पिछले साल एक सितंबर से 30 सितंबर तक उत्तर प्रदेश में यह अभियान चलाया गया था. इस अभियान का उद्देश्य यही है कि लोगों को एक झटका दिया जाए जिससे उन्हें यह एहसास हो सके कि उनसे गलती हुई है. हेलमेट नहीं लगाया इसलिए उन्हें पेट्रोल नहीं मिला.
क्या कहते हैं डीएसओ: लखनऊ के जिला आपूर्ति अधिकारी विजय प्रताप सिंह ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यह अभियान चलाया जा रहा है. परिवहन विभाग और हमारा विभाग संयुक्त रूप से यह अभियान चला रहा है. पेट्रोल पंप पर बिना हेलमेट लगाने वाले वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं दिया जा रहा है. पेट्रोल संचालक इस अभियान में पूरा साथ दे रहे हैं.
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