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जन अदालत हत्याकांड, महिला नक्सली राजे कंगे पर NIA की चार्जशीट

जन अदालत हत्याकांड में CPI (माओवादी) की महिला कमांडर पर NIA की चार्जशीट, नारायणपुर के गोमे गांव के ग्रामीण की हत्या का आरोप

NIA action in Bastar
बस्तर में एनआईए की कार्रवाई (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : February 25, 2026 at 8:31 PM IST

3 Min Read
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नारायणपुर: जन अदालत हत्याकांड में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए CPI (माओवादी) की एक महिला कमांडर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. आरोपी महिला कमांडर पर साल 2023 में नारायणपुर क्षेत्र के गोमे गांव के ग्रामीण अमर सिंह उइके के अपहरण और हत्या की साजिश रचने का आरोप है. इसके साथ ही जन अदालत के माध्यम से हत्या करवाने का भी आरोप है.

जगदलपुर में एनआईए की चार्जशीट दाखिल

NIA ने यह चार्जशीट जगदलपुर स्थित विशेष अदालत में दाखिल की है, जिससे एक बार फिर अबूझमाड़ और नारायणपुर क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों और जन अदालत की घटनाओं पर राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान केंद्रित हुआ है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में इसाक खुलासा हुआ है. प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, एजेंसी ने प्रतिबंधित संगठन CPI (माओवादी) की रावघाट एरिया कमेटी की महिला कमांडर रजे कंगे उर्फ मालती उर्फ निर्मला के खिलाफ चार्जशीट दर्ज किया है. यह चार्जशीट IPC और गैरकानूनी गतिविधि निवारण अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपपत्र दाखिल किया है.

NIA chargesheet
NIA की चार्जशीट (ETV BHARAT)

एनआईए की जांच में हुआ खुलासा

NIA की जांच में कई अहम खुलासे हुए. इस जांच में पाया गया कि आरोपी महिला कमांडर साल 2023 में नारायणपुर जिले के गोमे गांव के पास नक्सलियों की जनअदालत में शामिल थी. इस जन अदालत में में ग्रामीण अमर सिंह उइके के अपहरण और निर्मम हत्या की साजिश में सक्रिय रूप से वह शामिल थी.

जांच एजेंसी के अनुसार, स्थानीय पुलिस से मामला अपने हाथ में लेने के बाद NIA ने विस्तृत जांच की, जिसमें गवाहों के बयान, दस्तावेजों का संग्रह, फॉरेंसिक जांच और अन्य जांच प्रक्रियाओं के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि आरोपी इस हत्या की साजिश की प्रमुख सूत्रधार थी.माओवादी संगठन ने अमर सिंह उइके पर पुलिस मुखबिर होने का आरोप लगाया था और इसी आधार पर जन अदालत के माध्यम से उसे मौत की सजा दी गई.

NIA की तरफ से क्या कहा गया ?

NIA की जांच में सामने आया कि इस घटना का उद्देश्य गांव के लोगों में डर और आतंक फैलाना था, ताकि कोई भी माओवादी विचारधारा का विरोध न कर सके या संगठन के आदेशों की अवहेलना न करे. इस मामले में NIA ने केस नंबर RC-10/2024/NIA/RPR के तहत जांच की और पर्याप्त साक्ष्य जुटाकर चार्जशीट विशेष अदालत, जगदलपुर में दाखिल कर दी है. NIA ने अपने बयान में कहा कि देश में माओवादी नेटवर्क और उनके इकोसिस्टम को खत्म करने के प्रयास लगातार जारी है. इस तरह की कार्रवाई उसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

नारायणपुर जिले से जुड़े इस जन अदालत हत्याकांड में महिला माओवादी कमांडर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल होना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है. इससे एक ओर जहां पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है, वहीं दूसरी ओर अबूझमाड़ और बस्तर क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों पर लगाम लगाने की दिशा में भी यह महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. अब सभी की नजर जगदलपुर स्थित NIA विशेष अदालत की आगामी सुनवाई पर टिकी है, जहां इस सनसनीखेज मामले में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.

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