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कुटुमसर गुफा की अलौकिक दुनिया, नए साल में कांगेर वैली में जुटे सैलानी, बस्तर को बताया स्वर्ग सा सुंदर

एशिया के सबसे बड़े प्राकृतिक कुटुमसर गुफा में नए साल के अवसर पर सैलानियों की भीड़ उमड़ी. पर्यटकों ने इसकी सुंदरता स्वर्ग से की है.

Tourists celebrating New Year in Kutumsar Cave
कुटुमसर गुफा में पर्यटक मना रहे नया साल (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : January 1, 2026 at 10:04 PM IST

5 Min Read
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बस्तर : बस्तर में नए साल का धूमधाम से स्वागत किया गया.बस्तर के पर्यटन स्थलों में सैलानियों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है. एशिया की बड़ी और रहस्यमयी गुफाओं में शामिल कुटुमसर गुफा में नया साल मनाने देश-विदेश से भारी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं. प्रकृति की गोद में स्थित ये गुफा हमेशा से ही पर्यटकों को अपनी ओर खींचती है.

कहां है कुटुमसर गुफा ?

जगदलपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में कुटुमसर गुफा है. ये गुफा अपनी अद्भुत प्राकृतिक संरचना, चूना पत्थर से बनी आकृतियों और भूमिगत जलधाराओं के लिए प्रसिद्ध है. नए साल के मौके पर यहां सैकड़ों की संख्या में सैलानी पहुंच रहे हैं, जिससे क्षेत्र में रौनक बढ़ गई है. गुफा के भीतर प्रवेश के लिए गाइड की व्यवस्था, सीमित संख्या में पर्यटकों को एक साथ प्रवेश, पर्याप्त रोशनी और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है.

प्राकृतिक कुटुमसर गुफा में जुटे सैलानी (ETV BHARAT)

कुटुमसर गुफा देखने के लिए उमड़ी भीड़

नया साल 2026 बस्तर पर्यटन के लिए शुभ संकेत लेकर आया है. जहां कुटुमसर गुफा एक बार फिर एशिया के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी पहचान मजबूत करती नजर आ रही है.नेशनल हाइवे 30 से कांगेर वैली की ओपन जिप्सी में सवार होकर घने जंगलों में कई किलोमीटर सफर करके पर्यटक गुफा तक आ रहे हैं. नए साल में कुटुमसर गुफा और उस गुफा का दीदार करने पहुंच रहे लोगों से ईटीवी भारत की टीम ने एक्सक्लुसिव बातचीत की है. साथ ही गुफा के भीतर के रहस्यों को भी जाना है.

kutumsar gufa
टॉर्च की रोशनी में चमक उठती है गुफा (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

पर्यटकों ने बताया अपना अनुभव

कुटुमसर गुफा घूमकर आ रहे पर्यटकों का कहना है कि उन्होंने पूरे विशालकाय गुफा को करीब से देखा, उसके बारे में जानकारियां ली. गुफा के अंदर मौजूद अंधी मछलियों और चूना पत्थर से बनी आकृतियों को भी देखा. मौजूदा समय में चूना पत्थर की आकृतियों में मनुष्यों के आवागमन के कारण कालापन आआ है, लेकिन उसके बाद भी गुफा काफी खूबसूरत है.

Kutumsar cave is famous for blind fishes
अंधी मछलियों के लिए प्रसिद्ध है कुटुमसर गुफा (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

प्राकृतिक तौर पर बनी गुफा काफी आकर्षक है. इसके साथ ही गुफा के भीतर एक और गुफा नजर आई लेकिन उसे पर्यटकों के लिए नहीं खोला गया है. गुफा के प्रवेश द्वार में थोड़ी कठिनाई हुई, जिसके बाद आसानी से पूरे गुफा को एक्सप्लोर किया गया. गुफा के आखिरी छोर को भी देखा- पर्यटक

प्रकृति का असली मतलब है बस्तर

गुफा से बाहर आए पर्यटकों ने ईटीवी भारत को बताया कि इसके साथ ही गुफा में प्रकृति ने अपने कई निशान छोड़े हैं. बाढ़ की वजह से गुंबद, आंखें, शंख, टाइटैनिक जहाज जैसे आकर बने हुए हैं. जो काफी अच्छा है. पर्यटकों ने यह भी बताया कि अपने परिवार के लोगों से बस्तर के बारे में सुना था, आज उसे देखने का मौका मिला है. बस्तर का वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता काफी अच्छी है. आने वाले समय में और भी लोगों को गुफा की जानकारी देकर दोबारा बस्तर का रुख करेंगे, क्योंकि प्रकृति का असली मतलब बस्तर ही है.

blind fish center of attraction
अंधी मछलियां आकर्षण का केंद्र (ETV BHARAT CHHATTISGARH)


पर्यटकों ने स्वर्ग से की बस्तर की तुलना

गुफा के भीतर पर्यटकों ने बस्तर की तुलना स्वर्ग से की और कहा कि बस्तर जैसा सौंदर्य कहीं दूसरी जगह देखने को नहीं मिलता है. इस कारण नए साल की शुरुआत करने के लिए बस्तर आए हैं. कुटुमसर गुफा काफी सुंदर है, चमकते पत्थर काफी आकर्षक हैं. गुफा के गाइड सोमरथ कश्यप ने बताया कि गुफा के भीतर एक नई गुफा की खोज जारी है,जिसमें सीढ़ी लगी हुई है. फिलहाल ये बंद है और पर्यटकों के लिए नहीं खोला गया है.

Glimpse of stalactite and stalactite
स्टेलेक्टाइट और स्टेलेक्माइट की झलक (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

नई गुफा में केवल स्वस्थ लोगों को ही जाने की अनुमति होगी. क्योंकि ऊपर की गुफा में ऑक्सीजन लेवल की कमी है. बुजुर्गों को इससे दूर रखा जाएगा. यह कब खुलेगी इसकी कोई जानकारी नहीं है. लेकिन एशिया के सबसे बड़े गुफाओं में शामिल कुटुमसर गुफा काफी सुंदर और प्राकृतिक गुफा है. इस गुफा से कोई छेड़छाड़ नहीं किया गया है - सोमनाथ कश्यप, गाइड कुटुमसर गुफा

limestone rock
चूना पत्थर से बनी चट्टान (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

गुफा का नहीं किया गया है आधुनिकीकरण

गुफा के गाइड सोमनाथ कश्यप ने बताया कि गुफा में मुख्य आकर्षण का केंद्र स्टेलेक्टाइट और स्टेलेक्माइट है. हालांकि मनुष्यों के बढ़ते दबाव के कारण इसमें कालापन आया है. नई गुफा में यह पत्थर काफी चमकीले हैं. भारत में केवल कुटुमसर गुफा में ही अंधी मछली देखने को मिलती है. भारत के अलग-अलग गुफाओं में गुफा को सुंदर बनाने के लिए एलईडी लाइट का इस्तेमाल और अन्य चीजों का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन कुटुमसर गुफा पूरी तरह से प्राकृतिक गुफा है. इस कारण पर्यटक बड़ी संख्या में गुफा देखने आते हैं.

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