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बनारस टेंट सिटी विवाद; एनजीटी ने कहा- '2023 में गंगा किनारे बनाया गया टेंट सिटी पर्यावरण नियमों का उल्लंघन'

एनजीटी चेयरपर्सन प्रकाश श्रीवास्तव ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को जिम्मेदार कंपनियों से मुआवजा वसूलने के निर्देश दिये.

प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo credit: ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : January 8, 2026 at 11:09 PM IST

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नई दिल्ली/वाराणसी : नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने गुरुवार को कहा कि 2023 में वाराणसी में गंगा किनारे बनाया गया टेंट सिटी पर्यावरण नियमों का उल्लंघन है. एनजीटी चेयरपर्सन प्रकाश श्रीवास्तव ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिया कि वो वाराणसी में गंगा किनारे टेंट सिटी बसाने के लिए जिम्मेदार कंपनियों से 17-17 लाख का मुआवजा दो महीने में वसूल करे.

एनजीटी के फाइनल आदेश को लेकर याचिकाकर्ता सौरभ तिवारी ने बताया कि दायर की गई याचिका पर गुरुवार को एनजीटी कोर्ट ने फाइनल आदेश जारी किया है. कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि जिलाधिकारी वाराणसी और जिलाधिकारी चंदौली को आदेश के बाद भी लगभग 34 लाख रुपये से ज्यादा की वसूली टेंट सिटी लगाने वाली एजेंसी से नहीं हो सकी, इसलिए अब उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और उत्तर प्रदेश पर्यावरण विभाग तीन महीने के अंदर 34 लाख रुपये से ज्यादा की धनराशि जो जुर्माने की रकम है, उसकी वसूली करेंगे. कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि भविष्य में गंगा नदी के किनारे किसी भी तरह की टेंट सिटी बनाने की अनुमति न दी जाए.

सात सदस्यीय कमेटी का किया गया था गठन : याचिकाकर्ता सौरभ तिवारी ने याचिका में वाराणसी में टेंट सिटी के निर्माण में पर्यावरण नियमों के उल्लंघन की शिकायत की गई थी. याचिका पर सुनवाई करते हुए एनजीटी ने मार्च 2023 में शिकायत की पड़ताल करने के लिये सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया था. कमेटी ने विभिन्न पर्यावरणीय उल्लंघनों को सही पाया, जिसके बाद यूपी प्रदूषण नियंत्रण कमेटी ने टेंट सिटी का निर्माण करने वाले दो उपक्रमों पर नवंबर 2023 में 17-17 लाख रुपये का मुआवजा लगाने का आदेश दिया.

दरअसल, वाराणसी विकास प्राधिकरण ने मेसर्स प्रवेग कम्युनिकेशंस इंडिया लिमिटेड और मेसर्स निरान द टेंट सिटी के साथ शहर के विकास के लिए एक समझौता किया था. इस समझौते के तहत वाराणसी के चेट घाट के सामने टेंट सिटी स्थापित की गई थी. सुनवाई के दौरान वाराणसी विकास प्राधिकरण ने कहा कि टेंट सिटी 15 जनवरी से 31 मई तक चलाया गया था, जब ये मामला एनजीटी में आया उसके बाद राज्य सरकार ने टेंट सिटी के प्रोजेक्ट को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया.

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