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गोरखपुर में नए वार्डों को मिलेगा शुद्ध जल; 44 करोड़ की योजना पर सीएम योगी की मोहर

नगर निगम की सीमा विस्तार के बाद शामिल किए गए थे 37 गांव.

गोरखपुर में नए वार्डों को मिलेगा शुद्ध जल.
गोरखपुर में नए वार्डों को मिलेगा शुद्ध जल. (Photo Credit; ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : February 27, 2026 at 7:56 PM IST

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गोरखपुर: वर्ष 2020 के बाद गोरखपुर नगर निगम की सीमा का विस्तार जो शासन ने किया, उसमें जिले के 37 गांवों को शामिल किया गया. इसमें कुल दस वार्ड बनाए गए. शहरीकरण की सुविधाओं को जमीन पर उतराने की तैयारी में सड़क, नाली के निर्माण तो कई वार्डों में हो रहे हैं, लेकिन शुद्ध पेयजल को लेकर कोई ठोस पहल नहीं हो पाई थी. अब नगर निगम 44 करोड़ खर्च कर वाटर सप्लाई की योजना को अमली जामा पहनाने जा रहा है. इसके तैयार प्रोजेक्ट और प्रस्ताव पर शासन स्तर से यानी की मुख्यमंत्री ने भी मोहर लगा दी है.

मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना के तहत नगर निगम ने अपने बजट में इस योजना को जमीन पर उतारने का संकल्प दिखाया है, जिसके तहत लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा. इसके अलावा सड़क, नाली के भी विकास कार्य होते रहेंगे.

इस संबंध में अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा ने बताया कि कि नए वार्डों के लिए बजट का प्रावधान न केवल वहां की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने बनाने का प्रयास है बल्कि, निगम अपनी घोषणा को पूरी करने का भी संकल्प सिद्ध करेगा. जिन गांवों को नगर निगम की सीमा में शामिल करते हुए नए वार्ड बनाए गए थे, वहां शहरीकरण की सुविधा उपलब्ध हो, तभी गांव का नए वार्ड के स्वरूप में बदलना सार्थक सिद्ध होगा.

उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में इन वार्डों को नगर निगम में शामिल करने की वजह से संख्या 70 से बढ़कर 80 हो गई. निगम का चुनाव हुआ और यहां पर पार्षद निर्वाचित हुए. पार्षद वरीयता के क्रम में जो बजट निर्धारित होता था, उससे कुछ सीमित क्षेत्र का ही विकास हो पा रहा था. अभी नगर निगम ने 70 लाख रुपए पार्षद वरीयता का बजट तय किया है. इसके तहत भी नए वार्डों का विकास होगा. लेकिन जो 44 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, यह समग्र रूप से सभी 10 वार्डों में मुख्य रूप से शुद्ध पेयजल की योजना पर केंद्रित है. यदि कहीं विशेष रूप से सड़क और नाली निर्माण की आवश्यकता पड़ेगी तो बजट का कुछ हिस्सा उस पर भी खर्च किया जा सकता है.

अपर नगर आयुक्त ने कहा कि इन वार्डों के विकास के लिए मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना, राज्य वित्त और त्वरित आर्थिक विकास के बजट से विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है. नगर निगम के इस पंचवर्षीय कार्यकाल में विकास की रूपरेखा तय कर दी गई है. 10 वर्षों के भीतर ये वार्ड पूरी तरह से नगरी व्यवस्था से आच्छादित नजर आएंगे. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इच्छा के अनुसार ही नगर निगम सीमा का विस्तार हुआ. जिसमें 37 गांवों को शामिल किया गया, जो नगर निगम की सीमा से सटे हुए थे. थोड़ी सी पहल और सकारात्मक सोच के साथ बजट को व्यवस्थित करते हुए जब यहां की कार्य योजनाओं पर पैसा खर्च किया जाएगा तो यह वार्ड भी विकास की मुख्य धारा में जुड़ जाएंगे. नगर निगम यहीं पर कर रहा है.

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