एनआईटी पटना का दीक्षांत समारोह, 1018 छात्र-छात्राओं को प्रदान की गई उपाधि
एनआईटी पटना नित-नवीन उपलब्धियां हासिल कर रहा है. NIRF रैंकिंग में सुधार हुआ है. आज 1018 छात्रों को उपाधि प्रदान की गई. पढ़ें खबर.

Published : December 27, 2025 at 6:21 PM IST
पटना : एनआईटी पटना में शनिवार को 14वां दीक्षांत समारोह मनाया गया. जिसमें 1018 छात्र-छात्राओं को उपाधि प्रदान की गई. इनमें 740 स्नातक, 111 परास्नातक और 167 पीएचडी शोधार्थी शामिल रहे. कुल उत्तीर्ण छात्रों में 823 छात्र और 195 छात्राएं रही जिन्हें विभिन्न पाठ्यक्रमों में डिग्री प्रदान की गई. इनमें 14 छात्र छात्राओं को गोल्ड मेडल दिया गया. एनआईटी पटना के निदेशक प्रो. प्रदीप कुमार जैन ने मंच पर व्यक्तिगत रूप से हर एक छात्रों को उपाधि प्रदान की.
'बेस्ट ग्रेजुएट गर्ल का अवार्ड पाकर काफी खुशी' : 2024-25 शैक्षणिक सत्र में उत्तीर्ण बैचलर इन आर्कियोलॉजी की छात्रा आनंद सेतु ने बताया कि बहुत खुशी हो रही है कि 5 वर्षों का यह फल मिला है. उन्हें बेस्ट ग्रेजुएट गर्ल का सम्मान मिला है. यह उनके लिए बेहद ही गौरव की बात है.
''संस्थान से ही मेरा प्लेसमेंट हुआ. अभी जयपुर में एक कंपनी में कार्यरत हूं लेकिन आगे भविष्य में अपना आर्कियोलॉजी का फॉर्म खोलना है. आने वाले समय में अपना स्टार्टअप शुरू करूंगी और यही मेरा सपना है.''- आनंद सेतु, आर्कियोलॉजी की छात्रा
14 छात्राओं को मिला गोल्ड : एनआईटी पटना के निदेशक प्रो. प्रदीप कुमार जैन ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मौसम और स्वास्थ्य की वजह से कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो पाए, लेकिन उनकी शुभकामनाएं प्राप्त हुई हैं. विशिष्ट अतिथि के रूप में संस्थान के पूर्ववर्ती छात्र सुनील सिन्हा जो टाटा इंटरनेशनल वेस्ट एशिया (दुबई) के निदेशक हैं, वह शामिल हुए और दीक्षांत भाषण से सभी विद्यार्थियों को भविष्य में बेहतर करने के लिए प्रोत्साहित किया. 14 छात्र छात्राओं को गोल्ड मेडल दिया गया है.

''डिग्री वितरण के आंकड़ों पर नजर डालें तो बी.टेक. और बी.आर्क. पाठ्यक्रम में 740 छात्र-छात्राओं, एम.टेक. और एम.यू.आर.पी. में 111 छात्र-छात्राओं को उपाधि दी गई. इसके अलावा पीएचडी कार्यक्रम में 167 शोधार्थियों को उपाधि प्रदान की गई है. यह उपलब्धि एनआईटी पटना की मजबूत अकादमिक व्यवस्था और शोध के क्षेत्र में निरंतर प्रगति को दर्शाती है.''- प्रो. प्रदीप कुमार जैन, निदेशक, एनआईटी पटना

रिसर्च के कारण सुधरी NIRF रैंकिंग : प्रो. प्रदीप कुमार जैन ने बताया कि रिसर्च के क्षेत्र में संस्थान काफी अच्छा काम कर रहा है और यही कारण है कि एनआईआरएफ रैंकिंग भी संस्थान की बेहतर हुई है. हमारे संस्थान में रिसर्च पर काफी ध्यान दिया जा रहा है और यह गौरव की बात है कि बीते दो वर्षों में 150 से अधिक पेटेंट सिर्फ एनआईटी पटना का हो चुका है. बीते कुछ वर्षों में रिसर्च के पब्लिकेशन का काम भी बेहतर हुआ है और इसमें सुधार हुआ है. इसके कारण लगातार एनआईआरएफ रैंकिंग में सुधार हुआ और अभी के समय यह रैंकिंग देशभर में 53 है.
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