2 साल में 9 बाघ और 38 हाथियों की हुई मौत, विधानसभा में विपक्ष के सवाल पर सरकार ने दिया जवाब
सरकार ने कहा, ज्यादातर जानवरों की मौत करंट और वाहनों के टक्कर से हुई है. कांग्रेस विधायक ने अंडरपास बनाने की मांग की.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : March 10, 2026 at 5:57 PM IST
रायपुर: विधानसभा में बजट सत्र के दौरान एक बार विपक्ष ने धान खरीदी से लेकर वन्य जीव संरक्षण पर सरकार को घेरा. विपक्ष की ओर से आरोप लगाया कि वन्य जीव संरक्षण के कामों में ये सरकार पूरी तरह से विफल रही है. वन्य जीवों की मौत को लेकर पामगढ़ से कांग्रेस विधायक शेषराज हरवंश ने वन मंत्री से सवाल पूछा था, जिसका जवाब वन मंत्री ने दिया.
24 महीने में 9 बाघ और 38 हाथियों की मौत
पामगढ़ से कांग्रेस विधायक शेषराज हरवंश कहा कि आज 11वें नंबर पर मेरा प्रश्न लगा था. मैंने पूछा था कि दिसंबर 2023 से 2026 तक की अवधि में कहां-कहां बाघ और हाथियों की मृत्यु हुई है, इसकी जानकारी सदन को दी जाए. इस पर सत्ता पक्ष की ओर से विस्तार से जवाब आया है. जवाब में बताया गया है, कि दो साल की अवधि में 9 बाघ 38 हाथी और 562 अन्य जीव की मृत्यु हुआ है. ये भी बताया गया है कि कई जानवरों की मृत्यु करंट और वाहन की टक्कर से हुई है.
सरकार और उसके अफसर नाकाम साबित हुए: कांग्रेस
पामगढ़ से कांग्रेस विधायक शेषराज हरवंश कहा, हम दूसरे राज्यों से बाघ लाते हैं लेकिन हम अपने यहां के बाघों को सुरक्षित नहीं रख पाते हैं, ये तकलीफदेह बात है. वन विभाग पूरी तरह से अपने काम को करने में असफल साबित हो रहा है. हाथियों और अन्य जानवरों के लिए जंगल में खतरे वाली जगह से आने-जाने के लिए अंडरपास होना चाहिए. अगर ऐसा होगा तो कई जानवरों की जान बच सकती है.
पामगढ़ विधायक ने दिया सदन में सुझाव
कांग्रेस विधायक ने कहा कि राज्य सरकार को चाहिए कि जानवरों की जान बचाने लिए जो भी उचित कदम हों वो उठाए जाने चाहिए. वन्य जीवों की मौत पर शासन और वन विभाग के अफसरों को सचेत होना पड़ेगा. विधायक ने कहा कि 11 केवी के तार से जो हुकिंग होती है और उसे खुला छोड़ देते हैं उसे रोकना होगा. वायरों को इंसुलेट करना होगा ताकि करंट से जानवरों की जान नहीं जाए, शिकारियों को भी जंगल में करंट फैलाने में मदद नहीं मिले.पामगढ़ विधायक ने कहा कि बाघों और हाथियों को बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है. वन्य जीव संपदा पर हम सबको मिलकर काम करना होगा. विधायक ने कहा कि कई ऐसे बाघों की मौत हुआ है जिनकी उम्र महज चार से पांच साल के बीच रही है. हमारे बच्चे इन जानवरों को देख सकें इसके लिए हमें इनके संरक्षण और संवर्धन दोनों पर काम करना होगा.
वन मंत्री ने सदन को दी जानकारी
- 2023 से अब तक प्रदेश में कुल 38 हाथियों की मौत दर्ज हुई.
- 2023 में बलरामपुर और धरमजयगढ़ में एक-एक हाथी की मौत हुई.
- 2024 में सबसे ज्यादा 18 हाथियों की मौत हुई, जिनमें रायगढ़, कोरबा, बलरामपुर, सूरजपुर, धमतरी, बिलासपुर और उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के मामले शामिल हैं.
- 2025 में 16 हाथियों की मौत हुई. इनमें रायगढ़ वन मंडल में 7, धरमजयगढ़ में 4, कोरबा में 2, जबकि बलरामपुर, सूरजपुर और कटघोरा में एक-एक हाथी की मौत हुई.
- 2026 में अब तक 2 हाथियों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व और एक रायगढ़ वन मंडल का मामला शामिल....
- 2 वर्षों में राज्य में 9 बाघों की मौत हुई है.
- 2024 में सारंगढ़-बिलाईगढ़ वन मंडल और कोरिया में एक-एक बाघ की मौत हुई.
- 2025 में अचानकमार टाइगर रिजर्व, नंदनवन वन सफारी, अचानकमार-अमरकंटक बायोस्फियर रिजर्व और सूरजपुर में कुल 6 बाघों की मौत दर्ज की गई.
- 2026 में अब तक अचानकमार टाइगर रिजर्व में एक बाघ की मौत हुई.
- हाथियों और बाघों के अलावा पिछले 3 वर्षों में प्रदेश में 562 अन्य वन्यजीवों की भी अस्वाभाविक मौत दर्ज की गई.
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