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New Year 2026 : नए साल का 'सनातनी स्वागत', युवाओं को परंपरा से जोड़ना मकसद

अजमेर में भी अध्यात्म के साथ न्यू ईयर का वेलकम करने की पहल की गई है.

अजमेर में भजन क्लबिंग
अजमेर में भजन क्लबिंग (ETV Bharat Ajmer)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : January 1, 2026 at 9:45 AM IST

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Updated : January 1, 2026 at 11:05 AM IST

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अजमेर : देश और दुनिया में नए वर्ष का जश्न धूमधाम से मनाया जा रहा है. राजस्थान का हृदय अजमेर भी नए साल के जश्न को मनाने में कहीं पीछे नहीं है. यूं तो कई होटल, रेस्टोरेंट में न्यू ईयर पार्टी हुई है, लेकिन अजमेर में एक प्रतिष्ठित रेस्टोरेंट ने इस बार नए साल के जश्न को मनाने की अनूठी पहल की है. रेस्टोरेंट मालिक कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों से जुड़े हुए हैं. ऐसे में इस अनूठी पहल का मकसद भी लोगों को अपने धर्म और संस्कृति की जड़ों से जोड़कर रखना है. उनका यह प्रयास धर्म परायण लोगों को काफी रास आ रहा है. वहीं, कई युवा भी इस अनूठी पहल का हिस्सा बनकर डीजे के शोर को छोड़ मन को सुकून देने वाले अध्यात्म में ज्यादा खुश नजर आए और ईश वंदना के साथ नए साल स्वागत लोगों ने किया.

अपने-अपने अंदाज में नए साल का स्वागत और जश्न लोग मना रहे हैं. अजमेर जिले में बड़ी संख्या में न्यू ईयर पार्टियां हो रही हैं. डीजे के शोर में लोग खूब थिरके, लेकिन दूसरी ओर अजमेर के प्रतिष्ठित रेस्टोरेंट ने अनूठी पहल करके लोगों का दिल जीत लिया है. इस अनूठी पहल के गवाह बने लोगों से ईटीवी भारत ने जब बात की तो लोग काफी प्रभावित और खुश नजर आए. रेस्टोरेंट के मालिक कंवल प्रकाश किशनानी ने बताया कि रेस्टोरेंट में हर वर्ष 31 जनवरी को कार्यक्रम होते रहे हैं, लेकिन मन को कभी संतुष्टि नहीं मिली. वे सभी कार्यक्रम हमारी जमीन और संस्कृति से नहीं जुड़ रहे थे. मन में था कि नई और युवा पीढ़ी को सनातन से किस तरह जोड़ा जाए.

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उन्होंने बताया कि शिवरा संस्था के सहयोग से पहली बार न्यू ईयर पार्टी के तौर पर यह अनूठा कार्यक्रम आयोजित किया गया है. इस अनूठे कार्यक्रम का उद्देश्य भी यही है कि युवा नशे की ओर न जाए और सनातन से जुड़ सके. कुछ महानगरों में इस तरह का कार्यक्रम न्यू ईयर पार्टी पर हो रहे हैं तो अजमेर में भी अध्यात्म के साथ न्यू ईयर का वेलकम करने की यह पहल की गई है.

नई पीढ़ी को सनातन से जोड़ने की अनूठी पहल : सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश जैन ने कहा कि नए साल का स्वागत अनूठे अंदाज में पहली बार अजमेर में हो रहा है. यह कार्यक्रम लाजवाब है. यहां से उठकर जाने का मन नहीं कर रहा है. पाश्चात्य संस्कृति का यह दिन न्यू ईयर सेलिब्रेशन है, जिस तरह से इस अनूठे कार्यक्रम का आगाज हुआ है, निश्चित तौर पर यह युवाओं को जोड़ने में भी कारगर साबित होगा. अजमेर में सीआरपीएफ ग्रुप 1 में असिस्टेंट कमांडेंट मनोज बंबानी अपनी पत्नी सुमन बंबानी के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए. दोनों कार्यक्रम से काफी अभिभूत नजर आए. दोनों के चेहरे पर इस अनूठे कार्यक्रम में शामिल होने की खुशी झलक रही थी.

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सुमन बंबानी ने कहा कि यह कार्यक्रम सरहानीय है कि इस वंदना के साथ नए साल का आगाज हो रहा है. अमूमन लोग न्यू ईयर पार्टी में शामिल होते हैं, जहां मदिरा का सेवन भी होता है, लेकिन यह कार्यक्रम सनातन धर्म को आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है. नई पीढ़ी को सनातन धर्म की खूबियों से परिचित कराने और उन्हें जोड़ने की यह काफी अच्छी पहल है. सीआरपीएफ में असिस्टेंट कमांडेंट मनोज बंबानी बताते हैं कि यह कार्यक्रम काफी कारगर है लोगों को अपनी जड़ों से जोड़े रखने के लिए. इस कार्यक्रम से काफी अभिभूत हूं. सच्चाई यही है कि नई पीढ़ी को भी हम इस अध्यात्म की राह पर ले चलें ताकि वह सनातन से जुड़कर व्यसन से दूर रहें. यह कार्यक्रम नव वर्ष का सबसे बेहतरीन आगाज है. जिले में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में इस तरह के आयोजन अगले नव वर्ष पर भी होने चाहिए.

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अध्यात्म से भीतर का शोर होता है शांत : कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा भी शामिल हुए. वर्षा तीर्थानी ने कहा कि युवाओं का झुकाव अध्यात्म की ओर काफी बड़ा है. मथुरा वृंदावन में बड़ी संख्या में युवा दर्शनों के लिए गए है. स्वामी प्रेमानंद को भी युवा सुनते और उनकी बातों का अनुसरण भी करते हैं. नव वर्ष पर भजन क्लबिंग एक बेहतरीन उदाहरण है. नव वर्ष की पार्टी की ही तरह है भजन क्लबिंग का आयोजन पहली बार अजमेर में हुआ है और मुझे पूरी उम्मीद है कि भविष्य में यह और भी ज्यादा प्रमोट होगा. शोर शराबा, नाच गाना और नशा यह न्यू ईयर पार्टी का हिस्सा है, लेकिन भजन क्लबिंग के जरिए अंदर के शोर को कम करने का यह प्रयास है. आज के दौर में लोग तनाव में ज्यादा रहते हैं. ऐसे में भजन क्लबिंग उनके लिए काफी बेहतर है.

Last Updated : January 1, 2026 at 11:05 AM IST